NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
अपराध
भारत
राजनीति
बलिया: मुख्यमंत्री को नाम से डर लगता है और ज़िले वालों को अपराधियों से!
महिला सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की पहल ‘मिशन शक्ति’ कुछ काम करती नज़र नहीं आ रही है। प्रदेश के बलिया जिले में छेड़खानी का विरोध करने पर नाबालिग लड़की को जिंदा जलाने की कोशिश की गई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Nov 2020
बलिया: मुख्यमंत्री को नाम से डर लगता है और ज़िले वालों को अपराधियों से!

उत्तर प्रदेश का बलिया जिला एक बार फिर सुर्खियों में है। बड़े प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुए गोलीकांड के बाद अब एक नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ और फिर उसे घर में घुसकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई है। बच्ची की हालत फिलहाल गंभीर है और उसे इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया है। इस संबंध में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आपको मालूम है कि इसी बलिया के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक वर्चुअल संवाद कार्यक्रम में कहा था कि “अब तो बलिया का लेते ही डर लगता है”, बात हंसी में कही गई थी, लेकिन ये हंसी नहीं वास्तविकता है और ज़िले के रहने वालों को अपराधियों से डर लगता है।  

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना बलिया के दुबहुड़ थाना क्षेत्र की है। खबरों के अनुसार कोचिंग जा रही कक्षा 9वीं की छात्रा के साथ गांव के ही लड़के ने छेड़छाड़ की कोशिश की थी। छात्रा ने इसका विरोध किया था, जिसके चलते लड़के ने घर में घुसकर उसे जलाने की कोशिश की।

मीडिया में आई खबरों के अनुसार शुक्रवार 6 नवंबर और शनिवार 7 नवंबर की दरमियानी रात लड़की के घरवाले उस समय सदमे में आ गए जब उन्होंने लड़की के चीखने की आवाज सुनी। आवाज़ सुनकर जब परिवार वाले लड़की के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा की लड़की आग की लपटों के बीच जल रही है। पिता उसे बचाने के लिए गए, लेकिन वो भी आग में झुलस गए।

क्या कह रहा है पीड़ित परिवार?

लड़की के परिजनों का आरोप है कि गांव के पड़ोस में रहने वाला आरोपी छात्रा को कई दिनों से कोचिंग जाते समय परेशान करता था और उसकी बात न मानने पर छात्रा की जिंदगी बर्बाद करने की धमकी देता था। लेकिन इसके बावजूद लड़की जब लगातार छेड़खानी का विरोध करती रही तो उसने घर में घुसकर केरोसिन तेल डालकर आग लगा दी। इसके बाद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टर ने इलाज के बाद किशोरी को वाराणसी रेफर कर दिया।

स्थानीय न्यूज़ पोर्टल बलिया खबर  की रिपोर्ट के मुताबिक लड़की दलित है। पोर्टल ने दुबहर थाना एसएचओ अनिल चंद्र तिवारी के हवाले से लिखा है कि लड़की को उसके गांव के ही रहने वाले 21 वर्षीय युवक ने शुक्रवार की रात को आग लगा दी, जिसके बाद लड़की को बलिया के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति गंभीर होने के कारण उसे वाराणसी के एक अस्पताल में रेफर किया गया है।

एसएचओ तिवारी ने बताया कि लड़की के पिता की शिकायत पर, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोस्को) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस क्या कह रही है?

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसपी देवेंद्रनाथ ने मीडिया को बताया कि पिता ने गांव के ही एक युवक पर बेटी को जलाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में केस दर्ज कर आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। झुलसी किशोरी का इलाज वाराणसी में हो रहा है।

महिलाओं के खिलाफ हिंसा की अन्य घटनाएं

बता दें कि शनिवार को ही प्रदेश के झांसी के एरच थाना क्षेत्र में छेड़खानी से परेशान एक 11 वीं की छात्रा के जहर खाकर आत्महत्या करने की खबर भी सामने आई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी लड़के के परिजनों को हिरासत में ले लिया है जबकि आरोपी फरार है।

घटना के संबंध में पुलिस को छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें छात्रा ने पड़ोस में रहने वाले लड़के आकाश का नाम लिखकर उसे मौत का जिम्‍मेदार बताया है। छात्रा ने अपने परिवार से मौत का बदला लेने की भी अपील की है।

-इससे पहले यूपी के देवरिया में ऐसी ही घटना सामने आई थी। यहां पर भी एक लड़की से कथित तौर पर छेड़छाड़ हुई थी। जब उसके पिता ने इसका विरोध किया, तो आरोपी के परिवार ने पीट-पीटकर लड़की के पिता की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया था।

-इस माह की शुरुआत में फिरोजाबाद के गढ़ी दया गांव में कुछ लोगों ने छेड़छाड़ का विरोध करने पर महिला के ऊपर तेजाब फेंक दिया था। पीड़ित महिला को इलाज के लिए सरकारी ट्रामा सेंटर ले जाया गया। खबरों के मुताबिक  महिला का शरीर 23 प्रतिशत जल चुका है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को लेकर बीते दिनों मिशन शक्ति अभियान लॉन्च किया था। जिसे लेकर दावा किया गया था कि आने वाले दिनों में मिशन शक्ति मिशन सख्‍ती में बदल जाएगा, महिलाओं के खिलाफ हिंसा में कमी आएगी लेकिन राज्य सरकार की ये पहल भी कुछ काम करती नहीं नज़र आ रही है।  प्रदेश में नाबालिग बच्चियों और महिलाओं के साथ लगातार आपराधिक मामलों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। कानून व्यवस्था के नाम पर यूपी पुलिस के साथ-साथ योगी सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की इस साल जनवरी में आई सालाना रिपोर्ट कहती है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। देश में महिलाओं के ख़िलाफ़ 2018 में कुल 378,277 मामले हुए और अकेले यूपी में 59,445 मामले दर्ज किए गए। यानी देश के कुल महिलाओं के साथ किए गए अपराध का लगभग 15.8%।

इसके अलावा प्रदेश में कुल रेप  के 4,322 केस हुए। यानी हर दिन 11 से 12 रेप केस दर्ज हुए। ध्यान देने वाली बात ये है कि ये उन अपराधों पर तैयार की गई रिपोर्ट है जो थानों में दर्ज होते हैं। इन रिपोर्ट से कई ऐसे केस रह जाते हैं जिनकी थाने में कभी शिकायत ही दर्ज नहीं हो सकी। एनसीआरबी देश के गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

UttarPradesh
Ballia
Yogi Adityanath
yogi sarkar
Mission Shakti
crimes against women
Women Rights
violence against women
women safety
UP police
Minor girl case

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

ग्राउंड रिपोर्ट: ‘पापा टॉफी लेकर आएंगे......’ लखनऊ के सीवर लाइन में जान गँवाने वालों के परिवार की कहानी

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

यूपी चुनाव परिणाम: क्षेत्रीय OBC नेताओं पर भारी पड़ता केंद्रीय ओबीसी नेता? 

सोनी सोरी और बेला भाटिया: संघर्ष-ग्रस्त बस्तर में आदिवासियों-महिलाओं के लिए मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली योद्धा

यूपी चुनाव में दलित-पिछड़ों की ‘घर वापसी’, क्या भाजपा को देगी झटका?

यूपी चुनाव: पूर्वी क्षेत्र में विकल्पों की तलाश में दलित

यूपी : सत्ता में आरक्षित सीटों का इतिहास और नतीजों का खेल

यूपी: पुलिस हिरासत में कथित पिटाई से एक आदिवासी की मौत, सरकारी अपराध पर लगाम कब?

पड़ताल: पश्चिमी यूपी में दलितों के बीजेपी के ख़िलाफ़ वोट करने की है संभावना


बाकी खबरें

  • बिहार में बाढ़: पिछले 48 घंटों में पूर्वी चंपारण, भागलपुर में कई गांव डूबे, बहुत सारे लोग विस्थापित
    मोहम्मद इमरान खान
    बिहार में बाढ़: पिछले 48 घंटों में पूर्वी चंपारण, भागलपुर में कई गांव डूबे, बहुत सारे लोग विस्थापित
    04 Sep 2021
    गंडक, कोशी नदियों के उफ़ान से हुए कटाव ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है। कई परिवारों को अब भी सरकारी मदद का इंतजार है।
  • मध्य प्रदेश में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा की क्या है वजह?
    काशिफ़ काकवी
    मध्य प्रदेश में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा की क्या है वजह?
    04 Sep 2021
    पुलिस के मुताबिक़ मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में सितंबर 2020 से अब तक सांप्रदायिक हिंसा के 12 मामले सामने आ चुके हैं।
  • असम टी ट्राइब्स को फिर मिले अस्पष्ट वादे
    सबरंग इंडिया
    असम टी ट्राइब्स को फिर मिले अस्पष्ट वादे
    04 Sep 2021
    पांच घंटे चली बैठक के बाद भी चाय बागान कर्मियों की मांगों के अनुरूप टी ट्राइब्स को एसटी का दर्जा देने या दिहाड़ी मजदूरी बढ़ाने पर कोई प्रतिबद्धता नहीं नजर आई
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 42,618 नए मामले, 330 मरीज़ों की मौत
    04 Sep 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 1.23 फ़ीसदी यानी 4 लाख 5 हज़ार 681 हो गयी है।
  • अगर मुस्लिमों के भीतर भी जाति है तो इनकी आवाज़ जातिवार जनगणना की मांग में क्यों दब रही है?
    अजय कुमार
    अगर मुस्लिमों के भीतर भी जाति है तो इनकी आवाज़ जातिवार जनगणना की मांग में क्यों दब रही है?
    04 Sep 2021
    भारत में सामाजिक न्याय के विचार को ज़मीन पर उतारने के लिए अगर जातिवार जनगणना की ज़रूरत है तो गैर हिंदू धर्म खासतौर पर मुस्लिम समुदाय से जुड़े भीतरी भेदभाव की संरचना को जाने और अनजाने नज़रअंदाज़ करना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License