NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कम्युनिस्ट नेता के संदेश को प्रसारित करने पर यूक्रेन की सरकार ने मीडिया आउटलेट को निशाना बनाया
यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी (केपीयू) के सचिव पेट्रो सिमोनेंको के विजय दिवस संदेश को प्रसारित करने के लिए गोलोसयूए मीडिया के प्रमुख को यूक्रेन के न्याय मंत्रालय द्वारा बुलाया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
13 Oct 2020
यूक्रेन

सोमवार 12 अक्टूबर को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ यूक्रेन (केपीयू) ने देश में दक्षिणपंथी सरकार द्वारा मीडिया एजेंसी गोलोसयूए (GolosUA)के प्रमुख को बुलाने के निर्णय को लेकर हमला दिया है। इस वर्ष 9 मई को विजय दिवस के अवसर पर केपीयू सचिव पेट्रो सिमोनेंको द्वारा एक वीडियो संदेश प्रसारित करने के लिए इस मीडिया आउटलेट को यूक्रेन (एसबीयू) की सुरक्षा सेवा के निर्देशों पर बुलाया गया था। यह दिन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी की हार की वर्षगांठ का दिन है। एसबीयू ने न्याय मंत्रालय को सूचित किया है कि कम्युनिस्ट नेता के संदेश को प्रसारित करके गोलोसयूए ने यूक्रेन में डीकम्यूनाइजेशन क़ानून के प्रावधानों का उल्लंघन किया।

दक्षिणपंथी सरकारों वाले अन्य पूर्वी यूरोपीय देशों की तरह यूक्रेन में डीकम्यूनिजेशन क़ानून लागू हैं जिसका उद्देश्य इन पूर्ववर्ती कम्युनिस्ट देशों में संस्कृति, विचारधारा और कम्यूनिस्ट स्टेट सत्ता की विरासत को ख़त्म करना है। इस तरह के क़ानूनों का इस्तेमाल कम्युनिस्ट प्रतीकों और प्रकाशनों पर प्रतिबंध लगाने, सोवियत युग के स्मारकों को खत्म करने और कम्युनिस्टों को सताने के लिए किया जाता है।

यूक्रेन में कम्युनिस्टों के ख़िलाफ़ हमला दक्षिणपंथी यूरोमैडन विरोध (2013-14) के बाद पेट्रो पोरोशेंको के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के उकसाने के चलते साल 2015 में केपीयू के प्रतिबंध के साथ शुरू हुआ था। इस नीति को वोलोदिमिर जेलेंस्की की वर्तमान सरकार द्वारा जारी रखा गया है।

साल 2016 में टेलीविजन एंड रेडियो के राष्ट्रीय परिषद ने सिमोनेंको द्वारा एक विजय दिवस संदेश प्रसारित करने के लिए गामा टीवी चैनल का लाइसेंस वापस ले लिया। अगस्त 2019 में कीव डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने कम्युनिस्ट-समर्थक अखबार राबोचाया गजेटा (वर्कर्स न्यूजपेपर) पर प्रतिबंध लगा दिया जिसकी स्थापना 1897 में की गई थी। नवंबर 2019 में यूक्रेन में छठे अपील प्रशासनिक न्यायालय ने इस फैसले को क़ायम रखा। 

सोमवार को एक बयान में केपीयू ने कहा कि पोस्ट-मेडेन यूक्रेन में एसबीयू एक राजनीतिक पुलिस का कार्य करता है। केपीयू के अनुसार, सिमोनेंको के विजय दिवस संदेश को प्रसारित करके "डीकम्यूनाइजेशन" पर संविधान-विरोधी कानून का उल्लंघन करने के बहाने स्वतंत्र समाचार एजेंसी गोलोसयूए पर हमला यूक्रेन में नाज़ीवाद और फासीवाद के महिमामंडन के लिए राज्य की नीति की निरंतरता से अधिक कुछ नहीं है। यह हिटलरवादी जर्मनी और उसके यूरो-क्षेत्रों की जीत में कम्युनिस्टों और सोवियत लोगों की भूमिका से इनकार करना है।

केपीयू ने कहा, "यूक्रेन की कम्युनिस्ट पार्टी ने अपना कड़ा विरोध व्यक्त किया है और सत्ताधारी शासन के अपराधों के लिए उसकी आंखें खोलने वाले स्वतंत्र मीडिया आउटलेट्स को सताया और नष्ट करने की प्रथा को तत्काल समाप्त करने की मांग की है।" 

ukraine
communist party
KPU
Right wing euromadan protest
Government of Ukraine
International news

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

पश्चिम बैन हटाए तो रूस वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद करेगा: पुतिन

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

गुटनिरपेक्षता आर्थिक रूप से कम विकसित देशों की एक फ़ौरी ज़रूरत

यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल


बाकी खबरें

  • श्रुति एमडी
    किसानों, स्थानीय लोगों ने डीएमके पर कावेरी डेल्टा में अवैध रेत खनन की अनदेखी करने का लगाया आरोप
    18 May 2022
    खनन की अनुमति 3 फ़ीट तक कि थी मगर 20-30 फ़ीट तक खनन किया जा रहा है।
  • मुबाशिर नाइक, इरशाद हुसैन
    कश्मीर: कम मांग और युवा पीढ़ी में कम रूचि के चलते लकड़ी पर नक्काशी के काम में गिरावट
    18 May 2022
    स्थानीय कारीगरों को उम्मीद है कि यूनेस्को की 2021 की शिल्प एवं लोककला की सूची में श्रीनगर के जुड़ने से पुरानी कला को पुनर्जीवित होने में मदद मिलेगी। 
  • nato
    न्यूज़क्लिक टीम
    फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने
    17 May 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के विस्तार के रूप में फिनलैंड-स्वीडन के नेटो को शामिल होने और तुर्की के इसका विरोध करने के पीछे के दांव पर न्यूज़क्लिक के प्रधान…
  • सोनिया यादव
    मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!
    17 May 2022
    देश में मैरिटल रेप को अपराध मानने की मांग लंबे समय से है। ऐसे में अब समाज से वैवाहिक बलात्कार जैसी कुरीति को हटाने के लिए सर्वोच्च अदालत ही अब एकमात्र उम्मीद नज़र आती है।
  • ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद
    विजय विनीत
    ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद
    17 May 2022
    सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मामले की सुनवाई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने की। कोर्ट ने कथित शिवलिंग क्षेत्र को सुरक्षित रखने और नमाज़ जारी रखने के आदेश दिये हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License