NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
युगांडाः चुनाव परिणामों का विरोध करने पर विपक्ष हमले और उत्पीड़न का शिकार
युगांडा के राष्ट्रपति और संसद के लिए चुनाव 14 जनवरी को हुए थे। इस चुनाव में लंबे समय तक राष्ट्रपति रहे योवेरी मुसेवेनी और उनके नेशनल रेसिस्टेंस मूवमेंट को विजयी घोषित किया गया।
पीपल्स डिस्पैच
19 Jan 2021
युगांडा

युगांडा में 14 जनवरी को राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों में परिणामों की घोषणा के बाद बॉबी वाइन के नेतृत्व वाले विपक्ष ने आरोप लगाया है कि वे नए सिरे से सरकारी उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। वाइन ने सोमवार 18 जनवरी को आरोप लगाया कि उन्होंने जब से अदालत में राष्ट्रपति के चुनाव के परिणाम को चुनौती देने का फैसला किया है तब से उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया है और उनकी पार्टी नेशनल यूनिटी प्लेटफॉर्म (एनयूपी) को सुरक्षा बलों द्वारा घेर लिया गया है और छापा मारा गया है।

देश के निर्वाचन आयोग द्वारा शनिवार 16 जनवरी को लंबे समय से राष्ट्रपति रहे योवेरी मुसेवेनी को विजयी घोषित किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार मुसेवेनी को 58.6% वोट मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी बॉबी वाइन लगभग 35% मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

बॉबी वाइन और एनयूपी ने इन परिणामों को खारिज कर दिया है। एनयूपी ने यह भी घोषणा की है कि वह देश की अदालतों में इन चुनावों को चुनौती देने के लिए एक कानूनी याचिका तैयार कर रहा है।

पुलिस ने एक अन्य उम्मीदवार किज्जा बेसीगई के घर को भी घेर लिया है। युगांडा की पुलिस ने बताया कि उसने चुनाव संबंधी अपराधों को लेकर 220 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और हिंसा के किसी तरह के उकसावे को रोकने के लिए वाइन के घर के बाहर सुरक्षा बलों को तैनात किया है।

बॉबी वाइन के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के अनुसार सुरक्षा बल कंपाला में एनयूपी मुख्यालय में किसी को भी अंदर या बाहर नहीं जाने दे रहे हैं और सुरक्षा अधिकारियों द्वारा तलाश किए जाने पर पार्टी के अधिकारी फरार पाए जा रहे हैं।

युगांडा में राष्ट्रपति चुनाव तक बॉबी वाइन और उनके समर्थकों के खिलाफ सरकार की ओर से दमनात्मक कार्रवाई की गई। उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया था और उनकी रैलियों पर COVID -19 नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए सुरक्षा बलों ने हमला किया था। नवंबर में वाइन की गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी कार्रवाई में 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई।

युगांडा में विपक्ष के प्रति सरकार की दमनात्मक कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार एजेंसियों ने चिंता व्यक्त की थी।

सरकार ने मतदान से कुछ दिन पहले सोशल मीडिया साइटों को सस्पेंड कर दिया था और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए देश में इंटरनेट पर रोक लगा दिया था। सोमवार को इंटरनेट आंशिक रूप से बहाल किया गया।

Uganda
Yoweri Museveni
National Resistance Movement
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • Hijab
    अजय कुमार
    आधुनिकता का मतलब यह नहीं कि हिजाब पहनने या ना पहनने को लेकर नियम बनाया जाए!
    14 Feb 2022
    हिजाब पहनना ग़लत है, ऐसे कहने वालों को आधुनिकता का पाठ फिर से पढ़ना चाहिए। 
  • textile industry
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः "कानपुर की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी"
    14 Feb 2022
    "यहां की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी है। जमीनी हकीकत ये है कि पिछले दो साल में कोरोना लॉकडाउन ने लोगों को काफ़ी परेशान किया है।"
  • election
    ओंकार पुजारी
    2022 में महिला मतदाताओं के पास है सत्ता की चाबी
    14 Feb 2022
    जहां महिला मतदाता और उनके मुद्दे इन चुनावों में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं, वहीं नतीजे घोषित होने के बाद यह देखना अभी बाक़ी है कि राजनीतिक दलों की ओर से किये जा रहे इन वादों को सही मायने में ज़मीन पर…
  • election
    सत्यम श्रीवास्तव
    क्या हैं उत्तराखंड के असली मुद्दे? क्या इस बार बदलेगी उत्तराखंड की राजनीति?
    14 Feb 2022
    आम मतदाता अब अपने लिए विधायक या सांसद चुनने की बजाय राज्य के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के लिए मतदान करने लगा है। यही वजह है कि राज्य विशेष के अपने स्थानीय मुद्दे, मुख्य धारा और सरोकारों से दूर होते…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 34,113 नए मामले, 346 मरीज़ों की मौत
    14 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.12 फ़ीसदी यानी 4 लाख 78 हज़ार 882 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License