NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका, चीन ने 'ज़िम्मेदार प्रतिस्पर्धा' की शुरूआत की
बाइडेन और शी के बीच हुई वर्चुअल मीटिंग का सार यह है कि यूएस-चीन संबंधों का अक्रियाशील चरण समाप्त हो सकता है।
एम. के. भद्रकुमार
19 Nov 2021
Translated by महेश कुमार
US, China Commence ‘Responsible Competition’

एकमात्र सफलता जिसे अमेरिका और चीन के राष्ट्रपतियों, जो बाइडेन और शी जिनपिंग के बीच सोमवार/मंगलवार को हुई वर्चुअल बैठक के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, वह यह है कि दोनों देशों के मान्यता प्राप्त पत्रकारों पर लगे वीजा प्रतिबंधों में ढील दी गई है। लेकिन यहां भी, एक चेतावनी जोड़ी जानी चाहिए, अर्थात्, "उनकी वीजा नीतियों पर तीन सूत्री आधिकारिक सहमति" आभासी बैठक से ठीक पहले हो चुकी थी।

लेकिन फिर सही यह होगा कि शिखर सम्मेलनों में ठोस परिणामों की तलाश न की जाए।  सिन्हुआ समाचार एजेंसी द्वारा दिनांकित बीजिंग टिप्पणी महत्वपूर्ण है और आशाओं से भरी है जोकि इस वर्चुअल बैठक को "उत्पादक" बैठक के रूप में वर्णित करती है। वर्चुअल मीटिंग के सार से निष्कर्ष केवल यह निकाला जा सकता है, जैसा कि पुरानी कहावत है कि 'आप घोड़े को पानी तक ले जा सकते हैं लेकिन आप उसे पानी नहीं पिला सकते।'

बाइडेन इस मीटिंग को पहले शेड्यूल करना चाहते थे। अगस्त के मध्य से, बाइडेन के सितारे गर्दिश में थे। अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका की अराजक वापसी और उसके बाद बेल्टवे में उसे मिली पिटाई ने; ट्रान्साटलांटिक गठबंधन में पैदा हुई अव्यवस्था से; अमेरिका के सहयोगी काफी तेजी से आशंकित हुए हैं कि वे एक-अवधि के लिए राष्ट्रपति हो सकते हैं; लेकिन इसने यूक्रेन और नाटो के पूर्व गेट की ओर चली गई चाल से रूस के साथ व्यापक तनाव पैदा कर दिया था; इन सभी को जोड़ा जाए तो अमेरिकी राय में बाइडेन की रेटिंग में भारी गिरावट आई है।

इस बीच, मुद्रास्फीति बढ़ रही है और ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि चीन से आयात पर शुल्क कीमतों में हो रही तेज वृद्धि ने इसमें योगदान दिया है।  कुल मिलाकर, अगर बाइडेन प्रेसीडेंसी ने अप्रैल में अलास्का में शीर्ष चीनी अधिकारियों के साथ बैठक में दावा किया था कि वे चीन के साथ पूरी ताकत से बातचीत करेंगे, जैसे-जैसे इस सप्ताह वर्चुअल शिखर सम्मेलन निकट आ रही थी, सामान्य धारणा यह बन रही थी कि वे कमजोर  हाथ पकड़ रहे हैं। 

इस महीने की शुरुआत में यूएसए टुडे के एक सर्वेक्षण ने बाइडेन की अनुमोदन रेटिंग को 38 प्रतिशत से कम दिखाया है। बाइडेन-शी बैठक की पूर्व संध्या पर, एक पोलिटिको/मॉर्निंग कंसल्ट सर्वेक्षण ने दिखाया कि 44 प्रतिशत मतदाताओं ने राष्ट्रपति के रूप में बाइडेन के काम को मंजूरी दी है, लेकिन 58 प्रतिशत इस कथन से असहमत थे कि "बाइडेन देश का नेतृत्व करने में सक्षम हैं।"

नसें तनी हुई हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने यहां तक कहा कि बाइडेन वास्तव में कभी शी के "पुराने दोस्त" नहीं रहे थे, जिसे कि शी दोहराते रहते हैं। वाशिंगटन पोस्ट निश्चित नहीं है कि क्या शी छेड़ने के लिए इस अभिव्यक्ति का इस्तेमाल "मोह की एक शर्त या उसे अवांछित उपनाम" के रूप में करते हैं।

मंगलवार की बैठक का वास्तविक महत्व यह है कि, जैसा कि वासिंग्टन पोस्ट ने अनुमान लगाया था, इसने "दो वैश्विक महाशक्तियों को कई संवेदनशील मुद्दों पर संलग्न होने में सक्षम बनाया, जिन्होंने दुनिया में संबंधों को तनावपूर्ण बना दिया था ...।"

शिखर सम्मेलन शुरू होने से पहले व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सामने संक्षिप्त टिप्पणी में, बाइडेन ने शी से कहा, “जैसा कि मैंने पहले कहा था, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के नेताओं के रूप में यह हमारी जिम्मेदारी है –– कि यह सुनिश्चित करें कि हमारे देशों के बीच प्रतिस्पर्धा में कोई टकराव न हो, चाहे फिर वह संघर्ष इरादतन हो या अनपेक्षित। बस सरल, सीधी प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। मुझे ऐसा लगता है कि जहां भी हम असहमत हैं वहां स्पष्ट और ईमानदार होने के लिए हमें एक सामान्य ज्ञान स्थापित करने की जरूरत है और जहां हमारे हित जुडते हैं, वहाँ हमें ईमानदारी से काम करने की जरूरत है, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम करने की जरूरत है। 

इसके विपरीत, शी-चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के ऐतिहासिक पूर्ण सत्र से तरो-ताजा निकले हैं जहां उन्हें पार्टी नेताओं माओ और देंग के समान रखा है – जो दोनों देशों के बीच "संचार और सहयोग बढ़ाने" की जरूरत की ओर इशारा करती है और उन्होने पेशकश की कि वे बाइडेन के साथ "आम सहमति बनाने, सक्रिय कदम उठाने और चीन-अमेरिका संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए" काम करने के लिए तैयार थे।

यह बताता है कि शी ने ताइवान के मामले में लाल रेखा को मजबूती से खींचा, जहां दोनों नेताओं के बीच "विस्तारित" चर्चा हुई है। व्हाइट हाउस के रीडआउट में कहा गया है कि अमेरिका "यथास्थिति को बदलने के एकतरफा प्रयासों का कड़ा विरोध करता है।" लेकिन सिन्हुआ (2875 शब्द) द्वारा दिए गए लंबे चीनी संस्करण के अनुसार, शी ने "ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव की नई लहर का उल्लेख किया, और तनाव को ताइवान के अधिकारियों द्वारा अपने स्वतंत्रता एजेंडे के लिए अमेरिकी समर्थन के लिए बार-बार प्रयास करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। साथ ही कुछ अमेरिकियों का इरादा चीन को नियंत्रित करने के लिए ताइवान का इस्तेमाल करना है। इस तरह की हरकतें बेहद खतरनाक होती हैं, ठीक वैसे ही जैसे आग से खेलना। जो आग से खेलेगा वह जल जाएगा।”

शी ने कहा, "हमारे पास धैर्य है और हम पूरी ईमानदारी और प्रयासों के साथ शांतिपूर्ण पुनर्मिलन की संभावना के लिए प्रयास करेंगे। उन्होने कहा, अगर ताइवान की स्वतंत्रता के लिए अलगाववादी ताकतें हमें उकसाती हैं, या यहां तक कि लाल रेखा को पार करती हैं, तो हम दृढ़ उपाय अपनाने पर मजबूर होंगे।

शी ने इस मामले में किसी भी समझौते से इनकार किया है। सिन्हुआ के अनुसार, "बाइडेन ने अमेरिकी सरकार की लंबे समय से चली आ रही एक-चीन नीति की पुष्टि की है, कहा कि अमेरिका "ताइवान स्वतंत्रता" का समर्थन नहीं करता है, और उन्होने ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आशा व्यक्त की है। अमेरिका चीन के साथ आपसी सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के आधार पर काम करने, संचार बढ़ाने, गलत धारणा को कम करने और मतभेदों को रचनात्मक रूप से हल करने के लिए तैयार है।

निस्संदेह, संबंधों का भविष्य लगभग पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका अपने रुख को कैसे सुधारता है। बीजिंग ने अपना धैर्य तब दिखाया जब बैठक से कुछ घंटे पहले, छह चीनी विमान ताइवान के तथाकथित वायु रक्षा क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे।

जाहिर है साढ़े तीन घंटे की बैठक में काफी काम हुआ। अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि बाइडेन ने "रणनीतिक स्थिरता पर चर्चा करने की जरूरत को उठाया और कहा कि उन्हें" नेताओं के निर्देशन की जरूरत है। कुल मिलाकर, सुलिवन ने यह कहने की कोशिश की कि संबंध "स्थिर दिशा” में प्रतियोगिता में से एक है जिसमें संचार की लाइनें खुली रहती हैं, जबकि अमेरिका सहयोगियों और भागीदारों के साथ काम करता है और जहां जरूरत पड़ती है "चीन का सामना करता है और जहां “हमारे हित” मिलते हैं वहां हम एक साथ काम कर सकते हैं।”

चीनी आकलन स्पष्ट रूप से अधिक आशावादी है। पीपुल्स डेली में सिन्हुआ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि "एक गंभीर वैश्विक नजरिये के तहत," दोनों नेताओं ने "एक उत्पादक आभासी बैठक में ... रिश्ते को पटरी पर लाने के लिए सहमति व्यक्त की है। उत्साहजनक सर्वसम्मति, अन्य सकारात्मक परिणामों के साथ...यह आशावाद का एक अत्यंत जरूरी शॉट था।"

हालांकि, यह कहा गया, "यह सही समय है कि संयुक्त राज्य अमेरिका वास्तव में एक जिम्मेदार देश की तरह कार्य करना शुरू कर दे ... एक जिम्मेदार वाशिंगटन को पूरे दिल से चीन के साथ पारस्परिक सम्मान बनाए रखना चाहिए ... इसका मतलब है कि दोनों देश एक-दूसरे को समान समझ कर व्यवहार करें और एक-दूसरे की सामाजिक व्यवस्था और विकास पथ, मूल हितों और प्रमुख चिंताओं और साथ ही विकास के अधिकार का सम्मान करें... अब जो विशेष रूप से अनिवार्य और जोकि चीन-अमेरिका संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि संयुक्त राज्य अमेरिका को ताइवान के सवाल पर आग से खेलना बंद कर देना चाहिए। क्योंकि संवेदनशील मुद्दों पर उकसावे या धमकी से चीन एक इंच भी हिलता नहीं है।

टिपणी में कहा गया है कि, "वाशिंगटन को यह साबित करने के लिए ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है कि अमेरिका-चीन संबंधों को बेहतर बनाने के लिए चीन को नियंत्रित करने की कोशिश न करे और घोषणा करे कि यह कोई सामरिक जुआ नहीं बल्कि एक रणनीतिक विकल्प है।" इसमें भरोसे की कमी साफ नजर आती है।

लब्बोलुआब यह है कि अमेरिका-चीन संबंधों का असफल चरण समाप्त हो सकता है। बैठक में तय की गई प्रमुख प्राथमिकताओं का पालन किया जाना निश्चित है। सरकारी अखबार चाइना डेली ने विश्वास जताया है कि बैठक "द्विपक्षीय संबंधों को स्थिरता देगी और गहन जुड़ाव को गति प्रदान करेगी।"

चीनी टिप्पणीकार उम्मीद कर रहे हैं कि घरेलू स्तर पर बढ़ते मुद्रास्फीति के दबाव और अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए बाइडेन के लिए अनुमोदन रेटिंग में गिरावट को देखते हुए, वाशिंगटन टैरिफ और संबंधित व्यापार मुद्दों को और आसान बनाकर बीजिंग के साथ काम करने के लिए तैयार हो सकता है।

व्यापार संबंधों पर, शी ने चीन-अमेरिका के आर्थिक और व्यापार संबंधों को प्रकृति में पारस्परिक रूप से लाभकारी बताया और कहा कि दोनों पक्षों को सहयोग के माध्यम से “केक को बड़ा बनाने” की आवश्यकता है। चीनी उम्मीद है कि शिखर बैठक के बाद संचार और सहयोग को मजबूत करने के लिए और अधिक चैनल खोले जाएंगे।

दो दर्जन अमेरिकी व्यापार संघों ने बाइडेन प्रशासन से बढ़ती मुद्रास्फीति के बीच अमेरिकियों को राहत प्रदान करने के लिए चीनी सामानों पर शुल्क कम करने का आग्रह किया है, यह तर्क देते हुए कि पिछले कई वर्षों में लगाए गए टैरिफ अमेरिकी व्यवसायों, किसानों, श्रमिकों और परिवारों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। 

प्रभावशाली यूएस-चाइना बिजनेस काउंसिल को उम्मीद है कि आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा के लिए जल्द ही अलग-अलग बैठकें निर्धारित की जाएंगी, जबकि "आर्थिक और व्यापारिक संबंध रिश्ते का एक मजबूत आधार हैं और ये रिश्ते रणनीतिक जोखिमों को प्रबंधित करने में मदद कर सकते हैं।"

अंग्रेजी में मूल रूप से प्रकाशित लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

US, China Commence ‘Responsible Competition’

United States
China
US-China relationship
Xi Jinping
one-China policy
Joe Biden

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

डोनबास में हार के बाद अमेरिकी कहानी ज़िंदा नहीं रहेगी 

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन


बाकी खबरें

  • रिपोर्ट: मोदी के ‘न्यू इंडिया’ में बढ़ता जा रहा है मीडिया पर हमला
    बी. सिवरामन
    रिपोर्ट: मोदी के ‘न्यू इंडिया’ में बढ़ता जा रहा है मीडिया पर हमला
    06 Aug 2021
    राइट्स ऐण्ड रिस्क्स एनेलिसिस ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वर्ष 2020 में  226 पत्रकार, जिनमें से 12 महिला पत्रकार हैं, और साथ ही 2 मीडिया घराने हमलों के शिकार बने। ये हमले विविध किस्म के थे।
  • भागवत
    एजाज़ अशरफ़
    भागवत और आरएसएस के बारे में मुस्लिम बुद्धिजीवियों को क्या नहीं पता!
    06 Aug 2021
    आरएसएस प्रमुख ने हाल ही में दिए अपने भाषण में कहा कि हिंदू-मुस्लिम के बीच जारी कलह से बाहर निकलने का रास्ता बातचीत है। क्या उनके अपने ही संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच मौजूद असामंजस्य को देखते हुए क्या…
  • मरियम ढवले
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    आज़ादी के बाद की सबसे अधिक बेरोज़गारी से जूझ रहीं हैं औरतें: मरियम ढवले
    06 Aug 2021
    शैली स्मृति व्याख्यान में "महिलायें; शोषण के पहले निशाने पर हैं तो प्रतिरोध के भी अग्रिम मोर्चे पर हैं" विषय पर बोलते हुए मरियम ढवले ने कहा कि बीमारी के पहले से औरतों को काम नहीं मिल रहा है। महामारी…
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 44,643 नए मामले, 464 मरीज़ों की मौत
    06 Aug 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 44,643 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 1.30 फ़ीसदी यानी 4 लाख 14 हज़ार 159 हो गयी है।
  • हड़तालों के सिलसिले में आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक आईएलओ नीति का उल्लंघन
    डॉ के आर श्याम सुंदर
    हड़तालों के सिलसिले में आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक आईएलओ नीति का उल्लंघन
    06 Aug 2021
    ट्रेड यूनियनों की दलील है कि रक्षा क्षेत्र में निगमीकरण से जुड़े तमाम घोषित उद्देश्यों को सरकारी ढांचे के भीतर भी हासिल किया जा सकता है और ये प्रस्ताव सही मायने में उसी कथित सिलसिले में पेश किये गये…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License