NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूनिवर्सल हेल्थ केयर : क्या बाइडेन निजी बीमा की तरक़्क़ी जारी रखेंगे या ‘कुछ बड़ा’ करेंगे?
यदि बाइडेन कुछ बड़ा और मजबूत करना चाहते हैं, तो वे निजी बीमा कंपनियों को टैक्स-डॉलर देने के बजाय वास्तव में सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को मज़बूत बना सकते हैं।
सोनाली कोल्हटकर
31 Mar 2021
Translated by महेश कुमार
Lic

जब कोरोना वायरस महामारी लोगों के जीवन में कहर बरपा रही है, राष्ट्रपति जोए बाइडेन महामारी से अमेरिका की बचाव योजना को बढ़ावा देने या उसे प्रचारित करने के लिए विजय यात्रा पर निकले हुए हैं, योजना के तहत करीब 1.9 ट्रिलियन डॉलर के खर्च का पैकेज है जो न केवल आर्थिक रूप से टूटे अमेरिकियों को सीधे प्रोत्साहन देगा, बल्कि सस्ती स्वास्थ्य देखभाल का एक विकल्प भी प्रदान करेगा। ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रांगण के एक अस्पताल में बाइडेन ने कहा, "हम एक ऐसा राष्ट्र बनने जा रहे हैं जहां स्वास्थ्य केयर/सेवा आम जन का अधिकार होगा और न कि केवल कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोगों का कैसा कि पहले थी।" राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा हस्ताक्षरित स्वास्थ्य केयर सुधार को पहली बार कानून के रूप में पारित करने के करीब ग्यारह साल बाद, यह कानूनी चुनौतियों और फंड न देने के रिपब्लिकन हमलों से आखिर बच गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व ने इसे संरक्षित और विस्तारित करके निश्चित रूप से रिपब्लिकन अवरोधक के खिलाफ एक बड़ी जीत दर्ज़ की है और रिपब्लिकन पार्टी के बेहतर विकल्पों की पेशकश के इनकार का जवाब है। लेकिन सस्ती स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली (ACA) को मिली नई मजबूती स्वास्थ्य बीमा उद्योग की पहली बड़ी जीत है।

अमेरिका की बचाव योजना के तहत एसीए स्वास्थ्य एक्सचेंजों के माध्यम से करदाताओं के दसियों अरबों टैक्स-डॉलर के माध्यम से बीमा विकल्पों को बहुत कम प्रीमियम में खरीदा है।  इसके अतिरिक्त, यह उन लोगों को कोबरा (COBRA) कवरेज की लागत का 100 प्रतिशत कवर देता है जिन्हें महामारी के दौरान नौकरी से निकाल दिया था। यहां तक कि न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस सुर्खी के साथ इस खबर को प्रकाशित किया कि, "डेमोक्रेट्स पर निजी बीमा ने दर्ज़ की जीत” जिसे स्वास्थ्य बीमा कवरेज के विस्तार की पहली कोशिश माना गया है।"

डॉ॰ पॉल सॉन्ग, जो हेल्थी-कैलिफोर्निया अभियान के उपाध्यक्ष हैं, और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के चिकित्सकों से बने बोर्ड के सदस्य भी हैं, ने एक साक्षात्कार में कहा कि, "पैसा सीधे निजी बीमा उद्योग में जा रहा है।" उन्होंने सवाल उठाया कि, "महामारी के दौरान नौकरी गंवाने वाले और स्वास्थ्य देखभाल कवरेज खो देने वाले आम लोगों से यह क्यों नहीं कहा जाता है कि जब तक उन्हे नई नौकरी नहीं मिल जाती, तब तक वे स्वचालित रूप से मेडिकेयर के हकदार होंगे?" इस कदम से करदाता डॉलर बहुत कम खर्च होंगे, और साथ ही मेडिकेयर फॉर ऑल प्रोग्राम के तर्क को बढ़ावा मिलेगा, जिसका विरोध बाइडेन जैसे डेमोक्रेट्स वर्षों से करते आए है। विडंबना यह है कि बीमा उद्योग के वफादारों ने मेडिकेयर फॉर ऑल के विरोध में उच्च लागत का हवाला दिया है।  

मॉर्निंग कंसल्ट और पोलिटिको द्वारा किए गए एक नए सर्वेक्षण में पाया गया कि 55 प्रतिशत अमेरिकी मेडिकेयर फॉर ऑल के समर्थन में हैं। सर्वेक्षणकर्ता ने बड़े अजीब ढंग से परिणामों की सुर्खियां के बारे में बताया कि "मेडिकेयर फॉर ऑल" की मांग समाज में ध्रुवीकरण कर रही है। डेमोक्रेट पार्टी के लगभग 80 प्रतिशत समर्थक इसका समर्थन करते हैं, और रिपब्लिकन के बीच भी, एक चौथाई से अधिक लोग "मेडिकेयर फॉर ऑल" की मांग का समर्थन करते है।

अब चूंकि बाइडेन एसीए की सफलता का उल्लेख करते घूम रहे हैं (वह भी इसकी उच्च लागत का उल्लेख किए बिना), डेमोक्रेटिक सांसदों की बढ़ती संख्या को इससे एतराज़ हो रहा है। कांग्रेसवुमेन प्रमिला जयपाल (D-WA) ने अमेरिकी रेस्क्यू प्लान के तहत स्वास्थ्य देखभाल सब्सिडी को खारिज करते हुए कहा, "मुझे नहीं लगता कि ऐसा करने का यह कोई सबसे कुशल तरीका है," बल्कि वही कहा जो मिस्टर सॉन्ग ने कहा था: कि अमरीकी बेरोजगार अपने पूर्व नियोक्ता/मालिक की योजना पर हस्ताक्षर करने के बजाय मेडिकेयर योजना पर हस्ताक्षर कर रहे हैं।

जयपाल ने हाल ही में ‘मेडिकेयर फॉर आल’ 2021 अधिनियम को डेमोक्रेटिक कॉकस या गुट के आधे से अधिक हाउस के समर्थन से पेश किया था। उनके कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि यह बिल “प्राथमिक देखभाल, आँख, दंत चिकित्सा, दवाओं, मानसिक स्वास्थ्य, दीर्घकालिक सेवाओं और प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल सहित व्यापक लाभ प्रदान करने के एक मानव अधिकार के रूप में सभी को स्वास्थ्य देखभाल की गारंटी देता है और किसी भी किस्म की सह-अदायगी, निजी बीमा प्रीमियम, डिडक्टिबल्स या अन्य लागत के साझाकरण का समर्थन नहीं करता है।"

डॉ॰ सोंग को उम्मीद है कि इस तरह के कार्यक्रम में "हर साल अधिक गति" होगी। सॉन्ग ने कहा कि जबकि पिछले वर्षों में पूर्व कांग्रेसी जोए क्राउले जैसे डेमोक्रेट जो ‘मेडिकेयर फॉर ऑल’ के खिलाफ लामबंद थे, "उन्हे सभी एओसी में जमाल बोवामेन ने हरा दिया था," ये बात उन्होने न्यूयॉर्क के नए प्रतिनिधियों को संदर्भित करते हुए कही जिन्होने हाल ही में सालों से रहे क्रॉली जोकि मध्यमार्गी हैं को प्राथमिकी में पार्टी में हरा दिया था। अब, "पहली बार, पूरे न्यूयॉर्क के प्रतिनिधिमंडल ने मेडिकेयर फॉर ऑल का समर्थन किया है," उन्होंने कहा।

एक साहसिक और व्यापक स्वास्थ्य देखभाल योजना इस वक़्त की सबसे आदर्श योजना है। एक्सिओस के अनुसार, बाइडेन अपने बारे में "राष्ट्रपति ओबामा की तुलना में बड़ी और मज़बूत सोच वाले व्यक्ति की कहानी को आगे बढ़ाना पसंद करते हैं।" डेमोक्रेटस रिपब्लिकन की नीतियों से अलग दिखने के लिए उस आबादी पर खर्च करना चाहते हैं जिसे महामारी ने तबाह कर दिया था और जिन्होने आस्टिरिटी की नीतियों को वर्षों से झेला था, इस सब ने आम आबादी के प्रति सुरक्षा कार्यक्रमों को बंद कर दिया था। लागत के दृष्टिकोण से मेडिकेयर फॉर ऑल’ की आलोचना को न केवल पाखंडी माना जाएगा, बल्कि यह मानवीय जरूरतों के सामने निजी हितों को प्राथमिकता देने की रिपब्लिकन की नीति को आगे बढ़ाना भी माना जाएगा।

एडवोकेसी ग्रुप ‘पब्लिक सिटीजन’ के अनुसार, अमेरिका की निजी स्वास्थ्य बीमा-आधारित प्रणाली ने महामारी के दौरान देश को बड़े गहरे नुकसान में डाल दिया था। एक नए विश्लेषण के अनुसार, "लाखों अमेरिकियों को कोविड-19 से अनावश्यक रूप से संक्रमित होना पड़ा और लाखों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। इन मौतों को रोका जा सकता था। ”यह अनुमान लोगों के मरने पर आधारित इसलिए नहीं है कि उनके पास स्वास्थ्य बीमा नहीं था। इसके विपरीत, उसे लगा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए सही कदम उठाया कि बिना बीमा वाले कोविड-19 संबंधित उपचार करदाताओं द्वारा कवर किए जाएंगे (फिर भी इस बात के अधिक प्रमाण है कि संकट गंभीर होने पर सांसद सीनेट हर किसी की स्वास्थ्य देखभाल लागत को कवर करने के लिए तैयार हैं)।

इसके विपरीत, पब्लिक सिटिजन ने पाया कि हमारा पूरा हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर इसलिए फेल हो गया क्योंकि "प्रॉफिट और रेवेन्यू पर फोकस करने वाले हॉस्पिटल कोविड-19 का जवाब नहीं बन पाए, जबकि सेफ्टी नेट हॉस्पिटल बंद हो रहे थे।" निजी स्वास्थ्य बीमा प्रणालियों और सीमित सार्वजनिक प्रणालियों ने उस समय देश को एक भ्रमित स्थिति में छोड़ दिया जब एक घातक महामारी के खिलाफ जरूरी व्यवस्थित परीक्षण, कांटैक्ट ट्रेसिंग, और अब टीका वितरण के दृष्टिकोण को सुव्यवस्थित होना चाहिए था। इसके विपरीत, पब्लिक सिटीजन के अनुसार, "जिन देशों में अधिक मजबूत और एकीकृत सिस्टम थे, वे जांच को बढ़ाने, केंद्रीय सूचना केंद्र के माध्यम से बीमारी के प्रसार को ट्रैक करने और उचित हस्तक्षेप करने में सक्षम थे।"

इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि डेमोक्रेट्स को किसी भी प्रमुख कानून को पारित करने में  कुछ रिपब्लिकन सीनेट के समर्थन या सीनेट की अड़ंगेबाज़ी से बचने की जरूरत है, इसलिए जयपाल का बिल को एक महत्वाकांक्षी बने रहने की संभावना है। हालांकि, नए स्वास्थ्य और मानव सेवा सचिव जेवियर बेसेरा सरकार की संचालित स्वास्थ्य प्रणाली को दूसरा रास्ता प्रदान कर सकते हैं। इस प्रणाली के समर्थक बसेरा बयान की पुष्टि करते हुए रिपब्लिकन सीनेटर माइक क्रैपो (आर-इदाहो) कहते हैं, आपका, सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य की "एकल-भुगतानकर्ता व्यवस्था को लंबे समय से समर्थन, हमें शत्रुतापूर्ण लगता है।" निश्चित रूप से, बेसेरा ने इसकी पुष्टि करते हुए और समर्थन जीतने के लिए कहा कि उन्होने यह सब डेमोक्रेटिक पार्टी लाइन की नहीं बल्कि राष्ट्रपति बाइडेन के एजेंडे को लागू करने के लिए किया है।

डॉ॰ सोंग के अनुसार, "सचिव बेसेरा का कहना है कि उन्हें लगता है कि राज्यों को छूट दी जानी चाहिए, क्योंकि अब उनके पास ऐसा करने की क्षमता है।" एसीए के सकारात्मक पहलुओं में से एक बात यह है कि राज्यों को संघीय छूट के आवेदन करने का अधिकार है और एचएचएस सचिव इस तरह के छूट देने की बात कर सकते है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, "क्योंकि इन छूटों को कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत नहीं है, वे बाइडेन प्रशासन का महत्वपूर्ण नीति निर्धारण उपकरण बन सकते हैं," फिर चाहे जो भी पार्टी सीनेट को नियंत्रित करती हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

सॉन्ग ने स्पष्ट किया कि, "कैलिफोर्निया जैसे राज्य अपनी राज्य-आधारित स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली स्थापित कर सकते हैं यदि वह एसीए द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करता है,"। अपने संघीय मध्यमार्गी डेमोक्रेटिक समकक्षों की तरह, कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजोम (और उनसे पहले, जेरी ब्राउन) मेडिकेयर के पक्ष में बोलते थे, जबकि वे सत्ता में आने के बाद इस मुद्दे पर मजबूत रुख अपनाने से पीछे हटने वाले उम्मीदवार थे। न्यूज़ॉम, जोकि रिपब्लिकन के वापस बुलाने की कार्यवाही का सामना कर रहे हैं, वे अब स्वास्थ्य देखभाल के अपने वादे को निभाने के लिए कैलिफोर्निया के सांसदों यानि अपने डेमोक्रेटिक सहयोगियों से समर्थन मांग रहे है।

भले ही हम सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य देखभाल योजना में कैसे भी पहुंचे, लेकिन इसके लिए अब गति बढ़ रही है। वैज्ञानिकों की चिंता है कि अगली महामारी जल्दी ही आएगी। करदाताओं के डॉलरों को निजी स्वास्थ्य बीमा उद्योग के अधिकारियों की जेब में डालने के बजाय, सरकार द्वारा संचालित योजना जोकि अधिक कुशल और सस्ती होगी, बल्कि जीवन को भी बचाएगी- पर खर्च बढ़ाना आखिरकार सबसे महत्वपूर्ण विचार होना चाहिए।

सोनाली कोल्हाटकर टेलीविजन और रेडियो शो "राइजिंग अप विद सोनाली" की संस्थापक, होस्ट  और कार्यकारी निर्माता हैं, जो फ्री स्पीच टीवी और पैसिफिक स्टेशनों पर प्रसारित होता है। वे  इंडिपेंडेंट मीडिया इंस्टीट्यूट में इकोनॉमी फॉर ऑल प्रोजेक्ट की फेलो हैं।

इस लेख को इकोनॉमी फॉर ऑल द्वारा प्रकाशित किया गया था, जो स्वतंत्र मीडिया संस्थान की एक परियोजना है।

Biden
Democratic Party
Economy
GOP
Right wing
health care
labor
Media
United States of America
opinion
politics
Social Benefits
Time-Sensitive

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

क्या जानबूझकर महंगाई पर चर्चा से आम आदमी से जुड़े मुद्दे बाहर रखे जाते हैं?

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

आर्यन खान मामले में मीडिया ट्रायल का ज़िम्मेदार कौन?

गतिरोध से जूझ रही अर्थव्यवस्था: आपूर्ति में सुधार और मांग को बनाये रखने की ज़रूरत

विशेष: कौन लौटाएगा अब्दुल सुब्हान के आठ साल, कौन लौटाएगा वो पहली सी ज़िंदगी

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

वित्त मंत्री जी आप बिल्कुल गलत हैं! महंगाई की मार ग़रीबों पर पड़ती है, अमीरों पर नहीं

धनकुबेरों के हाथों में अख़बार और टीवी चैनल, वैकल्पिक मीडिया का गला घोंटती सरकार! 


बाकी खबरें

  • indian freedom struggle
    आईसीएफ़
    'व्यापक आज़ादी का यह संघर्ष आज से ज़्यादा ज़रूरी कभी नहीं रहा'
    28 Jan 2022
    जानी-मानी इतिहासकार तनिका सरकार अपनी इस साक्षात्कार में उन राष्ट्रवादी नायकों की नियमित रूप से जय-जयकार किये जाने की जश्न को विडंबना बताती हैं, जो "औपनिवेशिक नीतियों की लगातार सार्वजनिक आलोचना" करते…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2.5 लाख नए मामले, 627 मरीज़ों की मौत
    28 Jan 2022
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 6 लाख 22 हज़ार 709 हो गयी है।
  • Tata
    अमिताभ रॉय चौधरी
    एक कंगाल कंपनी की मालिक बनी है टाटा
    28 Jan 2022
    एयर इंडिया की पूर्ण बिक्री, सरकार की उदारीकरण की अपनी विफल नीतियों के कारण ही हुई है।
  • yogi adityanath
    अजय कुमार
    योगी सरकार का रिपोर्ट कार्ड: अर्थव्यवस्था की लुटिया डुबोने के पाँच साल और हिंदुत्व की ब्रांडिंग पर खर्चा करती सरकार
    28 Jan 2022
    आर्थिक मामलों के जानकार संतोष मेहरोत्रा कहते हैं कि साल 2012 से लेकर 2017 के बीच उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर हर साल तकरीबन 6 फ़ीसदी के आसपास थी। लेकिन साल 2017 से लेकर 2021 तक की कंपाउंड आर्थिक…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    रेलवे भर्ती: अध्यापकों पर FIR, समर्थन में उतरे छात्र!
    28 Jan 2022
    आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं रेलवे परीक्षा में हुई धांधली पर चल रहे आंदोलन की। क्या हैं छात्रों के मुद्दे और क्यों चल रहा है ये आंदोलन, आइये जानते हैं अभिसार से
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License