NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफ्रीका
स्वाज़ीलैंड में अभूतपूर्व लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों से अफ़्रीका के अंतिम सम्राट परेशान
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ स्वाज़ीलैंड इस वीकेंड में स्वाज़ीलैंड के 59 निर्वाचन क्षेत्रों में से 16 में प्रदर्शनों पर प्रतिबंध का विरोध करेगी और विरोध मार्च निकालेगी। क़रीब 25 अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में पहले ही विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं।
पीपल्स डिस्पैच
25 Jun 2021
स्वाज़ीलैंड

24 जून को स्वाज़ीलैंड में राजा मस्वाती तृतीय की सरकार ने लोकतंत्र समर्थक और राजशाही-विरोधी प्रदर्शनों की एक अभूतपूर्व राष्ट्रव्यापी लहर के बीच विरोध-प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया। पहली बार ये विरोध शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि ग्रामीण स्वाज़ीलैंड में भी फैल गए हैं।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ स्वाज़ीलैंड (सीपीएस) द्वारा सामूहिक रूप से इस प्रतिबंध का विरोध और योजना के अनुसार विरोध मार्च जारी रखने का आह्वान किया गया है। इस महाद्वीप पर अंतिम सम्राट राजा मस्वाती तृतीय के खिलाफ विद्रोह करने के लिए पार्टी के कार्यकर्ता अपने स्थानीय समुदायों को संगठित करने में सबसे आगे हैं।

शुक्रवार 25 जून को, मबाबाने (पूर्व) के निवासी अपनी मांगों की एक याचिका देने के लिए अपने सांसद के कार्यालय तक मार्च करेंगे। 26 जून को स्वाज़ीलैंड के 59 में से 15 अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में इसी तरह के मार्च की योजना है।

कम से कम 25 निर्वाचन क्षेत्रों के सांसदों को पहले ही इन याचिकाओं को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया है, जिसमें 15 निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल हैं जहां 19 जून को स्थानीय लोगों ने अपने सांसदों के कार्यालयों तक मार्च किया था। इनमें से प्रत्येक मार्च में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के भाग लेने का अनुमान है।

इन याचिकाओं में कुछ मांगें विशेष निर्वाचन क्षेत्रों में आने वाले मुद्दों के लिए विशिष्ट हैं। हालांकि, सामान्य मांगें निरंकुश राजशाही शासन की भारी अस्वीकृति और जनता की सरकार, विशेष रूप से बहुदलीय लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था के लोकतांत्रिक स्वामित्व के आह्वान को दर्शाता है।

2017 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम अफ्रीका में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, शाही परिवार के नियंत्रण में राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था ने स्वाज़ीलैंड को दुनिया में सबसे अधिक असमान धन वितरण वाले देश में बदल दिया है। 70 % गरीब आबादी वाले इस देश के राजा हर साल भव्य उत्सवों, महलों, गहनों, रोल्स रॉयस कारों के बेड़े, निजी जेट और शाही परिवार के अन्य मामलों पर अरबों डॉलर खर्च करना जारी रखे हुए हैं।

swaziland
Communist Party of Swaziland
africa
pro democracy

Related Stories

सूडान में तख्तापलट के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन जारी, 3 महीने में 76 प्रदर्शनकारियों की मौत

केन्या : पुलिस हिंसा और मासूम नागरिकों की हत्या के ख़िलाफ़ जनता का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • भारत एक मौज में संजय राजौरा और अनुराग माइनस वर्मा
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज में संजय राजौरा और अनुराग माइनस वर्मा
    22 Jul 2021
    भारत एक मौज के इस एपिसोड में संजय राजौरा अनुराग माइनस वर्मा से उनके सोशल मीडिया कंटेंट के बारे में बात कर रहे हैं। इसके साथ ही वह उनसे एक दलित व्यक्ति के रूप में उनके अनुभवों, बॉलीवुड में सवर्ण और…
  • क़यामत का एक निरर्थक गिरजाघर
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    क़यामत का एक निरर्थक गिरजाघर
    22 Jul 2021
    अकेले अमेरिका के पास 15 देशों में 29 ज्ञात सैन्य सुविधाएँ हैं, और फ़्रांस के 10 देशों में सैन्य ठिकाने हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि अफ़्रीकी महाद्वीप में अब तक के सबसे ज़्यादा सैन्य पदचिह्न…
  • क्या यह पेगासस की आख़िरी उड़ान है ?
    निपुण सक्सेना
    क्या यह पेगासस की आख़िरी उड़ान है ?
    22 Jul 2021
    पेगासस प्रोजेक्ट ने इस बात को सरेआम कर दिया है कि तक़रीबन 50,000 जिन लोगों का डेटाबेस लीक हुआ है, उनमें लगभग 300 भारतीय हैं, इससे पता चलता है कि पेगासस का इस्तेमाल जिन फ़ोन नंबरों में घुसपैठ करने के…
  • दिल्ली : जद्दोजहद के बाद किसानों का एक जत्था पहुंचा जंतर-मंतर, भारी सुरक्षा के बीच लगाएंगे किसान संसद
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली : जद्दोजहद के बाद किसानों का एक जत्था पहुंचा जंतर-मंतर, भारी सुरक्षा के बीच लगाएंगे किसान संसद
    22 Jul 2021
    किसान यूनियन के नेता ने कहा था, ‘‘हम 22 जुलाई से मॉनसून सत्र समाप्त होने तक 'किसान संसद' आयोजित करेंगे और 200 प्रदर्शनकारी हर दिन जंतर-मंतर जाएंगे। प्रत्येक दिन एक स्पीकर और एक डिप्टी स्पीकर चुना…
  • fact check
    किंजल
    अखिलेश यादव ने राम मंदिर की जगह बाबरी मस्जिद बनवाने का वादा किया? फ़र्ज़ी स्क्रीनशॉट वायरल
    22 Jul 2021
    अखिलेश यादव ने राम मंदिर के बारे में अगर ऐसा कोई बयान दिया होता तो मीडिया में इसकी खबर ज़रूर दी जाती. मीडिया रिपोर्ट्स के अभाव में ये बात साफ़ हो जाती है ये ट्वीट फ़र्ज़ी है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License