NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
यूपी पुलिस की पिटाई की शिकार ‘आशा’ पूनम पांडे की कहानी
आख़िर पूनम ने ऐसा क्या अपराध कर दिया था कि पुलिस ने न केवल उन्हें इतनी बेहरमी से पीटा, बल्कि उनपर मुकदमा भी दर्ज कर दिया।
सरोजिनी बिष्ट
16 Nov 2021
poonam
पुलिसिया पिटाई की शिकार पूनम पांडे

चेहरे पर सूजन, हाथ टूटा हुआ, शरीर पर बेतहाशा पिटाई के निशान, और आंखों में आंसू.... ये हैं उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित नई बस्ती रेती की रहने वाली पूनम पांडे जो कि एक आशा बहू हैं। जी हां वही आशा बहू जिन्हें हमारे देश के प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री ने कोविड काल में करोना योद्धा कहा था और यह माना कि देश के स्वास्थ्य क्षेत्र की रीढ़ की हड्डी अगर कोई है तो यही आशा बहुएं हैं। अब जरा ये भी बता दें कि पूनम की ऐसी हालत की किसने की। पूनम का यह बुरा हाल किया है उत्तर प्रदेश की पुलिस ने, और आख़िर पूनम ने ऐसा क्या अपराध कर दिया था कि पुलिस ने न केवल उसे इतनी बेहरमी से पीटा बल्कि उस पर मुकदमा भी दर्ज कर दिया। 

पूनम का कसूर केवल और केवल इतना ही था कि उन्होंने पुलिस के सामने निडर होकर जायज़ सवाल पूछने की हिम्मत दिखाई। पूरा घटना क्रम कुछ यूं हैं कि ऑल इंडिया आशा बहू कार्यकत्री कल्याण सेवा समिति के बैनर तले शाहजहांपुर जिले की आशा बहुएं अपनी वाजिब मांगों के साथ शहर के खिरनीबाग़ स्थित जीआईसी मैदान में कई दिनों से धरने पर बैठी हुई थीं । बीते 9 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शाहजहांपुर में ही कार्यक्रम था धरने पर बैठी आशा बहुओं के मताबिक उनका केवल इतना ही फैसला था कि वे चार या पांच लोगों का प्रतिनिधित्व मण्डल जाकर मुख्यमंत्री को अपना मांगपत्र सौंपेंगी और बाकी आशा बहनें कार्यक्रम स्थल से दूर ही खड़ी रहेंगी। उनका यह भी निर्णय था कि कोई नारेबाजी नहीं होगी जो होगा शांतिपूर्वक होगा।

समिति की जिलाध्यक्ष कमलजीत कौर के मुताबिक मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपे जाने की जानकारी जिला प्रशासन को पूर्व में ही दे दी गई थी, सब कुछ तय फैसलों के हिसाब से ठीक चल रहा था और आशा बहनें पूरी तरह आश्वस्त थीं कि उनका मांगपत्र मुख्यमंत्री जी तक पहुंच जाएगा। लेकिन हुआ ठीक इसके विपरीत पुलिस बल द्वारा न केवल आशा बहुओं को रोका गया बल्कि उनके साथ अति हिंसक व्यवहार भी किया। जिसका सबसे ज्यादा शिकार हुईं पूनम पांडे। पूनम को वहां मौजूद महिला पुलिस कर्मियों द्वारा जिस बेरहमी से गिराकर बूटों से मारा गया वह वीडियो आज सबके सामने हैं। सब आशा बहुओं को बस में ढूंस कर हिरासत में ले लिया गया और पूनम सहित लगभग तीस आशाओं पर धारा 186 और 353  के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया। 

धरने में डटी आशा बहुएं

समिति की जिला मीडिया प्रभारी के मुताबिक रविंद्रा जी के मुताबिक आख़िर पूनम का कसूर क्या था, केवल इतना ही कि उन्होंने पुलिस से यह पूछने की हिम्मत दिखाई कि उन्हें क्यूं रोका जा है और यदि रोका जा रहा है तो क्या उसका कोई लिखित प्रमाण हैं। रविन्द्र जी कहती हैं हमारा प्रदर्शन उग्र नहीं था, न ही हम कोई नारेबाज़ी कर रहे थे हम शांत थे। मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपकर सब आशा बहनें शांतिपूर्वक मार्च कर वापस चली जातीं, हमारी नीयत मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम को डिस्टर्ब करने की नहीं थी। बस इसलिए पूनम ने पुलिस से सवाल किया जिसका खामियाजा उसे बेहद गंभीर चोटों के रूप में झेलना पड़ा और अभी भी उसकी तबीयत ठीक नहीं। 

अत्याचार की कहानी खुद पूनम की ज़ुबानी

पुलिस दमन की शिकार इन आशा बहुओं से मिलने जब यह रिपोर्टर शाहजहांपुर पहुंची तो देखा कि इस घटना के बाद आशा बहुएं और पूरी ताकत के साथ पूनम को न्याय देने की मांग और अपनी अन्य मांगों के साथ चौबीसों घंटे धरने में डटी हैं। बेहद अस्वस्थ और चोटिल होने के कारण फिलहाल पूनम को अभी धरने से दूर रखा गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मेरे लखनऊ पहुंचने से पहले वे पूनम का वीडियो बनाकर मुझे भेज देंगे जिसमें पूनम अपने साथ हुई ज्यादती को बताएगी। 

इस घटना के बाद भी धरने में डटी शाहजहांपुर की आशा बहुओं और पूनम से मिलने जब यह रिपोर्टर धरना स्थल पहुंची तो पता चला कि गंभीर रूप से चोटिल होने के कारण पूनम अभी धरने में शामिल नहीं हो पा रही हैं लेकिन अपने पर हुई पुलिसिया क्रूरता का घटनाक्रम बताते हुए पूनम ने हम तक अपने वीडियो भेजे जिन्हें सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। पूनम के मुताबिक जब उन्हें रोका गया तो उसने पुलिस से पूछा कि आखिर उन्हें क्यूं रोका जा रहा है, योगी जी हम सब के मुख्यमंत्री हैं और उनसे मिलने का हक सबको है तो पुलिस ने इसके जवाब में कहा कि अन्य कोई भी मिल सकता है लेकिन तुम लोग नहीं मिल सकते। जब उसने यह सवाल किया कि तो क्या मुख्यमंत्री जी का ऐसा कोई लिखित आदेश है तो इसके जवाब में पुलिस ने कहा कि तुम्हें लिखित आदेश देखना है और महिला पुलिस ने उसे पीटना शुरू कर दिया, मोबाइल छीन लिया जिसमें वीडियो बन रहा था सब डिलीट कर दिया। कान की बालियां भी छीन लीं, गर्दन में दुपट्टा कसकर मारने की कोशिश की गई। पूनम ने बताया कि जब उसे जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर ले जाया जा रहा था तो गाड़ी के अंदर न केवल महिला बल्कि पुरुष पुलिस ने भी पीटा वहां मौजूद एसआई ने उसका हाथ मरोड़ दिया जिसके कारण उसका हाथ टूट गया, महिला पुलिस कर्मी ने उसकी छाती में बैठकर उसे पीटा। अन्य महिला पुलिस कर्मियों द्वारा भी बूटों से उसके प्राईवेट पार्ट्स में बहुत मारा गया। गाड़ी में जो दूसरी आशा बहनें उसे बचाने आईं उन्हें भी पुलिस वालों ने धक्का देकर गिरा दिया। आंखों में इतना मारा कि खून जम गया। गर्दन तक कसी गई, पूरे रास्ते पुलिस मारती रही और जब वह बेहोश होने लगी तब जाकर मारना बंद किया गया। पूनम के मुताबिक थाने ले जाकर उसे धमकी दी गई कि यदि पुलिस के ख़िलाफ़ यदि कोई कार्रवाई की गई तो अंजाम बुरा होगा।

ये भी पढ़ें: दिल्ली: आशा कार्यकर्ताओं का ‘पोस्टकार्ड अभियान’, प्रधानमंत्री को भेजेंगी मांगें

कोविड काल में अपनी जान की बाजी लगाने वाली इन्हीं आशा बहनों के कंधों पर स्वास्थ्य क्षेत्र की तामाम जिम्मेदारियां टिकी हुई हैं फिर भी इनका आर्थिक, शारीरिक और मानसिक दमन जारी है,  पूनम को बेतहाशा पीटा गया उनकी तबीयत आज भी ठीक नहीं है, उल्टे पूनम और अन्य आशा बहुओं या बहनों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बावजूद इसके आज भी वे अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं। उनके इस आंदोलन में ट्रेड यूनियन AICCTU से संबद्ध उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन और राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत स्कीम वर्कर्स फैडरेशन और महिला संगठन aipwa ने राष्ट्रीय कॉल के तहत 17 नवम्बर को देशभर में न्याय और दोषी पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन की तैयारी की है।

(लेखिका स्वतंत्र पत्रकार है)

UttarPradesh
UP police
Asha bahu
Corona warriors
Narendra modi
Yogi Adityanath

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

यूपी से लेकर बिहार तक महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की एक सी कहानी

यूपी चुनाव: पूर्वी क्षेत्र में विकल्पों की तलाश में दलित


बाकी खबरें

  • तारिक अनवर
    कोविड-19: लॉकडाउन की भागलपुर रेशम उद्योग पर भारी मार 
    15 Jun 2021
    कभी रेशमी कपड़ों का फलता-फूलता केंद्र, भागलपुर अब अपना बाज़ार अहमदाबाद और बैंगलोर जैसे नए केंद्रों की वजह से खो रहा है। सरकार का समर्थन न मिलने और बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने शिल्पकारों/बुनकरों के जीवनयापन…
  • यूपी: प्रतापगढ़ में शराब माफ़िया का पर्दाफ़ाश करने के बाद टीवी पत्रकार की 'सड़क दुर्घटना' में मौत
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी: प्रतापगढ़ में शराब माफ़िया का पर्दाफ़ाश करने के बाद टीवी पत्रकार की 'सड़क दुर्घटना' में मौत
    15 Jun 2021
    उनके परिवार के सदस्यों का कहना है कि घटना से एक दिन पहले 13 जून को पत्रकार ने प्रयागराज के एडीजी से अपनी जान का खतरा होने के डर से सुरक्षा की गुहार लगायी थी।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 60,471 नए मामले, 2,726 मरीज़ों की मौत
    15 Jun 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 60,471 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 3 फ़ीसदी हुई।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    भागलपुर का रेशम उद्योग घाटे में, पीएम जीवन ज्योति बीमा का खुलासा और अन्य ख़बरें
    14 Jun 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी भागलपुर के बुनाई उद्योग पर लॉकडाउन की वजह से पैदा हुए संकट, आरटीआई में हुई पीएम जीवन ज्योति बीमा का खुलासा और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • राम नाम पर सियासत , आस्था से खिलवाड़!
    न्यूज़क्लिक टीम
    राम नाम पर सियासत , आस्था से खिलवाड़!
    14 Jun 2021
    समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी ने राम मंदिर ट्रस्ट पर ज़मीन को लेकर करोड़ों के घपले का आरोप लगाया है और इस सिलसिले में बाकायदा प्रमाण भी पेश किए हैं। राम मंदिर ट्रस्ट रक्षात्मक मुद्रा में है और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License