NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
यमन की नाकाबंदी को समाप्त करने की मांग को लेकर अमेरिकी कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल
अमेरिका की मदद से सऊदी अरब के नेतृत्व में यमन की नाकाबंदी को समाप्त करने की मांग करते हुए 6 यमनी-अमेरिकी एक्टिविस्टों ने वाशिंगटन डीसी में 10 दिनों की भूख हड़ताल की है।
पीपल्स डिस्पैच
07 Apr 2021
यमन

बुधवार 7 अप्रैल को संयुक्त राज्य अमेरिका में यमनी-अमेरिकी एक्टिविस्ट द्वारा भूख हड़ताल की शुरुआत के 10 दिन पूरे हो जाएंगे। छह एक्टिविस्टों ने यमन में युद्ध को लेकर सऊदी अरब को यूएस द्वारा दिए जाने वाली सैन्य व राजनयिक सहायता जारी रहने के खिलाफ विरोध में 29 मार्च को विरोध शुरू किया था। ये प्रदर्शन राष्ट्रीय राजधानी वाशिंगटन डीसी में प्रतिष्ठित लिंकन मेमोरियल के पास किया गया है।

यमनी लिबरेशन मूवमेंट के एक्टिविस्ट यमन में सऊदी के नेतृत्व में नाकेबंदी से अमेरिका को वापस होने की मांग कर रहे हैं। इस नाकेबंदी ने युद्ध के चलते दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकट को जन्म दिया है। यमनी लिबरेशन मूवमेंट मिशिगन राज्य में स्थित एक संगठन है जिसमें यमनी मूल के अमेरिकी नागरिक और यमनी नागरिक शामिल हैं जो सऊदी आक्रमण के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय अभियान तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।

इस भूख हड़ताल के साथ साथ ये संगठन राष्ट्रपति जो बाइडन और अमेरिकी कांग्रेस में याचिका दायर करने का भी विचार कर रहा है। इसने नाकेबंदी को समाप्त करने की मांग की और यमनी लोगों व इस भूख हड़ताल के साथ एकजुटता दिखाने के लिए निर्धारित 8 अप्रैल के राष्ट्रीय उपवास का आह्वान भी किया। वाईएलएम को अन्य संगठनों जैसे जस्ट फॉरेन पॉलिसी, यमन रिलीफ एंड रिकंस्ट्रक्शन फाउंडेशन, फ्रेंड्स कमेटी ऑफ नेशनल लेजिस्लेशन और यमनी अलायंस कमेटी से भी समर्थन मिला है।

साल 2015 में शुरू हुए यमन में अमेरिका द्वारा समर्थित सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की नाकेबंदी से 16 मिलियन से अधिक लोगों के प्रभावित होने का अनुमान है वहीं भोजन की भारी कमी के कारण 4,00,000 लोग कुपोषण से पीड़ित हैं। इस स्थिति को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समन्वयक डेविड ग्रेसली ने "दुनिया में दशकों में सबसे बुरे अकाल की ओर बढ़ता हुआ" माना है।

भले ही इस साल जनवरी में सत्ता में आए बाइडन प्रशासन ने अंसारुल्लाह (जिसे आमतौर पर हौथी के नाम से जाना जाता है) को आतंकी समूहों की अमेरिकी सूची से बाहर कर दिया था लेकिन नाकेबंदी के लिए लॉजिस्टिकल तथा राजनयिक मदद देने के मामले में अभी भी अस्पष्ट है।

yemen
yemen-US activists
yemen blockade
yemen crisis

Related Stories

क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

पड़ताल दुनिया भर कीः यमन का ड्रोन हमला हो या यूक्रेन पर तनाव, कब्ज़ा और लालच है असल मकसद

डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर मानवीय संकटों की अलोकप्रियता को चुनौती

यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है

यमन के लोगों ने सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया, युद्ध के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया

हाउथी और सरकार समर्थक सैनिकों के बीच यमन के मारिब में लड़ाई तेज़

यमन के लोगों ने यूएस ड्रोन हमले को लेकर जर्मनी को ज़िम्मेदार ठहराते हुए मुकदमा दायर किया

युद्ध विराम की सहमति से पहले वायु व समुद्री नाकेबंदी हटाने की हौथी की मांग


बाकी खबरें

  • मुजफ्फरनगर दंगा: मंत्री सुरेश राणा, संगीत सोम, साध्वी प्राची पर फिर से चलेगा दंगा भड़काने का मुकदमा
    सबरंग इंडिया
    मुजफ्फरनगर दंगा: मंत्री सुरेश राणा, संगीत सोम, साध्वी प्राची पर फिर से चलेगा दंगा भड़काने का मुकदमा
    14 Aug 2021
    योगी सरकार ने मार्च 2021 में सुरेश राणा, संगीत सोम आदि के मुकदमे, राजनीति से प्रेरित बताते हुए वापस ले लिए थे। इसी से मुजफ्फरनगर दंगे से जुड़े इन मुकदमों के दोबारा खुलने को योगी सरकार के लिए एक बड़ा…
  • आज़ाद भारत में आज़ादी का अर्थः अमृत महोत्सव मनाने और समझने का अंतर
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    आज़ाद भारत में आज़ादी का अर्थः अमृत महोत्सव मनाने और समझने का अंतर
    14 Aug 2021
    आज़ादी को समझने और उसे कायम रखने का मूल मंत्र समता के कार्यक्रमों को बढ़ाने और भाईचारे यानी बंधुत्व पर जोर देने में है। इनके बिना आज़ादी लड़खड़ा रही है। आज़ादी कमजोर हो रही है झूठ और निगरानी के बढ़ते…
  • बिहार में जातीय जनगणना का मुद्दा बीजेपी की परेशानी क्यों बना हुआ है?
    सोनिया यादव
    बिहार में जातीय जनगणना का मुद्दा बीजेपी की परेशानी क्यों बना हुआ है?
    14 Aug 2021
    बिहार विधानसभा में पहली बार 18 फरवरी, 2019 और फिर 27 फरवरी, 2020 में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मांग की गई थी कि 2021 में होने वाली जनगणना जाति आधारित हो। हालांकि अब इस पर राज्य की एनडीए सरकार…
  • कानपुर में मुस्लिम युवक की पिटाई, यूपी में फैलता किसान आंदोलन और अन्य ख़बरें
    न्यूज़क्लिक टीम
    कानपुर में मुस्लिम युवक की पिटाई, यूपी में फैलता किसान आंदोलन और अन्य ख़बरें
    13 Aug 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंड अप में आज हमारी नज़र रहेगी कानपुर में मुस्लिम युवक की पिटाई, यूपी में फैल रहा किसान आंदोलन और अन्य ख़बरों पर।
  • शेयर में छोटे निवेशक लगा रहे हैं सट्टा?
    न्यूज़क्लिक टीम
    शेयर में छोटे निवेशक लगा रहे हैं सट्टा?
    13 Aug 2021
    पिछले 17 महीनों में सेंसेक्स में 220% का उछाल आया है। दरबारी अर्थशास्त्री कह रहे हैं कि इससे सबसे ज़्यादा छोटे निवेशकों को फ़ायदा हुआ है। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि छोटे निवेशक खरीद फ़रोक्त ज़रूर कर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License