NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
चुनाव 2022
विधानसभा चुनाव
भारत
राजनीति
यूपी चुनाव, पांचवां चरण: दांव पर है कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा
यूपी चुनावों के पांचवें चरण में बड़े-बड़े नेताओं की सीट शामिल हैं, ऐसे में राजा भैया से लेकर पीएम पुनिया के बेटे तक की साख दांव पर है। अयोध्या, अमेठी और प्रयागराज की महत्वपूर्ण सीटों पर भी सभी की निगाहें हैं।
रवि शंकर दुबे
27 Feb 2022
यूपी चुनाव, पांचवां चरण:  दांव पर है कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा

राजनीतिक लिहाज़ से बात करें तो पांचवें चरण की ज्यादातर सीटों पर भाजपा का दबदबा रहा है। लेकिन पिछले पांच सालों में सड़कों से लेकर खेतों तक और संस्थानों से लेकर विधानसभा तक जिस तरह तमाम मुद्दे नाचे हैं, ऐसे में कौन किस पर भारी पड़ता है कहना मुश्किल है। बेरोज़गारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान, अपराधिकरण जैसे मुद्दों के बीच कुछ चेहरे और सीटें ऐसी हैं जहां बड़े-बड़े दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

जिसमें सबसे पहले नाम आता है उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का

उत्तर प्रदेश के कौशांबी ज़िले की सिराथू विधानसभा सर्वाधिक चर्चित सीटों में अपनी जगह रखती है। क्योंकि यहां से ख़ुद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य चुनावी मैदान में हैं। हालांकि मौर्य को इस बार बहुत बड़ी चुनौती पार पाना है, क्योंकि उनके सामने उन्हें अपना दल (कमेरावादी) और सपा गठबंधन की प्रत्याशी पल्लवी पटेल टक्कर दे रही हैं। जबकि कांग्रेस ने भी महिला प्रत्याशी सीमा देवी को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि बसपा के मुंसब अली उप मुख्यमंत्री से मुकाबले कर रहे हैं। आपको बता दे कि केशव प्रसाद मौर्य 2012 में पहली बार सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे और विधायक चुने गए थे।

कौशांबी की मंझनपुर सीट पर भी नज़र

भाजपा की सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज ने मंझनपुर विधानसभा सीट का पारा बढ़ा दिया है। यही कारण है कि ये सीट अब सपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गई है। इंद्रजीत के सामने भाजपा ने लाल बहादुर को चुनावी मैदान में उतारा है। आपको याद दिला दें कि पिछले चुनाव में भी सपा-भाजपा के यही दोनों प्रत्याशी आमने-सामने थे, तब लाल बहादुर ने इंद्रजीत को करारी शिकस्त दी थी, लेकिन इस बार हालात बदले से नज़र आ रहे हैं। वहीं इन दोनों के अलावा बसपा ने पेशे से डॉक्टर नीतू कन्नौजिया को उम्मीदवार बनाया है वहीं कांग्रेस ने मंझनपुर सीट से ही विधायक रहे दिवंगत ईश्वर शरण विद्यार्थी के बेटे कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष अरुण विद्यार्थी को टिकट दिया है।

नंद गोपाल नंदी की साख भी दांव पर

प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद संगमनगरी का नाम तो बदल गया लेकिन अगर चुनावी हालात बदल गए तो भाजपा के प्रत्याशी को इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है। इलाहाबाद से प्रयागराज बन चुके ज़िले की दक्षिणी विधानसभा सीट पर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी की साख भी दांव पर लगी है, जिनका मुकाबला सपा के रईस चंद शुक्ला से है।

अमेठी में संजय सिंह पर निगाहें

कभी कांग्रेस में संजय गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले महाराज संजय सिंह फिलहाल अब गांधी परिवार और अमेठी के रिश्तों को सिरे से ख़ारिज कर रहे हैं और लोगों से पूछ रहे हैं कि गांधी परिवार का अमेठी से क्या लेना-देना। दरअसल इस बार वो भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने भाजपा से आए आशीष शुक्ला को अपना प्रत्याशी बनाया है। भाजपा-कांग्रेस के टक्कर हो या न हो बसपा भी अपना ट्रंप कार्ड चलने की फिराक में है, बसपा ने ब्राह्मण-दलित वोटों की जुगलबंदी को समझते हुए रागिनी तिवारी को टिकट दिया है, जबकि सपा ने आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे गायत्री प्रजापति की पत्नी को टिकट दिया है।

रामपुर खास से कांग्रेस की आराधना मिश्रा मैदान में

प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट भी चुनावी केंद्र बनी हुई है, इस सीट से कांग्रेस विधान दल की नेता अराधना मिश्रा उर्फ मोना को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया है। जिनकी टक्कर में भाजपा ने दुबारा नागेश प्रताप सिंह उर्फ छोटे सरकार को टिकट दिया है।

कृष्णा पटेल के लिए भी प्रतिष्ठा की बात

प्रतापगढ़ की सदर विधानसभा सीट पर अनुप्रिया पटेल की मां और अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल चुनाव लड़ रही हैं, जिनके सामने भाजपा के राजेंद्र मौर्य प्रत्याशी हैं। तो वहीं बसपा से आशुतोष त्रिपाठी और कांग्रेस के डॉ. नीरज त्रिपाठी चुनावी मैदान में हैं।

दरियाबाद से सपा के अरविंद सिंह गोप की प्रतिष्ठा दांव पर

बाराबंकी जिले की दरियाबाद विधानसभा इस बार हॉट सीट बन चुकी है, यहां से सपा के दिग्गज नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे अरविंद सिंह गोप चुनाव मैदान मे हैं। इसी पर अरविंद सिंह गोप का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा विधायक और प्रत्याशी सतीश शर्मा से है।

कांग्रेस के तनुज पुनिया पर रहेंगी निगाहें

बाराबंकी जिले की वीवीआइपी सीट ज़ैदपुर विधानसभा में भी कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पी एल पुनिया के बेटे तनुज पुनिया की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। तनुज प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता हैं और ज़ैदपुर से मौजूदा प्रत्याशी भी हैं। यहां इनका मुकाबला सपा एमएलए और प्रत्याशी गौरव रावत और भाजपा के अम्बरीष रावत से है।

राजा भैया

राजा भैया यानी रघुराज प्रताप सिंह... प्रतापगढ़ ज़िले में नाम ही काफी है। ज़िले के कुंडा को इन्हीं का इलाका कहा जाता है, क्योंकि कुंडा विधानसभा सीट को भदरी राजघराने के राजकुमार राजा भैया 1993 से लगातार जीतते चले आ रहे हैं। हर बार निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं और बड़ी पार्टियों का समर्थन करते हैं। हालांकि इस बार राजा भैया के ही शागिर्द गुलशन यादव उन्हें चुनौती दे रहे हैं। गुलशन यादव को समाजवादी पार्टी ने टिकट दिया है, वहीं भाजपा से सिन्धुजा मिश्रा चुनावी मैदान में हैं तो बसपा के मुहम्मद फहीम ताल ठोक रहे हैं।

 

UP ELections 2022
Prayagraj
ayodhya
Yogi Adityanath

Related Stories

सियासत: अखिलेश ने क्यों तय किया सांसद की जगह विधायक रहना!

यूपी चुनाव नतीजे: कई सीटों पर 500 वोटों से भी कम रहा जीत-हार का अंतर

यूपी के नए राजनीतिक परिदृश्य में बसपा की बहुजन राजनीति का हाशिये पर चले जाना

यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !

यूपी चुनाव: कई दिग्गजों को देखना पड़ा हार का मुंह, डिप्टी सीएम तक नहीं बचा सके अपनी सीट

जनादेश—2022: वोटों में क्यों नहीं ट्रांसलेट हो पाया जनता का गुस्सा

जनादेश-2022: यूपी समेत चार राज्यों में बीजेपी की वापसी और पंजाब में आप की जीत के मायने

यूपी चुनाव: प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की वापसी

यूपी चुनाव: रुझानों में कौन कितना आगे?

यूपी चुनाव: इस बार किसकी सरकार?


बाकी खबरें

  • असद रिज़वी
    CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा
    06 May 2022
    न्यूज़क्लिक ने यूपी सरकार का नोटिस पाने वाले आंदोलनकारियों में से सदफ़ जाफ़र और दीपक मिश्रा उर्फ़ दीपक कबीर से बात की है।
  • नीलाम्बरन ए
    तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है
    06 May 2022
    रबर के गिरते दामों, केंद्र सरकार की श्रम एवं निर्यात नीतियों के चलते छोटे रबर बागानों में श्रमिक सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
  • दमयन्ती धर
    गुजरात: मेहसाणा कोर्ट ने विधायक जिग्नेश मेवानी और 11 अन्य लोगों को 2017 में ग़ैर-क़ानूनी सभा करने का दोषी ठहराया
    06 May 2022
    इस मामले में वह रैली शामिल है, जिसे ऊना में सरवैया परिवार के दलितों की सरेआम पिटाई की घटना के एक साल पूरा होने के मौक़े पर 2017 में बुलायी गयी थी।
  • लाल बहादुर सिंह
    यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती
    06 May 2022
    नज़रिया: ऐसा लगता है इस दौर की रणनीति के अनुरूप काम का नया बंटवारा है- नॉन-स्टेट एक्टर्स अपने नफ़रती अभियान में लगे रहेंगे, दूसरी ओर प्रशासन उन्हें एक सीमा से आगे नहीं जाने देगा ताकि योगी जी के '…
  • भाषा
    दिल्ली: केंद्र प्रशासनिक सेवा विवाद : न्यायालय ने मामला पांच सदस्यीय पीठ को सौंपा
    06 May 2022
    केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच इस बात को लेकर विवाद है कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक सेवाएं किसके नियंत्रण में रहेंगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License