NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
उन्नाव रेप केस: विधायक कुलदीप सेंगर को उम्रकैद, 25 लाख रुपये का जुर्माना भी
उन्नाव रेप केस में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सेंगर को अगस्त 2019 में बीजेपी से निष्कासित कर दिया गया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Dec 2019
kuldeep sengar
File Photo Image courtesy: NDTV

नई दिल्ली: दिल्ली की अदालत ने उन्नाव बलात्कार मामले में भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 2017 में महिला से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाते हुए शुक्रवार को कहा कि दोषी विधायक को बाकी बची उम्र जेल में काटनी होगी। जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने मामले में सेंगर पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जो उसे एक महीने के अंदर जमा करना होगा।

उम्रकैद की सजा सुनाये जाने के बाद सेंगर तीस हजारी जिला अदालत परिसर के अदालत कक्ष में रो पड़ा। उसकी बहन और बेटी भी साथ में रोते हुए दिखाई दिये। उसे सोमवार को मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद भी रोते हुए देखा गया था।

न्यायाधीश ने सेंगर को सजा सुनाने में नरम रवैया अख्तियार करने की अर्जी को खारिज करते हुए कहा, ‘इस अदालत को ऐसी कोई परिस्थिति नजर नहीं आती जो गंभीरता कम करती हो। सेंगर जनसेवक था और उसने जनता से विश्वासघात किया।’

अदालत ने यह भी कहा कि 53 वर्षीय सेंगर का आचरण बलात्कार पीड़िता को धमकाने का था। साथ ही अदालत ने यह निर्देश भी दिया कि बलात्कार पीड़िता को उनकी मां के लिए 10 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए।

अदालत ने सीबीआई को पीड़िता और उसके परिजनों की जान तथा सुरक्षा पर खतरे का आकलन हर तीन महीने में करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि वे एक साल तक दिल्ली महिला आयोग द्वारा उपलब्ध कराये गये किराये के घर में रहेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार को 15 हजार रुपये प्रति महीने किराया अदा करने का निर्देश भी दिया गया।

अदालत ने सेंगर को भारतीय दंड संहिता (भादंसं) के तहत दुष्कर्म और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत किसी लोकसेवक द्वारा किसी बच्ची के खिलाफ यौन हमला किए जाने के अपराध का दोषी ठहराया था। अदालत ने कहा था कि पीड़िता का बयान एक शक्तिशाली व्यक्ति के खिलाफ ‘सच्चा और बेदाग’ है।

पॉक्सो कानून में इसी साल अगस्त में संशोधन किया गया था जिसमें मृत्युदंड का प्रावधान है। यह घटना कानून संशोधित होने से पहले 2017 में घटने की वजह से मामले में यह प्रावधान लागू नहीं होता।

मामले की सह-आरोपी शशि सिंह को सभी आरोपों से बरी करते हुए अदालत ने कहा था कि सीबीआई साबित नहीं कर सकी कि वह पीड़िता के यौन उत्पीड़न के मामले में सेंगर की साजिश में शामिल थी। ऐसा लगता है कि वह खुद भी परिस्थितियों की शिकार थी।

पॉक्सो कानून के तहत सेंगर को दोषी करार देते हुए अदालत ने कहा था कि सीबीआई ने साबित किया कि पीड़िता नाबालिग थी और सेंगर पर इस कानून के तहत उचित तरीके से मुकदमा चलाया गया।

एक अलग मामले में इसी महिला के साथ 11 जून, 2017 को तीन अन्य लोगों ने उन्नाव में कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में सुनवाई अभी शुरू नहीं हुई है।

इस साल 28 जुलाई को बलात्कार पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गयी। हादसे में महिला की दो रिश्तेदारों की मौत हो गयी। इस मामले में महिला के परिवार ने साजिश का आरोप लगाया था।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

इसे भी पढ़े: उन्नाव कांड : विधायक कुलदीप सिंह सेंगर दोषी करार, सज़ा का ऐलान जल्द

Kuldeep Singh Sengar
Unnao Rape Case
उम्रकैद
Life Prison
BJP

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर

लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

चुनाव के रंग: कहीं विधायक ने दी धमकी तो कहीं लगाई उठक-बैठक, कई जगह मतदान का बहिष्कार

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल

तमिलनाडु : किशोरी की मौत के बाद फिर उठी धर्मांतरण विरोधी क़ानून की आवाज़


बाकी खबरें

  • Ukraine
    स्टुअर्ट ब्राउन
    यूक्रेन: एक परमाणु संपन्न राज्य में युद्ध के खतरे
    03 Mar 2022
    यूक्रेन के ऊपर रूस के आक्रमण से परमाणु युद्ध का खतरा वास्तविक बन गया है। लेकिन क्या होगा यदि देश के 15 परमाणु उर्जा रिएक्टरों में से एक भी यदि गोलीबारी की चपेट में आ जाए?
  • banaras
    विजय विनीत
    यूपी का रणः मोदी के खिलाफ बगावत पर उतरे बनारस के अधिवक्ता, किसानों ने भी खोल दिया मोर्चा
    03 Mar 2022
    बनारस में ऐन चुनाव के वक्त पर मोदी के खिलाफ आंदोलन खड़ा होना भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं है। इसके तात्कालिक और दीर्घकालिक नतीजे देखने को मिल सकते हैं। तात्कालिक तो यह कि भाजपा के खिलाफ मतदान को बल…
  • Varanasi District
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : बनारस की मशहूर और अनोखी पीतल पिचकारी का कारोबार पड़ रहा है फीका
    03 Mar 2022
    बढ़ती लागत और कारीगरों की घटती संख्या के कारण पिचकारी बनाने की पारंपरिक कला मर रही है, जिसके चलते यह छोटा उद्योग ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष रहा है।
  • migrants
    एपी
    एक सप्ताह में 10 लाख लोगों ने किया यूक्रेन से पलायन: संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी
    03 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग (यूएनएचसीआर) के आंकड़ों के अनुसार, पलायन करने वाले लोगों की संख्या यूक्रेन की आबादी के दो प्रतिशत से अधिक है। विश्व बैंक के अनुसार 2020 के अंत में यूक्रेन की आबादी…
  • medical student
    एम.ओबैद
    सीटों की कमी और मोटी फीस के कारण मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं छात्र !
    03 Mar 2022
    विशेषज्ञों की मानें तो विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जाने की दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह है यहां के सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सीटों की संख्या में कमी और दूसरी वजह है प्राइवेट कॉलेजों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License