NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिकी कांग्रेस ने 1.9 ट्रिलियन डॉलर की प्रोत्साहन योजना को पारित किया लेकिन असंतोष जारी
इस योजना की व्यापक प्रकृति के बावजूद डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील वर्गों सहित कई एक्टिविस्टों को लगता है कि इस योजना आवश्यक प्रोत्साहन की कमी है।
पीपल्स डिस्पैच
11 Mar 2021
अमेरिकी कांग्रेस ने 1.9 ट्रिलियन डॉलर की प्रोत्साहन योजना को पारित किया लेकिन असंतोष जारी

अमेरिकी कांग्रेस ने सप्ताह भर चली बहस और कुछ देरी के बाद जो बाइडन प्रशासन द्वारा प्रस्तावित 1.9 ट्रिलियन डॉलर के प्रोत्साहन योजना के अंतिम वर्जन को पारित कर दिया है। बुधवार 10 मार्च को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव ने अमेरिका रेस्क्यू प्लान को मंजूरी देने के लिए 220-211 से मतदान किया जो लगभग पूरी तरह से दलीय आधार पर था। हालांकि एक डेमोक्रेट ने इसके खिलाफ मतदान किया। इस योजना को बाइडन प्रशासन के लिए पहले प्रमुख कानून के रूप में माना जाता है। हालांकि कई अन्य कानून जिसे राष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा समर्थन प्राप्त है वह अभी भी विधायी प्रक्रिया में फंसी हुई है।

उम्मीद है कि राष्ट्रपति शुक्रवार तक इस पर हस्ताक्षर कर देंगे। ये योजना कम आय वाले परिवारों के लिए 1,400 अमरीकी डॉलर की प्रोत्साहन राशि के लिए लगभग 400 बिलियन अमरीकी डॉलर की योजना को रद्द कर देगा। यह राज्य और स्थानीय सरकारों की सहायता के लिए 350 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक के साथ साथ प्रति सप्ताह अतिरिक्त 300 डॉलर बेरोजगारी भुगतानों की निरंतरता को जारी रखता है। यह COVID-19 वैक्सीन कार्यक्रम के लिए20 बिलियन डॉलर जो कि बेदखली का सामना करने वाले लाखों लोगों के लिए किराये और मोर्टगेज मदद के लिए कुल 35 बिलियन डॉलर का एक भाग है और उन कंपनियों के लिए कर में लाभ का प्रावधान भी है जो अपने कर्मचारियों को छंटनी से बचाते हैं।

एक महत्वपूर्ण प्रावधान जिसे पहले वर्जन में शामिल करने का प्रयास किया गया था वह था न्यूनतम वेतन के तौर पर 15 डॉलर प्रति घंटा जिसे सीनेट में बाधा की संभावनाओं को रद्द करने में विफल रहने के बाद अंततः डेमोक्रेट द्वारा हटा लिया गया था। इस योजना ने मूल रूप से नियोजित 2,000 डॉलर के प्रोत्साहन भुगतानों को कम करते हुए 1,400 अमरीकी डॉलर कर दिया है। दो हजार डॉलर का वादा बाइडन और डेमोक्रेट्स ने चुनाव प्रचार के दौरान किया था।

इस योजना की व्यापक प्रकृति के बावजूद प्रगतिशील वर्गों सहित कई एक्टिविस्टों को लगता है कि यह योजना वास्तव में आवश्यक प्रोत्साहन से कम पड़ रही है।

पार्टी फॉर सोशियलिज्म एंड लिब्रेशन के मुखपत्र लिब्रेशन ने प्रतिक्रया में कहा, "यह बिल एक "राहत" बिल के रूप में अपने नाम की उम्मीदों पर है- पर ऐसा है। कई लोगों को यह निस्संदेह कुछ समय के लिए परेशानियों से दूर रखने में मदद करेगा। लेकिन यह पूंजीवाद के कामकाज में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं करेगा जो कि कठिनई की मौजूदा स्थिति का कारण है। इसकी मूलभूत विशेषताएं COVID-19 महामारी के दौरान काफी क्रूरता से सामने आई है।"

America
COVID-19
US Congress

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • poverty
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    जनादेश-2022: रोटी बनाम स्वाधीनता या रोटी और स्वाधीनता
    11 Mar 2022
    राष्ट्रवाद और विकास के आख्यान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं ने रोटी और स्वाधीनता के विमर्श को रोटी बनाम स्वाधीनता बना दिया है।
  • farmer
    सुरेश गरीमेल्ला
    सरकारी इंकार से पैदा हुआ है उर्वरक संकट 
    11 Mar 2022
    मौजूदा संकट की जड़ें पिछले दो दशकों के दौरान अपनाई गई गलत नीतियों में हैं, जिन्होंने सरकारी कंपनियों के नेतृत्व में उर्वरकों के घरेलू उत्पादन पर ध्यान नहीं दिया और आयात व निजी क्षेत्र द्वारा उत्पादन…
  • सोनिया यादव
    पंजाब : कांग्रेस की हार और ‘आप’ की जीत के मायने
    11 Mar 2022
    कांग्रेस को जो नुक़सान हुआ, उसका लगभग सीधा लाभ 'आप' को मिला। मौजूदा वक़्त में पंजाब के लोगों में नाराज़गी थी और इस कारण लोगों ने बदलाव को ही विकल्प मानते हुए आम आदमी पार्टी पर भरोसा किया है।
  • विजय विनीत
    यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में विपक्ष के पास मुद्दों की भरमार रहने के बावजूद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव मोदी-योगी का जादू बेअसर नहीं कर सके। बार-बार टिकटों की अदला-बदली और लचर रणनीति ने स
  • LOOSERES
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: कई दिग्गजों को देखना पड़ा हार का मुंह, डिप्टी सीएम तक नहीं बचा सके अपनी सीट
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की वापसी हो गई है, हालांकि इस प्रचंड जीत के बावजूद कई दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा पाए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License