NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी चुनावः कानपुर में बांटे जा रहे पर्चे में लव जिहाद, धर्मांतरण और पलायन जैसे विवादित मुद्दे
इस तरह के पर्चे लोगों के घर अखबार और अन्य माध्यम से पहुंच रहे हैं। ऐसे पर्चे सार्वजनिक होने के बाद सभी दल एक दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि ऐसे भड़काऊ पर्चे बांटकर ध्रुवीकरण को हवा दी जा रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Feb 2022
UP Pamphlet

यूपी विधानसभा चुनावों के लिए पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होगा। इसको लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। सभी दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। लेकिन इस बीच यूपी के कानपुर में एक ऐसा पर्चा बांटे जाने का मामला सामने आया है जिसमें पलायन, लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। कुछ लोग इसे शरारत बता रहे हैं, लेकिन चुनाव के समय इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं। चुनावों के आते ही वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए बयानबाजी शुरू हो जाती है। चाहे लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का खासकर बीजेपी इन चुनावों में हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा उछाल कर ध्रुवीकरण के जरिए हर मुमकिन चुनाव जीतना चाहती है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह का पर्चा लोगों के घर अखबार और अन्य माध्यम से पहुंच रहे हैं। ऐसे पर्चे सार्वजनिक होने के बाद सभी दल एक दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि ऐसे भड़काऊ पर्चे बांटकर ध्रुवीकरण को हवा दी जा रही है।

घर-घर पहुंचने वाले इन पर्चों में सांप्रदायिकता से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। इसमें मुस्लिम इलाकों से पलायन, धर्मांतरण, सार्वजनिक स्थानों पर नमाज, लव जिहाद और राम मंदिर जैसे कई मुद्दे लिखे गए हैं। इन पर्चों में राज्य सरकार का महिमामंडन किया गया है।

एसएफआई की सदस्य और कानपुर वासी आरुषि शर्मा ने इस तरह के भड़काऊ पर्चे बांटे जाने पर कहा कि "इस तरह का पर्चा कई जगहों पर लोगों को मिला है। एक व्यक्ति ने बताया कि उसके घर पर भी पर्चा आया है। लेकिन अब तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह किसकी तरफ से बांटा गया है। यह साफ है कि उनकी [बीजेपी की] मंशा सांप्रदायिक विभाजन करने की है, जिसकी वह माहिर है। धर्म और जाति के नाम पर वह नफरत फैलाती रही है। यह बिल्कुल साफ है कि बीजेपी के शासन में मुस्लिम लोग सार्वजनिक रूप से प्रार्थना नहीं कर पा रहे हैं, वे अपने धर्म की बात नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे में कहा जा सकता है कि बीजेपी ने किस तरह का डर पैदा कर दिया है। बीजेपी कास्ट पॉलिटिक्स और धर्म की राजनीति को बढ़ावा दे रही है। लोग किसान के मुद्दे, बेरोजगारी, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की बात कर रहे हैं लेकिन वह सांप्रदायिक और जातियों के बहस को हवा दे रही है। बीजेपी सिर्फ धर्म और जाति के नाम पर बहस को मोड़ना चाहती हैं क्योंकि वे नहीं चाहती कि लोग शैक्षणिक रूप से आगे बढ़ें। इस तरह की राजनीति स्वीकार्य नहीं जिसमें वे मास्टर हैं।"

इस तरह का पर्चा बांटे जाने का मामला सामने आने के बाद बीजेपी के क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी मोहित पांडे ने दैनिक भास्कर को दिए बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी का इसमें कोई हाथ नहीं है। लेकिन उन्होंने कहा पर्चों में लिखी बातों को भाजपा अपना जरूर मानती है।

जिला निर्वाचन अधिकारी नेहा शर्मा ने मीडिया से कहा कि इस मामले में बीते कई दिनों ऐसे पर्चे बांटने का मामला सामने आया है। ऐसे पर्चे कल्याणपुर से लेकर रामादेवी के इलाके तक बांटे गए हैं। हमने इस मामले में संज्ञान लिया है और जल्द ही इन लोगों पर कार्रवाई करेंगे।

बता दें कि कानपुर के इलाके में बांटे गए इस पर्चे पर 12 प्रश्न उठाए गए हैं। इसमें लिखा गया है कि क्या मिश्रित हिंदू मुस्लिम इलाके से हिंदुओं का पलायन व धर्मांतरण रुका है? क्या शुक्रवार को नमाज के नाम पर सार्वजनिक स्थानों पर होने वाला एक साथ अतिक्रमण अब रुका है? क्या हिंदू धर्म पर अमर्यादित टिप्पणी करने का सिलसिला रुका है? इस तरह अन्य प्रश्न उठाते हुए राज्य सरकार का महिमामंडन किया गया है और फिर से योगी आदित्यनाथ को सत्ता दिलाने की बात कही गई है।

बता दें कि करीब एक महीने पहले उत्तर प्रदेश से बीजेपी के सांसद सुब्रत पाठक ने भड़काऊ बयान देते हुए कहा था कि जिनकी मानसिकता भारत के खिलाफ है और जो लोग भारत में शरिया का सपना देख रहे हैं ऐसे लोगों का वोट बीजेपी को नहीं चाहिए और ना ही वे लोग बीजेपी को वोट देने वाले हैं। उन्होंने कहा था कि धारा 370 हटाने, राम मंदिर बनाने की वजह से मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं देंगे।

इस दौरान बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक ने कहा था कि हमने अयोध्या में मंदिर बनाया, काशी में मंदिर बनाया, अब मथुरा में भी बनाएंगे। जिसको वोट देना है दे।

बीते वर्ष दिसंबर महीने की शुरुआत में यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में जालीदार टोपी वाले लुंगी छाप गुंडे घूमते थे। इससे पहले उन्होंने ‘मथुरा की तैयारी है’ कहकर भी विवादित बयान दिया था।

नवंबर में योगी सरकार के एक मंत्री रघुराज सिंह ने कहा था कि मदरसों से आतंकी निकलते हैं और अगर उन्हें भगवान ने मौका दिया तो वह सारे मदरसों को बंद कर देंगे।

ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन के मौके पर औरंगजेब बनाम शिवाजी की बात की थी।

इसी महीने भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने एक भड़काऊ बयान जारी किया था। इस बयान में बीजेपी प्रत्याशी नंदकिशोर गुर्जर ने कहा था कि 'लोनी में ना अली, ना बाहुबली, सिर्फ बजरंगबली'।

UttarPradesh
UP ELections 2022
UP Assembly Elections 2022
love jihad
Conversions
Exodus
Hindutva
RSS
BJP

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • journalist bodies
    ऋत्विका मित्रा
    प्रेस की आजादी खतरे में है, 2021 में 6 पत्रकार मारे गए: रिपोर्ट 
    04 Feb 2022
    छह पत्रकारों में से कम से कम चार की कथित तौर पर उनकी पत्रकारिता से संबंधित कार्यों की वजह से हत्या कर दी गई थी। 
  • Modi
    नीलांजन मुखोपाध्याय
    उत्तर प्रदेश चुनाव: बिना अपवाद मोदी ने फिर चुनावी अभियान धार्मिक ध्रुवीकरण पर केंद्रित किया
    04 Feb 2022
    31 जनवरी को अपनी "आभासी रैली" में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश में पिछले समाजवादी पार्टी के "शासनकाल के डर का जिक्र" छेड़ा, जिसके ज़रिए कुछ जातियों और उपजातियों को मुस्लिमों के साथ मिलने से…
  • russia china
    एम. के. भद्रकुमार
    रुस-चीन साझेदारी क्यों प्रभावी है
    04 Feb 2022
    व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग के बीच शुक्रवार को होने वाली मुलाक़ात विश्व राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने जा रही है।
  •  Lucknow
    असद रिज़वी
    यूपी चुनाव: लखनऊ में इस बार आसान नहीं है भाजपा की राह...
    04 Feb 2022
    वैसे तो लखनऊ काफ़ी समय से भगवा पार्टी का गढ़ रहा है, लेकिन 2012 में सपा की लहर में उसको काफ़ी नुक़सान भी हुआ था। इस बार भी माना जा रहा है, भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
  • Bundelkhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उप्र चुनाव: 'कैराना पलायन' के उलट बुंदेलखंड से पलायन चुनावी मुद्दा क्यों नहीं बनता
    04 Feb 2022
    बुंदेलखंड में कई गांव वीरान दिखाई देते हैं। बांस, मिट्टी, फूस, पुआल और कच्ची ईंटों से बने मकानों पर ताले लटके हुए हैं। कथित 'कैराना पलायन' के इसके विपरीत यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर हो रहे विस्थापन के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License