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भारत
राजनीति
यूपी अनुपूरक बजट: मानदेय में बढ़ोतरी न होने से आशा, आंगनवाड़ी, रसोईया वर्कर्स ने जताई निराशा  
प्रदेश आशा, आंगनवाड़ी, रसोईया वर्कर समन्वय समिति ने कहा है कि बजट आने से पहले भाजपाई यूनियनों और मीडिया के एक हिस्से में प्रचार किया गया की आशा वर्कर, आंगनवाड़ी, रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी होगी, लेकिन बजट भाषण में इसका कहीं कोई जिक्र नहीं था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Aug 2021
यूपी अनुपूरक बजट: मानदेय में बढ़ोतरी न होने से आशा, आंगनवाड़ी, रसोईया वर्कर्स ने जताई निराशा  

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बुधवार के दिन विधानसभा में 7301.52 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अनुपूरक बजट प्रस्तुत करते हुए कहा था कि यह 7301.52 करोड़ रुपये का बजट है जो मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित 5 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक बजट का 1.33 फीसद है। इस बजट को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत आशा, आंगनवाड़ी, रसोईया वर्कर्स यूनियन ने कहा कहा है कि ये उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। आशा, आंगनवाड़ी, रसोईया वर्कर समन्वय समिति, उत्तर प्रदेश ने कहा उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में  ग्रामीण भारत और ग्रामीण वर्कर की घोर उपेक्षा की गई है।  

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र अपने निर्धारित समय से पहले बृहस्पतिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र तीन दिन चला। सत्र की शुरूआत 17 अगस्त को हुई थी और इसे 24 अगस्त तक चलना था। बृहस्पतिवार को विधानसभाध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित द्वारा इसे अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया और सदन में तीन दिनों तक कार्य हुआ। अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले, सदन ने 2021-22 के लिए अनुपूरक बजट पारित किया।

उत्तर प्रदेश आशा, आंगनवाड़ी, रसोईया वर्कर समन्वय समिति की संयोजक और केंद्रीय ट्रेड यूनियन सीटू की प्रदेश उपाध्यक्ष वीना गुप्ता ने कहा  बीजेपी ने अपनी पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र को संकल्प पत्र का नाम दिया था और वादा किया था कि वे हर हालत में इसे पूरा करेंगे लेकिन 4 साल बीतने के बाद भी संकल्प पत्र में किया कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया. आज के बजट में एक बार फिर लगातार चौथे साल वादाखिलाफी नजर आई है।

18 अगस्त, 2021 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट प्रस्तुत किया जो अब तक का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट था।

प्रदेश आशा, आंगनवाड़ी, रसोईया वर्कर समन्वय समिति ने कहा ''बजट आने से पहले भाजपाई यूनियनों और मीडिया के एक हिस्से में प्रचार किया गया की आशा वर्कर, आंगनवाड़ी, रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी होगी लेकिन बजट भाषण में इसका कहीं कोई जिक्र ना था।''

समिति ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा "बजट में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए एक नई स्कीम मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत ड्राई राशन के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 6 माह से 5 वर्ष तक के चिन्हित कुपोषित बच्चों तथा एनीमिया  से पीड़ित 11 से 14 वर्ष की स्कूल ना जाने वाली किशोरी बालिकाओं को अतिरिक्त पोषण प्रदान किया जाएगा। इस हेतु 100 करोड रुपए की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है। पुष्टाहार कार्यक्रम हेतु 4094 करोड़ तथा राष्ट्रीय पोषण अभियान हेतु 415 करोड़ रुपए की व्यवस्था है।

इस बयान में आगे कहा गया है कि ''शिक्षा के लिए बजट, समग्र शिक्षा अभियान और 3406 कार्यक्रम एमडीएम कार्यक्रम के लिए दिया गया है। स्वास्थ्य  और परिवार कल्याण के अंतर्गत 5395 करोड़ NRHM हेतु दिया गया है। पूरे  बजट में आशा, आंगनवाड़ी रसोईया की कही भी मानदेय वृद्धि का नाम नही है। कई दिनों से हिंदी के अखबारों में मानदेय वृद्धि को लेकर लगातार खबरें आ रही थीं जो आज अफवाह साबित हुईं। प्रदेश के स्माल स्केल सेक्टर, कुटीर उद्योग, घरेलू उद्योग में कार्यरत कारीगरों और वर्कर्स के हितों को पूरी तरह से अनदेखा कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में 90% महिलाएं एनीमिया की शिकार हैं लेकिन सरकार ने सिर्फ 11 से 14 साल की किशोरियों के लिए कुछ व्यवस्था की है बाकी सभी को छोड़ दिया गया है। अति कुपोषित बच्चों के इलाज, प्राइमरी शिक्षा पोषण पुनर्वास केंद्र, हेतु कोई भी आवंटन नहीं किया गया है

वीना गुप्ता ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि सभी वर्कर के मानदेय में वृद्धि हेतु सदन में प्रस्ताव लाएं। महिलाओं, बच्चों,और किशोरियों हेतु सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार बजट आवंटित करें। कुपोषण और अशिक्षा से जूझते प्रदेश को शिक्षा और स्वास्थ्य में खर्च करने पर सरकार ध्यान दे।

साथ ही उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर  प्रदेश की सभी आशा, आंगनवाड़ी, रसोईया वर्कर, ग्रामीण चौकीदार का मानदेय नहीं बढ़ाया गया तो प्रदेश भर में आंदोलन को तैयार रहें।

UttarPradesh
UP supplementary budget
Yogi Adityanath
BJP

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