NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उप्र बंधक संकट: सभी बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, आरोपी और उसकी पत्नी की मौत
पुलिस ने हत्या के एक मामले में आरोपी सुभाष बाथम को देर रात मार गिराया था और सभी बच्चों को उसके घर से सुरक्षित निकाल लिया था।
भाषा
31 Jan 2020
UP
साभार : प्रभात खबर

फर्रुखाबाद : फर्रुखाबाद जिले के मोहम्मदाबाद के कठरिया गांव में 23 बच्चों को बंधक बनाने वाले व्यक्ति की गंभीर रूप से घायल पत्नी की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने हत्या के एक मामले में आरोपी सुभाष बाथम को देर रात मार गिराया था और सभी बच्चों को उसके घर से सुरक्षित निकाल लिया था।

एसपी अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पत्नी गोली लगने की वजह घायल हुई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं महानिरीक्षक (कानपुर) मोहित अग्रवाल ने बताया कि आरोपी की पत्नी को स्थानीय लोगों ने उस समय पीटा था जब वह वहां से बचकर निकलने की कोशिश कर रही थी लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण उसकी गुरुवार रात मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि उसके सिर पर लगी चोट से खून निकल रहा था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। अग्रवाल ने कहा, ‘पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल पाएगा।’

बाथम ने अपनी बेटी के जन्मदिन के समारोह में बच्चों को आमंत्रित करने के बाद बृहस्पतिवार शाम उन्हें बंधक बना लिया था। बंधक बनाए गए बच्चों की आयु छह महीने से 15 साल से बीच है। बच्चे करीब आठ घंटे तक बंधक बने रहे।

अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बृहस्पतिवार देर रात एक बजकर 20 मिनट पर आनन-फानन में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘सभी 23 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और बच्चों को बंधक बनाने वाले को मार गिराया गया है।’

पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने कहा, ‘आरोपी ने बच्चों को अपनी बेटी के जन्मदिन की पार्टी के लिए बुलाया था और उन्हें बंधक बना लिया। यह सब 30 जनवरी को शाम पांच बजकर 45 मिनट पर शुरू हुआ और करीब आठ घंटे तक बच्चे बंधक बने रहे।’

उन्होंने बताया कि आरोपी ने शुरुआत में ही छह महीने की एक बच्ची को एक बालकनी से अपने पड़ोसी को सौंपकर मुक्त कर दिया था। चश्मदीदों के मुताबिक बंधक बनाए गए बच्चों के माता-पिता और रिश्तेदारों की भीड़ आरोपी के घर के बाहर जमा हो गई और उनमें से कुछ महिलाएं अपने बच्चों की सुरक्षित रिहाई के लिए गिड़गिड़ाती हुई नजर आईं।

बाद में भीड़ का सब्र जवाब दे गया और उसने बच्चों को चंगुल से छुड़ाने के लिए आरोपी के घर के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ डाली। इस पर आरोपी ने गोलियां चलानी शुरू कर दी जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिनकी चपेट में आकर आरोपी सुभाष बाथम की मौत हो गई।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस गोलीबारी में सुभाष की पत्नी भी घायल हो गई। हालांकि बंधक बनाए गए किसी भी बच्चे को कोई चोट नहीं लगी। इस घटना में दो पुलिसकर्मियों तथा एक अन्य व्यक्ति को भी गोली लगी है।

सिरफिरेपन से भरी इस वारदात की वजह के बारे में तत्काल कुछ पता नहीं लग सका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को बंधक बनाए जाने की खबर मिलने पर आपदा प्रबंधन समूह के साथ बैठक की और व्यक्तिगत तौर पर हालात का जायजा भी लिया था।

इसके पहले, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कमांडो की एक टीम को विशेष विमान से फर्रुखाबाद भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक वारदात का मुख्य आरोपी सुभाष हत्या का आरोपी था और वह विक्षिप्त भी था।

कानपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने बताया कि सुभाष बाथम ने अपने घर के अंदर से छह गोलियां चलाई थीं। उन्होने बताया कि शुरू में वह स्थानीय विधायक से बात करना चाहता था लेकिन बाद में जब विधायक पहुंचे तो उसने बात करने से इनकार कर दिया।

Uttar pradesh
farrukhabad
Children hostage
Police encounter
children rescued
फर्रुखाबाद
उत्तर प्रदेश

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारी बवाल


बाकी खबरें

  • mamta banerjee
    भाषा
    तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में चारों नगर निगमों में भारी जीत हासिल की
    15 Feb 2022
    तृणमूल कांग्रेस ने बिधाननगर, चंदरनगर और आसनसोल नगरनिगमों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है तथा सिलीगुड़ी में माकपा से सत्ता छीन ली।
  • hijab
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    हिजाब विवादः समाज सुधार बनाम सांप्रदायिकता
    15 Feb 2022
    ब्रिटेन में सिखों को पगड़ी पहनने की आज़ादी दी गई है और अब औरतें भी उसी तरह हिजाब पहनने की आज़ादी मांग रही हैं। फ्रांस में बुरके पर जो पाबंदी लगाई गई उसके बाद वहां महिलाएं (मुस्लिम) मुख्यधारा से गायब…
  • water shortage
    शिरीष खरे
    जलसंकट की ओर बढ़ते पंजाब में, पानी क्यों नहीं है चुनावी मुद्दा?
    15 Feb 2022
    इन दिनों पंजाब में विधानसभा चुनाव प्रचार चल रहा है, वहीं, तीन करोड़ आबादी वाला पंजाब जल संकट में है, जिसे सुरक्षित और पीने योग्य पेयजल पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। इसके बावजूद, पंजाब चुनाव में…
  • education budget
    डॉ. राजू पाण्डेय
    शिक्षा बजट पर खर्च की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? 
    15 Feb 2022
    एक ही सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे बजट एक श्रृंखला का हिस्सा होते हैं इनके माध्यम से उस सरकार के विजन और विकास की प्राथमिकताओं का ज्ञान होता है। किसी बजट को आइसोलेशन में देखना उचित नहीं है। 
  • milk
    न्यूज़क्लिक टीम
    राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ खिलवाड़ क्यों ?
    14 Feb 2022
    इस ख़ास पेशकश में परंजॉय गुहा ठाकुरता बात कर रहे हैं मनु कौशिक से राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सम्बंधित कानूनों में होने वाले बदलावों के बारे में
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License