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चुनाव 2022
भारत
राजनीति
भाजपा ने जारी किया ‘संकल्प पत्र’: पुराने वादे भुलाकर नए वादों की लिस्ट पकड़ाई
पहले दौर के मतदान से दो दिन पहले भाजपा ने यूपी में अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। साल 2017 में जारी अपने घोषणा पत्र में किए हुए ज्यादातर वादों को पार्टी धरातल पर नहीं उतार सकी, जिनमें कुछ वादे तो ऐसे हैं जिन्हें पूरा तरह से भुला दिया गया।
रवि शंकर दुबे
08 Feb 2022
BJP Manifesto

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आजकल अपने हर भाषण में विपक्षियों के लिए एक लाइन का खूब जिक्र कर रहे हैं, कि ‘सिर्फ लिफाफे नए हैं माल वही है’। लेकिन ये बात विपक्षियों से ज्यादा खुद भारतीय जनता पार्टी पर ज्यादा लागू होती है, क्योंकि साल 2017 में जिस तरह वादों की हवा बनाकर सत्ता में आए थे, कुछ उसी तरह की हवा इस बार भी बनाने की कोशिश की जा रही है।

आपको बताते चलें की साल 2017 में जारी अपने घोषणा पत्र में किए हुए ज्यादातर वादों को भारतीय जनता पार्टी धरातल पर नहीं उतार सकी, जिनमें कुछ वादे तो ऐसे हैं जिन्हें पूरा तरह से भुला दिया गया।

वे वादे, जो भुला दिए गए

  • सभी कॉलेजों में मुफ्त वाईफाई देगी सरकार।
  • संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना होगी।
  • 6 छोटे शहरों में हेलीकॉप्टर की सेवा शुरू करेंगे।

ये तीन वो वादें हैं, जिनका भारतीय जनता पार्टी ने बंपर प्रचार किया था, लेकिन पांच साल के बाद भी इनका कहीं जिक्र नहीं है। एक बार फिर 2022 चुनावो के लिए भाजपा ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है।

‘संकल्प पत्र 2022’ में भाजपा के वादे

  • सभी किसानों को अगले पांच साल तक सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली दी जाएगी
  • भामाशाह भाव नियंत्रण कोष बनाकर आलू जैसी फसलों पर न्यूनतम मूल्य दिलाया जाएगा
  • कॉलेज जाने वाली मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी
  • लव जिहाद के खिलाफ 10 साल की सजा और 1 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा
  • गरीब लड़कियों की शादी के लिए 1 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा
  • सभी तरह की नौकरियों में महिलाओं की संख्या को दोगुना किया जाएगा
  • प्रदेश के सभी प्राथमिक स्कूलों में मेज कुर्सी की व्यवस्था को सुनिश्चित करा जाएगा
  • युवाओं को अगले 5 साल में दो करोड़ टेबलेट दी जाएगी
  • सरकारी खेल अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी खिलाड़ियों को मुफ्त की स्पोर्ट्स किट देने का वादा किया गया है
  • झांसी, बरेली, प्रयागराज व काशी में मेट्रो परियोजना को लागू करेंगे
  • दिव्यांग वृद्धावस्था पेंशन को एक हजार से बढ़ाकर 1500 किया जाएगा
  • अयोध्या में बनाया जाएगा श्री राम सांस्कृतिक विश्वविद्यालय
  • अभी ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों को आयुष्मान योजना के तहत 500000 का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा
  • सभी प्रमुख स्थानों पर महिला सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे
  • कॉलेजों के बाहर और शैक्षणिक संस्थानों के बाहर भी कैमरे लगेंगे
  • प्रदेश में 3000 पिंक पुलिस बूथ स्थापित किए जाएंगे
  • गन्ना किसानों को 14 दिन में मिलेगा भुगतान, भुगतान में देर होने पर चीनी मीलों से ब्याज लेकर गन्ना किसानों को ब्याज का भी भुगतान किया जाएगा।

गन्ना किसानों से यह वादा पिछली बार भी किया गया था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हुआ। किसानों का कहना है कि 14 दिन तो छोड़िए उनका पिछले साल का भी बकाया भुगतान आज तक नहीं हो सका है।

  • बुजुर्ग पुरोहितों और पुजारियों के लिए कल्याण बोर्ड की स्थापना की जाएगी
  • हिंदी अवधी बृजवासी भोजपुरी में भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्में बनाने पर 20000000 तक का अनुदान दिया जाएगा
  • मुफ्त ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण भी दिया जाएगा
  • यूपी रोडवेज की सभी बसों में पैनिक बटन की सुविधा दी जाएगी
  • 2024 तक हर घर में नल से जल की व्यवस्था करने का दावा भाजपा ने किया है
  • देश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में रोडवेज का बस अड्डा बनाया जाएगा
  • गांवों को शत-प्रतिशत इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा
  • 60 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को यात्रा मुफ्त की जाएगी
  • 5000 करोड़ की लागत से अवंती बाई लोधी स्वयं सहायता समूह शुरू किया जाएगा, जिसके जरिए 10000000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा उनको 100000 तक का लोन उपलब्ध कराया जाएगा
  • उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में एंटी करप्शन यूनिट की स्थापना की जाएगी
  • उत्तर प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में आईटीआई की स्थापना की जाएगी
  • मेरठ में सूबेदार धन सिंह गुर्जर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर भी शुरू किया जाएगा
  • हर जिले स्तर पर अन्नपूर्णा कैंटीन बनेगी जो कि न्यूनतम दरों पर गरीबों को भोजन उपलब्ध कराएगी
  • संत रविदास मिशन के अंतर्गत अनुसूचित जाति के बालक और बालिकाओं के लिए आश्रम पद्धति के विद्यालयों की स्थापना की जाएगी
  • निर्माण श्रमिकों के बच्चों को स्नातक स्तर तक फ्री शिक्षा की व्यवस्था होगी
  • सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना अनुसूचित जाति और जनजाति के महापुरुषों के नाम पर होगी
  • लता मंगेशकर परफॉर्मिंग आर्ट्स सेंटर की स्थापना की जाएगी

भारतीय जनता पार्टी ने जनता को विश्वास दिलाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में अपना संकल्प पत्र जारी किया। यूपी के सीएम योगी आदित्यानाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। इस घोषणा पत्र के साथ बीजेपी ने 'कर के दिखाया है'  नाम से नया चुनावी गाना भी लॉन्च किया। इसमें ‘करके दिखाएगी, बीजेपी आएगी’ भी लाइन है।

बीजेपी ने मेनिफेस्टो में लव जिहाद का मुद्दा भी रखा है। पार्टी ने महिलाओं के लिए अपने वादों पर नारा दिया है- 'सशक्त होगी नारी, कंधे से कंधा मिलाएगी भाजपा फिर से जो कहेगी, कर के दिखाएगी। भाजपा के इस घोषणा पत्र में हैरान करने वाली बात ये है कि एक बार फिर कुछ ऐसे वादे दोहराए गए हैं जिन्हें भाजपा अपने पिछले पांच सालों के कार्यकाल में पूरे नहीं कर पाई थी। कुछ ऐसे महत्वपूर्ण वादों पर नज़र डाल लेते हैं जो अभी तक सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित हैं।

  • पहली कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 86 लाख किसानों का 36 हज़ार करोड़ कर्ज़ माफ करने का वादा था, लेकिन 2017 से 2020 तक यूपी में सिर्फ 45 लाख 24 हज़ार 144 किसानों का कर्ज़ माफ हुआ था।
  • किसान कल्याण मिशन के अंतर्गत मुख्यमंत्री सिंचाई फंड की शुरुआत करने का वादा किया गया था, जिसका आगाज़ सरकार के आखिरी साल में किया गया।
  • सूबे में 6 एम्स बनाए जाने का वादा था, लेकिन अभी तक महज़ एक एम्स गोरखपुर में बनकर तैयार हुआ है।
  • युवाओं को लैपटॉप के साथ 1 जीबी इंटरनेट देने का वादा किया गया था, भाजपा का ये संकल्प भी अधूरा ही रह गया। हालांकि सरकार के आखिरी साल में इस वादों को पूरा करने की कोशिश की गई लेकिन महज़ 1 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन ही दिए जा सके, इंटरनेट का इंतज़ार अब भी है।
  • सरकार बनने के बाद कानपुर, झांसी, इलाहाबाद में फौरन मेट्रो सेवा शुरू करने का वादा था, लखनऊ में मेट्रो विस्तार का वादा था, लेकिन कानपुर में सरकार के आखिरी साल में मेट्रो की शुरआत हो पाई तो लखनऊ में अब भी एक ही लाइन पर मेट्रो चल रही है।

भाजपा द्वारा पूरे किए गए वादों की तुलना में अधूरे वादों की फ़हरिस्त ज़रा लंबी है, लेकिन कुछ और महत्वपूर्ण अधूरे वादों पर नज़र डालेंगे जो पूरे पांच साल तक मुद्दा बने रहे हैं, लेकिन सरकार को इससे को फर्क नहीं पड़ा।

  •  भाजपा सरकार ने यूपी में 5 लाख युवाओं को रोज़गार देने का वादा किया था, साथ ही प्रदेश के युवाओं को प्रदेश में रोज़गार का वादा था, लेकिन भाजपा का ही रिपोर्ट कार्ड बताता है कि सिर्फ 4 लाख 65 हज़ार युवाओं को ही नौकरी मिली है। हालांकि जिस तरह से युवाओं ने सड़कों पर लाठियां खाई हैं भाजपा के इस रिपोर्ट कार्ड पर भी यकीन करना बेकार है।
  •  महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर जिले में एंटी रोमियो दल और 101 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का वादा था लेकिन योगी सरकार की पुलिस ने पार्कों में सहमति से बैठे लोगों पर ही लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। उत्पीड़न करने का आरोप लगने लगा। और हर दिन लड़कियों पर अत्याचारों की घटनाएं बढ़ीं।
  •  भाजपा ने 2017 के मेनिफेस्टो में आलू-प्याज और लहसुन को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP के अंतर्गत लाने का वादा किया था, साथ ही किसानों को फसल मूल्य दिलाने के लिए सभी अनाज और सब्जी मंडियों को ई-मंडियों को भी बदलने का वादा किया था। लेकिन अभी तक महाराज मुख्यमंत्री ने MSP शब्द का जिक्र तक नहीं किया है। लहसुन पर MSP कैसे तय होगी? फॉर्मूला क्या होगा? कौन सी सब्जियां शामिल होगी और उनकी कैसे खरीदारी होगी? अब तक कुछ पता नहीं।
  •  योगी सरकार को ई-मंडी वादे की याद 4 साल बाद आई। वो भी तब, जब कोरोना ने मंडियां बंद करा दीं। सरकार ने ई-मंडी और ई-गवर्नेस का कॉन्सेप्ट दिया। लेकिन पोर्टल हर दूसरे दिन डाउन ही र‌हता है। बार-बार मैसेज आता है कि टेक्निकल चेन्ज हो गया है। अपनी जानकारी फिर से भरिए। अब लोगों ने भरना बंद ही कर दिया है।

चुनाव आते-आते भाजपा ‘फर्क साफ है’ का नारा लेकर ज़रूर आई है, लेकिन जनता के सामने उसके पहले वाले वादों और अभी के वादों में फर्क करना बहुत ज़्यादा मुश्किल हो गया है।  

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