NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ने कोरोना महामारी के दौरान इराक़ में पेट्रियट मिसाइल तैनात कीं
इन मिसाइलों को ऐन अल-असद और इरबिल बेस पर तैनात किया गया है। इन दोनों बेस पर अमेरिका द्वारा ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी और इराक़ी कमांडर अबू मेहदी की हत्या के बाद रॉकेट और मिसाइलों से हमला हुआ है।
पीपल्स डिस्पैच
02 Apr 2020
अमेरिका ने कोरोना महामारी के दौरान इराक़ में पेट्रियट मिसाइल तैनात कीं

अमेरिका ने एक और लापरवाह हिंसात्मक क़दम उठाते हुए और इराक़ में पेट्रियट मिसाइलें तैनात कर दी हैं। अमेरिका ने ऐसा करते हुए उन बसों पर 'बार-बार हो रहे हमलों' का हवाला दिया है जहाँ अमेरिका और नैटो के फ़ौजी तैनात किए गए हैं। यह जानकारी अल जज़ीरा ने बुधवार 1 अप्रैल को दी है।

अमेरिका द्वारा क़ासिम सुलेमानी और अबू मेहदी की हत्या के बाद से ईरान और विभिन्न इराक़ी संगठनों ने अमेरिकी और नैटो के बेस पर हमला करके इस 'एक्ट ऑफ़ वॉर' का बदला लेने की धमकियाँ दी हैं। उन्होंने इन हत्याओं को इराक़ी सम्मान पर हमला भी बताया था। इनमें से कुछ बसों पर हमले हुए भी हैं, जिनमें पिछले दो महीने में 5 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी।

ईरान ने 8 जनवरी को अल-असद बेस पर हमला किया था जिसमें सैंकड़ों अमेरिकी सैनिकों को सर में चोट लगी थी।
मिसाइल तैनाती की ख़बर पर जवाब देते हुए ईरान ने अमेरिका को मिडिल ईस्ट में और तबाही ना फैलाने की चेतावनी दी है।

उसने अमेरिका को यह भी याद दिलाया कि मिसाइलों की यह तैनाती, इराक़ी सरकार और इराक़ी संसद की आधिकारिक पॉलिसी के ख़िलाफ़ होने के साथ-साथ इराक़ी जनता की भावनाओं के भी ख़िलाफ़ है।

इराक़ी संसद ने कोरोना महामारी के ख़तरे को देखते हुए 5 जनवरी को पारित हुए एक प्रस्ताव में सभी विदेशी सैनिकों को देश छोड़ देने को कहा था।

इराक़ में अभी तक संक्रमण के 728 मामले सामने आये हैं जिनमें से 52 की मौत हो गई है।

इन मिसाइलों को ऐन अल-असद और इरबिल बेस पर तैनात किया गया है। इन दोनों बेस पर अमेरिका द्वारा ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी और इराक़ी कमांडर अबू मेहदी की हत्या के बाद रॉकेट और मिसाइलों से हमला हुआ है।

इराक़ी सरकार और अमेरिका जनवरी से ही कथित तौर पर मिसाइलों की तैनाती को लेकर बातचीत कर रहे थे, लेकिन यह बात अभी पक्की नहीं है कि इस तैनाती में इराक़ी सरकार की मंज़ूरी है या नहीं।
हालांकि 30 मार्च को इराक़ के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अब्दुल मेहदी ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि वो इराक़ी सरकार की मंज़ूरी के बिना कोई भी मिलिट्री कार्रवाई न करे।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

America
Coronavirus
COVID-19
Iraq
US-Iraq
Patriot missiles

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • modi
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    और कितना विष पीएंगे बाबा विश्वनाथ!
    17 Dec 2021
    हमारी राजनीति शिव मंदिर में पूजा अर्चना और उसका दिखावा करना तो जानती है लेकिन वह अपने धर्म और संस्कृति के महान आदर्शों से अनभिज्ञ है। इस बात को इस देश की भोली भाली और धर्मभीरु जनता जितनी जल्दी समझ…
  • Lakhimpur Kheri
    रवि शंकर दुबे
    लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’
    17 Dec 2021
    3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुए हत्याकांड ने पूरे देश को दहला कर रख दिया था। तब से अब तक क्या कुछ घटा या जुड़ा इस कहानी में...आइए जानते हैं
  • covid
    रिचा चिंतन
    अमेरिका और ब्रिटेन के पास उपलब्ध अतिरिक्त वैक्सीन खुराकों से पूरे अफ़्रीका का टीकाकरण किया जा सकता है
    17 Dec 2021
    मौजूदा वैक्सीन असमानता ओमिक्रॉन के फैलने के साथ भयावह होती जा रही है। फ़िलहाल अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के पास उपलब्ध अतिरिक्त खुराकों से अफ़्रीका की टीकारहित आआबड़ी का टीकाकरण किया जा सकता है।
  • Uttarakhand Wildlife
    रश्मि सहगल
    उत्तराखंड के नेताओं ने कैसे अपने राज्य की नाज़ुक पारिस्थितिकी को चोट पहुंचाई
    17 Dec 2021
    पिछले पांच वर्षों में राज्य की सरकार ने वन-विरोधी, नदी-विरोधी और वन्यजीव-विरोधी फैसले लिए हैं और हैरत की बात तो यह कि प्रदेश के किसी भी नेता ने इसे रोकने के लिए अपनी तरफ से कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
  • kisan samman
    काशिफ़ काकवी
    मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश के आदिवासी कोष में की 22% की कटौती, पीएम किसान सम्मान निधि योजना में कर दिया डाइवर्ट
    17 Dec 2021
    यह मामला तब सामने में आया जब एमपी के बालाघाट से भाजपा के एक सांसद, ढाल सिंह बिशेन ने पिछले पांच वर्षों में आदिवासियों के कल्याण हेतु मध्य प्रदेश को आवंटित की गई राशि पर एक सवाल दायर किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License