NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
विज्ञान
भारत
राजनीति
केंद्र ले मौजूदा कोरोना संकट की ज़िम्मेदारी, राज्यों के साथ साझेदारी की ज़रूरत : एआईपीएसएन
दिन में चुनावी रैली के बाद, प्रधानमंत्री ने शाम को कोरोना संकट से निपटने के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में केंद्र ने कोरोना की दूसरी लहर के लिए राज्यों और जनता को दोषी ठहराया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Apr 2021
Modi meeting

देर से आए, फिर भी दुरुस्त नहीं आए। कल दिन में एक बड़ी “भीड़-भड़ाके” वाली रैली करने के बाद प्रधानमंत्री ने शाम में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को दुरुस्त करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई इस बैठक में मौजूदा कोरोना की दूसरी लहर के संकट के लिए केंद्र ने सारा दोष राज्य सरकारों और जनता पर मढ़ दिया।

यह रवैया से सिर्फ एक चीज साफ है कि केंद्र सरकार इस सूरते हाल में हो रही उसकी किरकिरी और विफलता से बचने के लिए अपनी ज़िम्मेदारी से पलड़ा झाड़ना चाहती है।

पहली लहर के पूरे एक साल बाद भी केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ साझेदारी के साथ काम करने को महत्वपूर्ण नहीं समझा है। ऑल इंडिया पीपुल्स साइंस नैटवर्क (एआईपीएसएन) ने अपने जारी एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार को राज्यों पर दोष डालने के बजाय साक्ष्यों पर आधारित जरूरी कदम उठाते हुए राज्य सरकारों का मार्गदर्शन करना चाहिए तथा उसे उन्हें वित्तीय व अन्य सहायता मुहैया करानी चाहिए।

एआईपीएसएन ने अपने बयान में आगे कहा, “सरकार को दूसरी लहर के कारणों और भविष्य में अपनायी जाने वाली सावधानियों के संबंध में पक्के निष्कर्षों तक पहुंचने के लिए ज्यादा से ज्यादा महामारीवैज्ञानिकों और डॉक्टरों के मशवरे और विश्लेषण की जरूरत है।”

एआईपीएसएन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि भारत में संक्रमितों का जोर-शोर से टैस्ट करने, उन्हें ट्रेस करने, बाकी लोगों से अलग करने और उनका उपचार करने की जरूरत है। इसके अलावा टैस्टिंग को उल्लेखनीय तरीके से बढ़ाने की जरूरत है, जिसमें आरटी-पीसीआर टैस्टों पर जोर रहना चाहिए ताकि संक्रमणों का और तेजी से पता लगाया जा सके। कांटैक्ट ट्रेसिंग को अब मजबूत किए जाने की बहुत ज्यादा जरूरत है। समुदाय की हिस्सेदारी के साथ, विकेंद्रीकृत साक्ष्य-आधारित नजरिए सबसे ज्यादा प्रभावी होंगे।

एआईपीएसएन आगे अपने बयान में कहता है, “अधिकारियों के बीच और कुछ टिप्पणीकारों के बीच भी एक भ्रमित प्रवृत्ति देखने को मिल रही है जो यह मानती है कि टीके को महामारी से निपटने तथा दूसरी लहर को खत्म करने के लिए रामबाण औषधि है। प्रतिव्यक्ति टीकाकरण के पैमाने से भारत, विश्व औसत से काफी नीचे है। कई राज्य, केंद्र से टीके की आपूर्ति में कमी पडने की भी शिकायतें कर रहे हैं। इसको दुरुस्त करने के साथ-साथ केंद्र सरकार को टीकाकरण अभियान को लेकर व्यापक स्तर पर प्रचार अभियान चलाने की ज़रूरत है। टीके को लेकर जो हिचक बनी हुई है, उस पर भी काबू पाने की कोशिशें होनी चाहिए।”

Coronavirus
COVID-19
COVID second wave
AIPSN
prime minister
Covid-19 Vaccination

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • इकॉनमी में मांग की भरपाई कौन करेगा ?
    न्यूज़क्लिक टीम
    इकॉनमी में मांग की भरपाई कौन करेगा ?
    27 Aug 2021
    पिछले 30 साल से देश में सूट-बूट की अर्थनीति चल रही है। अमीर और अमीर हो रहे हैं वहीँ गरीब खाने को मोहताज़ हैं। देश में निम्न और मध्यम वर्ग के हालात ख़राब ही होते जा रहे हैं जो देश की अर्थव्यवस्था के…
  • अफ़ग़ानिस्तान: आतंकी हमले के ख़ूनी छींटे भविष्य पर
    न्यूज़क्लिक टीम
    अफ़ग़ानिस्तान: आतंकी हमले के ख़ूनी छींटे भविष्य पर
    27 Aug 2021
    वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के हवाई अड्डे पर हुए सुसाइड आतंकी हमले और आईएसआईएस-के की ख़ौफ़नाक साज़िशों के संदर्भ में अफ़ग़ानिस्तान के भविष्य को लेकर चिंता पर…
  • डॉ. कफ़ील को ‘भड़काऊ भाषण’ मामले में राहत: “योगी सरकार की मनमानी पूरी तरह उजागर”
    सोनिया यादव
    डॉ. कफ़ील को ‘भड़काऊ भाषण’ मामले में राहत: “योगी सरकार की मनमानी पूरी तरह उजागर”
    27 Aug 2021
    डॉ. कफ़ील ख़ान को एक के बाद एक मिलती राहत, राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार और पुलिस प्रशासन की मंशा पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
  • नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन का फायदा किसको?
    अजय कुमार
    नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन का फायदा किसको?
    27 Aug 2021
    सड़क और रेलवे लाइन तो बहुत दूर की बात है, गांव-देहात के इलाकों में ढंग के प्राइवेट स्कूल तक नहीं होते हैं। यह भारत के प्राइवेट सेक्टर की एक कड़वी हकीकत है।
  • अफ़ग़ानिस्तान पर असमंजस में मोदी सरकार
    न्यूज़क्लिक टीम
    अफ़ग़ानिस्तान पर असमंजस में मोदी सरकार
    27 Aug 2021
    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कल विपक्ष के साथ अफ़ग़ानिस्तान में उपज रहे हालात पर बात की। मगर भारत सरकार की अफ़ग़ान नीति में इस वक़्त बहुत असमंजस है। न्यूज़ में तालिबान पर बहस के ज़रिए राजनीतिक एजेंडा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License