NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी चुनाव:  बीजेपी को नहीं पचा अखिलेश का ‘अन्न संकल्प’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किसानों के वोट साधने के लिए अन्न संकल्प लिया है, और किसानों से कई वादे किए हैं। जिसके बाद बीजेपी भी अखिलेश यादव पर हमलावर हो गई।
रवि शंकर दुबे
17 Jan 2022
akhilesh

उत्तर प्रदेश चुनावों में इस बार किसान बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं, यही कारण हैं कि हर सियासी दल किसानों को अपनी-अपनी तरह से साधने में जुटा हुआ है।

किसान आंदोलन और लखीमपुर-खीरी हिंसा के बाद जहां किसानों का बड़ा तबका भारतीय जनता पार्टी से नाराज़ है, तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी इसका पूरा फायदा उठाना चाहते हैं। इसी कड़ी में अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और ‘अन्न संकल्प’ लिया। इस दौरान अखिलेश के साथ तेजिंदर बिर्क भी मौजूद रहे। तेजिंदर बिर्क वहीं शख्स हैं जो लखीमपुर खीरी हिंसा के वक्त गाड़ी की चपेट में आकर घायल हो गए थे। आरोप है कि तेजिंदर पर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश गई थी।

हम ‘अन्न संकल्प’ लेते हैं कि जिन्होंने किसानों पर अत्याचार और अन्याय किया है उस भाजपा को हराएँगे-हटाएँगे

‘लखीमपुर के किसानों की शहादत’ को याद करते हुए हम उप्र के हर किसान और आम मतदाता से अपील करते हैं कि वो भाजपा को हराने के लिए ‘अन्न संकल्प’ लें! #बाइस_में_बाइसिकल pic.twitter.com/8JNbSmGB5q

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 17, 2022

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव, तेजिंदर बिर्क और अन्य सपा कार्यकर्ताओं ने हाथ में गेहूं और चावल लेकर संकल्प लिया और लोगों से बीजेपी को हटाने की अपील की। इस दौरान अखिलेश के साथ कार्यकर्ताओं ने संकल्प को दोहराते हुए कहा- ‘हम सभी संकल्प लेते हैं कि किसानों पर अन्याय करने वालों को हराएंगे और हटाएंगे।’  

संकल्प लेने के बाद अखिलेश यादव ने किसानों के लिए कई वादे भी किए। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार आने पर सभी किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली और ब्याज़ मुक्त लोन दिया जाएगा।

अखिलेश ने कहा कि सपा अपने घोषणा पत्र में सभी फसलों के लिए एमएसपी और गन्ना किसानों को 15 दिन में भुगतान सुनिश्चित करेगी। 300 यूनिट फ्री बिजली देने का संकल्प पूरा किया जाएगा। साथ ही अखिलेश ने कहा कि सपा का घोषणा पत्र बीजेपी के घोषणापत्र के बाद जारी किया जाएगा।

वहीं अखिलेश के ‘अन्न संकल्प’ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तंज कसा उन्होंने ट्वीट कर कहा कि- दंगाइयों, अपराधियों और आतंकवादियों का हाथ थामने वाले लोग आज 'अन्न' को हाथ में लेकर अन्नदाता के हितचिंतक होने का स्वांग कर रहे हैं। प्रदेश जानता है कि प्रतिकूल मौसम से अधिक इनके शासनकाल में हुए दंगों ने ही किसानों को हानि पहुंचाई है।

ये तो सिर्फ 'जिन्ना प्रेमी' हैं...  

दंगाइयों, अपराधियों और आतंकवादियों का हाथ थामने वाले लोग आज 'अन्न' को हाथ में लेकर अन्नदाता के हितचिंतक होने का स्वांग कर रहे हैं।

प्रदेश जानता है कि प्रतिकूल मौसम से अधिक इनके शासनकाल में हुए दंगों ने ही किसानों को हानि पहुंचाई है।

ये तो सिर्फ 'जिन्ना प्रेमी' हैं...

— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 17, 2022

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भी अखिलेश यादव पर ट्वीट के जरिए हमला बोला, उन्होंने ट्वीट किया कि- हाथ में ‘गन’ लेकर घूमने वाले आज हाथ में ‘अन्न’ लेकर किसान हितैषी बनने का ढोंग कर रहे है… इनके सपा शासन में हमारे किसान भाई रात को अपने खेत पर जाने से भी घबराते थे!

हाथ में ‘गन’ लेकर घूमने वाले आज हाथ में ‘अन्न’ लेकर किसान हितैषी बनने का ढोंग कर रहे है…इनके सपा शासन में हमारे किसान भाई रात को अपने खेत पर जाने से भी घबराते थे!

— Swatantra Dev Singh (@swatantrabjp) January 17, 2022

 इतना तो तय है कि इस बार के चुनावों में किसान वोटर अपने मतदान की ताकत ज़रूर दिखाएगा, देखने वाली बात ये होगी कि इसमें लखीमपुर-खीरी और किसान आंदोलन का कितना असर होता है।

Uttar pradesh
UP Assembly Elections 2022
AKHILESH YADAV
Yogi Adityanath
Ann Sankalp

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License