NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
यूपी: नाबालिग लड़कियों के ख़िलाफ़ अपराध का बढ़ता ग्राफ, मथुरा में आठ साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या!
हाथरस, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी जैसे अनेकों मामले कई दिन राष्ट्रीय मीडिया में बने रहे, तगड़ा जन आक्रोश देखने को मिला, बावजूद इसके योगी राज में महिलाओं-बच्चियों की तस्वीर नहीं बदली।
सोनिया यादव
30 Nov 2020
stop rape
Image courtesy: Srishti Sharma/iStaunch

उत्तर प्रदेश का मथुरा जिला एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह मंदिर या मस्जिद नहीं बल्कि एक मासूम आठ साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या का मामला है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बच्ची के मुंह में उसके ही अंडरगार्मेंट्स ठूंस दिए थे जिसके कारण दम घुटने से बच्ची की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को कुछ सबूतों के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है।

हालांकि प्रदेश में नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार और फिर हत्या का ये मामला इक्का-दुक्का वारदातों में शामिल नहीं है। आए दिन कानून व्यवस्था से बेखौफ अपराधी राज्य में मासूमों और महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाते रहते हैं। हाथरस, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी जैसे मामले कई दिन राष्ट्रीय मीडिया में बने रहे बावजूद इसके योगी राज में महिलाओं- बच्चियों की तस्वीर नहीं बदली।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना मथुरा के वृंदावन कोतवाली क्षेत्र की है। 26 नवंबर की दोपहर आठ साल की बच्ची अपनी पड़ोस की महिला के साथ लकड़ी बीनने के लिए निकली। लेकिन लकड़ी बीनते समय ही वो गायब हो गई। बच्ची जब ढूंढने के बावजूद नहीं मली, तो शाम सात-साढ़े सात बजे के करीब मामले की शिकायत थाने में की गई।

अगले दिन जंगल से दयनीय स्थिति में उसका शव मिला। घटना के दूसरे दिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो उसमें रेप के बाद हत्या की पुष्टि हुई।

इसे भी पढ़ें: यूपी: नहीं लग रही अपराधियों पर लगाम, फिर एक नाबालिग छात्रा की हत्या

पुलिस का क्या कहना है?

स्थानीय एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि रमणरेती थाने क्षेत्र में सूचना मिली थी कि आठ साल की बच्ची पड़ोस की महिला के साथ जंगल में लकड़ी बीनने के लिए गई थी, पर वहीं से वो गायब हो गई।

थाना वृन्दावन क्षेत्रान्तर्गत चौकी रमणरेती क्षेत्र में 08 वर्षीय बालिका का शव मिलने पर वृन्दावन पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही जिसके सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा @GroverGauravIPS द्वारा दी गयी बाइट। @Uppolice @dgpup @WeUttarPradesh @News18UP pic.twitter.com/xyW38EA6uP

— MATHURA POLICE (@mathurapolice) November 27, 2020

एसएसपी के मुताबिक, शिकायत मिलने के तुरंत बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई थी। जांच के लिए सर्च ऑपरेशन भी शुरू किया गया था। पूरी रात तलाशने के बावजूद बच्ची का कुछ पता नहीं चल पाया था। बच्ची का शव 27 नवंबर की सुबह सात बजे गांव सुनरख और मल्टी लेवल पार्किंग के बीच स्थित जंगल से बरामद किया गया।

बच्ची का शव अर्धनग्न अवस्था में मिला

इस संबंध में सीओ ने बताया कि बच्ची का शव अर्धनग्न अवस्था में मिला था और मुंह में कपड़ा ठुंसा हुआ था। जिस जगह बच्ची का शव मिला था, वहां और आस-पास के क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इसके बाद पुलिस ने बच्ची के परिवार से और आस-पड़ोस से पूछताछ की थी। साथ ही एक संदिग्ध को भी हिरासत में लिया।

SSP-MTA @GroverGauravIPS के निर्देशन में थाना वृन्दावन पुलिस द्वारा किया गया सराहानीय कार्य।
दिनांक 26.11.2020 को थाना क्षेत्र वृन्दावन के गाँव सुनरख से नाबालिग अपहृता की दुराचार व हत्या कर शव को छिपाने वाले अभियुक्त को किया गिरफ्तार।@Uppolice @dgpup @CMOfficeUP @News18UP pic.twitter.com/XYoL0QUn6F

— MATHURA POLICE (@mathurapolice) November 28, 2020

मथुरा पुलिस ने संवाद न्यूज एजेंसी की कटिंग भी ट्वीट की है। इसके मुताबिक, आरोपी ने बच्ची के मुंह में उसके ही अंडरगार्मेंट्स भर दिए थे और दम घुटने से बच्ची की मौत हो गई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया?

एसपी सिटी उदय शंकर सिंह के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के रेप की बात सामने आई है।

पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच के लिए पांच टीमें बनाई गईं थी। छानबीन के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया था। उसके कपड़ों और शारीरिक परीक्षण से पता चला था कि घटना को इसी ने अंजाम दिया है।

डॉक्टर्स के अनुसार आरोपी के कपड़ों पर ब्लड स्पॉट मिले हैं और सीमेन के कुछ स्पॉट्स मिले हैं। और घटना स्थल पर जिस प्रकार की मिट्टी पाई गई थी, वही मिट्टी आरोपी के अंडरवीयर पर लगी हुई थी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी नशेड़ी टाइप का व्यक्ति है। उसे उस जंगल में पहले भी देखा जाता रहा है। बच्ची के साथ में उसके गांव के तीन लोग मौजूद थे। उनसे भी पुलिस ने पूछताछ की थी, तो उन्होंने भी आरोपी को जंगल में देखने की बात बताई थी और इन्हीं सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और उसे जेल भेज दिया।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार महिला सुरक्षा के नाम पर कथित लव जिहाद को रोकने के लिए मज़बूत कानून ले आई, एंटी रोमियो दल से लेकर मिशन शक्ति तक तमाम योजनाओं के दावे और वादे हुए बावजूद इसके प्रदेश में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ अपराध का ग्राफ लगातार तेज़ी से बढ़ता ही जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: सिर्फ बलरामपुर ही नहीं, हाथरस के बाद कई और दुष्कर्म, NHRC ने योगी सरकार को भेजा नोटिस

प्रदेश में महिला सुरक्षा का बुरा हाल

गौरतलब है कि महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता बताने वाली बीजेपी की योगी सरकार में नाबालिग और दलित लड़कियों को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। बीते दिनों एक के बाद एक बलात्कार और हत्या की घटनाओं ने रामराज पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की इस साल जनवरी में आई सालाना रिपोर्ट कहती है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। देश में महिलाओं के ख़िलाफ़ 2018 में कुल 378,277 मामले हुए और अकेले यूपी में 59,445 मामले दर्ज किए गए। यानी देश के कुल महिलाओं के साथ किए गए अपराध का लगभग 15.8%।

इसके अलावा प्रदेश में कुल रेप   के 4,322 केस हुए। यानी हर दिन 11 से 12 रेप केस दर्ज हुए। ध्यान देने वाली बात ये है कि ये उन अपराधों पर तैयार की गई रिपोर्ट है जो थानों में दर्ज होते हैं। इन रिपोर्ट से कई ऐसे केस रह जाते हैं जिनकी थाने में कभी शिकायत ही दर्ज नहीं हो सकी। एनसीआरबी देश के गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

सत्ता पक्ष के नेता खुलेआम आरोपियों का मनोबल बढ़ाते हैं!

‘लॉ एंड ऑर्डर बेहतर स्थिति में है और आगे भी बेहतर स्थिति में रहेगा' कहने वाले सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन तमाम घटनाओं के चलते कानून व्यवस्था के नाम पर नाकामी का आरोप झेल रहे हैं।

जानकारों के अनुसार प्रदेश में पुलिस प्रशासन का खौफ़ नहीं है। अपराधी लॉ एंड ऑर्डर की खुले-आम धज्जियां उड़ा रहे हैं और सरकार इसे बाहरी साजिश के नाम पर लीपा-पोती करने में लगी है। आए दिन सामने आ रही आपराधिक घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही तो वहीं दबंगों में क़ानून का भय ना के बराबर है। कई मामलों में तो सत्ता पक्ष के नेता खुलेआम आरोपियों के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं, जिससे उनका मनोबल और बढ़ता है। ऐसे में यह कहना बड़ा मुश्किल है कि अपराधियों में क़ानून का भय है और सीएम के रामराज के दावे में सच्चाई।

इसे भी पढ़ें: यूपी: लखीमपुर खीरी के बाद गोरखपुर में नाबालिग से बलात्कार, महिलाओं की सुरक्षा में विफल योगी सरकार!

UttarPradesh
CRIMES IN UP
minor girl raped
Women safety and security
crimes against women
violence against women
sexual crimes
rape case
Yogi Adityanath
UP police
Mathura rape case

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप


बाकी खबरें

  • sc
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पीएम सुरक्षा चूक मामले में पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में समिति गठित
    12 Jan 2022
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘‘सवालों को एकतरफा जांच पर नहीं छोड़ा जा सकता’’ और न्यायिक क्षेत्र के व्यक्ति द्वारा जांच की निगरानी करने की आवश्यकता है।
  • dharm sansad
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नफ़रत फैलाने वाले भाषण देने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
    12 Jan 2022
    पीठ ने याचिकाकर्ताओं को भविष्य में 'धर्म संसद' के आयोजन के खिलाफ स्थानीय प्राधिकरण को अभिवेदन देने की अनुमति दी।
  • राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    विजय विनीत
    राय-शुमारी: आरएसएस के निशाने पर भारत की समूची गैर-वैदिक विरासत!, बौद्ध और सिख समुदाय पर भी हमला
    12 Jan 2022
    "आरएसएस को असली तकलीफ़ यही है कि अशोक की परिकल्पना हिन्दू राष्ट्रवाद के खांचे में फिट नहीं बैठती है। अशोक का बौद्ध होना और बौद्ध धर्म धर्मावलंबियों का भारतीय महाद्वीप में और उससे बाहर भी प्रचार-…
  • Germany
    ओलिवर पाइपर
    जर्मनी की कोयला मुक्त होने की जद्दोजहद और एक आख़िरी किसान की लड़ाई
    12 Jan 2022
    पश्चिमी जर्मनी में एक गांव लुत्ज़ेराथ भूरे रंग के कोयला खनन के चलते गायब होने वाला है। इसलिए यहां रहने वाले सभी 90 लोगों को दूसरी जगह पर भेज दिया गया है। उनमें से केवल एक व्यक्ति एकार्ड्ट ह्यूकैम्प…
  • Hospital
    सरोजिनी बिष्ट
    लखनऊ: साढ़ामऊ अस्पताल को बना दिया कोविड अस्पताल, इलाज के लिए भटकते सामान्य मरीज़
    12 Jan 2022
    लखनऊ के साढ़ामऊ में स्थित सरकारी अस्पताल को पूरी तरह कोविड डेडिकेटेड कर दिया गया है। इसके चलते आसपास के सामान्य मरीज़ों, ख़ासकर गरीब ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। साथ ही इसी अस्पताल के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License