NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
सऊदी अरब व यूएई को हथियार बेचने के ट्रम्प प्रशासन के फैसले को यूएस ने निलंबित किया
इस घोषणा का मानवाधिकार और युद्ध-विरोधी समूहों तथा शांति की अपील करने वाले एक्टिविस्ट ने स्वागत किया।
पीपल्स डिस्पैच
28 Jan 2021
सऊदी अरब व यूएई को हथियार बेचने के ट्रम्प प्रशासन के फैसले को यूएस ने निलंबित किया

27 जनवरी को प्रकाशित अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ ट्रम्प प्रशासन द्वारा किए गए हथियारों के सौदे को अमेरिका निलंबित कर देगा। यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंथनी ब्लिंकेन ने कहा कि उन्नत हथियारों और लड़ाकू जेट को बेचने के लिए हुए इस व्यापक सौदे की समीक्षा की जाएगी।

इस घोषणा का स्वागत मानवाधिकार समूहों, युद्ध-विरोधी और शांति कार्यकर्ताओं और संगठनों द्वारा किया गया साथ ही साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के कांग्रेस के कुछ सदस्यों इल्हान उमर और रो खन्ना ने भी इसका स्वागत किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने चुनाव अभियान के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा घोषित कई हथियारों के सौदों की फिर से जांच करने के अपने इरादे को जाहिर किया था और यहां तक कि उन्होंने यमन में सऊदी के नेतृत्व में गठबंधन के हस्तक्षेप की वैश्विक जांच और भारी निंदा के चलते ये चुनाव जीता था। इस गठबंधन में यूएई भी शामिल है। लीबिया में जारी गृहयुद्ध में यूएई की भूमिका भी चिंता का विषय है।

यमन के युद्ध में भाग लेने वाले विभिन्न खाड़ी देशों को निरंतर सैन्य मदद के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की दुनिया भर में आलोचना की गई है।

पूर्ववर्ती ट्रम्प प्रशासन ने अपने 4 साल के कार्यकाल के दौरान इन दो क्षेत्रीय शक्तियों के साथ कई छोटे-बड़े हथियारों के सौदों की घोषणा की थी। ट्रम्प प्रशासन के आखिरी महीने में यूएई के साथ 50 एफ-35 फाइटर जेट और 18 एमक्यू- 9बी रीपर ड्रोन को बेचने के लिए 23 बिलियन डॉलर का बड़ा सौदा किया गया था जो 'अब्राहम समझौते’ के नाम से जाने जाने वाले इजरायल-अरब के रिश्ते को सामान्य करने के समझौतों के बाद हुआ था।

इन हथियारों के सौदे की भी निंदा की गई थी और कई अमेरिकी सीनेटरों द्वारा घरेलू तौर पर विरोध किया गया, जिसमें कुछ रिपब्लिकन भी शामिल थे जिन्होंने चेतावनी दी थी कि इससे क्षेत्र में 'खतरनाक हथियारों की होड़' पैदा हो सकती है। सेक्रेटरी ब्लिंकेन ने अब्राहम समझौते के लिए अपने प्रशासन का समर्थन व्यक्त किया, लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि इससे हथियारों के सौदों की समीक्षा प्रभावित होगी या ये कैसे होगी।

USA
Donand Trump
Saudi Arab
UAE
Joe Biden

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर


बाकी खबरें

  • cartoon
    भाषा
    अवैध रेत खनन मामला: ईडी ने पंजाब में कई स्थानों पर की छापेमारी
    18 Jan 2022
    संघीय एजेंसी के अधिकारी चंडीगढ़ तथा मोहाली में कम से कम 10 से 12 स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
  • covid
    भाषा
    देश में 230 दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक उपचाराधीन मरीज
    18 Jan 2022
    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में सोमवार से ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के मामलों में 8.31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
  • covid
    डी रघुनंदन
    कोविड पर नियंत्रण के हालिया कदम कितने वैज्ञानिक हैं?
    18 Jan 2022
    सरकार के निर्णयों के पीछे संदिग्ध किस्म की मॉडलिंग का प्रयोग था, जिन्हें शीर्षस्थ सरकारी अधिकारियों व विज्ञान प्रशासकों का अनुमोदन हासिल था। इन प्रयोगों के आधार पर असंभव किस्म के पूर्वानुमान पेश किए…
  • Oxfam International report
    सत्यम श्रीवास्तव
    अमीरों के लिए आपदा में अवसर बनी कोरोना महामारी – ऑक्स्फ़ाम इन्टरनेशनल की रिपोर्ट
    18 Jan 2022
    दुनिया में मौजूद आर्थिक, सामाजिक, लैंगिक और नस्लीय असमानता हिंसक समाज ही रचेगी 
  • MGKVP
    कौशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    यूपी चुनाव : छात्र संगठनों का आरोप, कॉलेज यूनियन चुनाव में देरी के पीछे योगी सरकार का 'दबाव'
    18 Jan 2022
    वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्र संघ चुनाव कई बार स्थगित किए जा चुके हैं, जिसकी वजह से विरोध प्रदर्शन हुए हैं। छात्रों का आरोप है कि उन्हें नज़रबंद किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License