NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
यूपी : नहीं मिली सदफ़ ज़फ़र को ज़मानत, पुलिस पर मारने-पीटने का आरोप
सदफ़ ज़फ़र की गिरफ़्तारी उस समय हुई जब वह एक विरोध प्रदर्शन के बाद हुए उपद्रव का फेसबुक लाइव कर रही थीं। अब उन पर दंगा भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत 14 धाराएं लगा दी गई हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Dec 2019
sadaf jafar

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 19 दिसंबर को हुए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतरे थे। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता सदफ़ ज़फ़र भी शामिल थीं। पुलिस ने उन्हें परिवर्तन चौक से हिरासत में लिया, फिर गिरफ़्तारी हुई और उन्हें जेल भेज दिया गया।

सदफ़ ज़फ़र ने वकील के जरिये जिला सत्र न्यायालय में ज़मानत याचिका दाखिल की थी। जिस पर 23 दिसंबर सोमवार को सेशन कोर्ट में सुनवाई हुई। सदफ़ ने अपनी ज़मानत याचिका में कहा था कि वह निर्दोष हैं और उन्होंने कोई जुर्म नहीं किया है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुदेश कुमार ने सदफ़ की ज़मानत याचिका यह कहते हुए नामंजूर कर दी कि उन पर लगे आरोप बेहद गम्भीर हैं, लिहाजा उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।

गौरतलब है कि सदफ़ ज़फ़र की गिरफ़्तारी उस समय हुई जब वह इस प्रोटेस्ट के बाद हुए उपद्रव का फेसबुक लाइव कर रही थीं। अब उन पर दंगा भड़काने, पब्लिक प्राॅपर्टी को नुकसान पहुंचाने समेत 14 धाराएं लगा दी गई हैं।

समाचार एजेंसी भाषा की खबर के अनुसार, सदफ़ का आरोप है कि उन्होंने झोले में पत्थर भरकर लाए 15-20 लड़कों की पुलिस से शिकायत की थी मगर पुलिसकर्मियों ने उन अराजक तत्वों को पकड़ने के बजाय खुद उन्हीं को बुरी तरह मारा-पीटा।

सदफ़ की बहन नाहिद वर्मा ने एक फेसबुक पोस्ट जारी किया, जिसमें सदफ़ के 19 दिसंबर से गायब होने की सूचना दी है। नाहिद ने कहा कि पुलिस ने सदफ़ के हाथ और पैरों पर लाठियां बरसाईं। उनके पेट पर लातें मारी हैं, जिससे उन्हें इंटरनल ब्लीडिंग होने लगी। नाहिद ने आगे बताया कि वे सदफ़ से मिलने जेल गई थीं और उनकी ज़मानत की कोशिश कर रही हैं।

बता दें कि सदफ़ एक सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ फिल्म कलाकार भी हैं। वो कांग्रेस पार्टी से भी जुड़ी हुई हैं। फिल्म मेकर मीरा नायर और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी उनकी जल्द रिहाई की मांग उठा चुकी हैं। सोमवार को ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने सदफ़ ज़फ़र से मुलाकात भी की थी।

इस दौरान अजय कुमार ने कहा था कि सदफ़ के साथ रूह कंपा देने वाली पुलिसिया बर्बरता हुई है। उनको पुरुष पुलिस वालों ने बर्बर तरीके से मारा है। उनके पेट में पुलिस ने बंदूक के बट से मारा है। राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह का अमानवीय और दिल दहला देने वाला उत्पीड़न हुआ है।

इसे भी पढ़े:क्या यूपी पुलिस नाकामी छिपाने के लिए छात्रों, पत्रकारों, एक्टविस्ट को निशाना बना रही है?

CAA
NRC Process
NRC CAA protest
UP police
journalist
Activists
Mira Niar
PRIYANKA GANDHI VADRA
Retired IPS officer SR Darapuri
Citizenship Amendment Act
Sadaf Jafar

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

बलिया: पत्रकारों की रिहाई के लिए आंदोलन तेज़, कलेक्ट्रेट घेरने आज़मगढ़-बनारस तक से पहुंचे पत्रकार व समाजसेवी

पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन

पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

'यूपी मांगे रोज़गार अभियान' के तहत लखनऊ पहुंचे युवाओं पर योगी की पुलिस का टूटा क़हर, हुई गिरफ़्तारियां


बाकी खबरें

  • loksabha
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संसद में चर्चा होना देशहित में- मोदी, लेकिन कृषि क़ानून निरस्त करने का बिल बिना चर्चा के ही पास!
    29 Nov 2021
    सरकार की कथनी-करनी का फ़र्क़ एक बार फिर तुरंत देश के सामने आ गया। आज सुबह संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से कहा कि संसद में चर्चा होना देशहित में है और सरकार हर सवाल का जवाब…
  • TN
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु इस सप्ताह: राज्य सरकार ने सस्ते दामों पर बेचे टमाटर, श्रमिकों ने किसानों के प्रति दिखाई एकजुटता 
    29 Nov 2021
    इस सप्ताह, तमिलनाडु ने 52,549 करोड़ रूपये की 82 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए सभी क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इसके साथ ही सरकार ने थूथुकड़ी, नागापट्टिनम और…
  • alok dhanwa
    अनिल अंशुमन
    ‘जनता का आदमी’ के नाम ‘जनकवि नागार्जुन स्मृति सम्मान’: नए तेवर के कवि आलोक धन्वा हुए सम्मानित
    29 Nov 2021
    यह सम्मान 2020 में ही दिल्ली में नागार्जुन जी के स्मृति दिवस पर दिया जाना था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसलिए महामारी प्रकोप के कम होते ही यह सम्मान आलोक धन्वा के प्रिय शहर…
  • Assam
    संदीपन तालुकदार
    असम: नागांव ज़िले में स्वास्थ्य ढांचा उपलब्ध होने के बावजूद कोविड मरीज़ों को स्थानांतरित किया गया
    29 Nov 2021
    महामारी ने स्वास्थ्य सुविधा संकट की परतें खोलकर रख दी हैं और बताया कि कैसे एम्स की सुविधा होने पर नागांव बेहतर तरीक़े से महामारी का सामना कर सकता था।
  • Bahgul River
    तारिक़ अनवर
    यूपी के इस गाँव के लोग हर साल बांध बना कर तोड़ते हैं, जानिए क्यों?
    29 Nov 2021
    हालांकि सरकार ने पिछले साल एक स्थायी जलाशय बनाने के लिए 57.46 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की थी, लेकिन इस परियोजना को अभी तक अमल में नहीं लाया गया है और इस साल भी मिट्टी से बांध बनाने की प्रक्रिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License