NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
विरोध के बीच उरुग्वे के दक्षिणपंथी राष्ट्रपति ने पदभार संभाला
उरुग्वे सोशल मूवमेंट ने इस क्षेत्र की प्रगतिशील सरकारों के खिलाफ नए राष्ट्रपति के रुख की आलोचना की है।
पीपल्स डिस्पैच
02 Mar 2020
उरुग्वे

दक्षिणपंथी नेशनल पार्टी के लुइस लकेले पोउ ने 2020-2025 की अवधि के लिए 1 मार्च को उरुग्वे के राष्ट्रपति के तौर पर पदभार ग्रहण किया और साथ ही लैटिन अमेरिकी प्रगतिशील आंदोलनों और सरकारों के खिलाफ उनके राजनीतिक रुख को लेकर विरोध किया गया।

राजधानी मोंटेवीडियो में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने लेजिस्लेटिव पैलेस के बाहर प्रदर्शन किया जहां लकेले पोऊ की शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था साथ ही लिबरेटर एवेन्यू पर इस क्षेत्र के दमनकारी राष्ट्रपतियों की उपस्थिति और उरुग्वे की नई सरकार की उपस्थिति को खारिज करने के लिए प्रदर्शन किया जिसने इस देश में उन्हें आमंत्रित किया।

प्रदर्शनकारियों ने ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो, चिल के राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा, कोलंबिया के राष्ट्रपति इवान डुके, पराग्वे के राष्ट्रपति मारियो अब्दो बेनीटेज़, स्पेनिश किंग फेलिप VI के साथ-साथ स्वघोषित बोलिवियाई राष्ट्रपति जीनिन एनेज़ और ऑर्गनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स लूइस अमार्गो के महासचिव के खिलाफ नारे लगाए।

प्रदर्शनकारी "गेट आउट जेनोसाइड पिनीरा", "लॉन्ग लिव द स्ट्रगल ऑफ बोलिवियन पीपल", "गेट आउट कूप प्लॉटर्स ऑफ दिस टेरिट्री" के पोस्टर लिए हुए थे।

उरुग्वे की कम्युनिस्ट पार्टी और सोशल मूवमेंट ने इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था साथ ही क्यूबा, निकारागुआ और वेनेजुएला के राष्ट्रपतियों की अनुपस्थिति की भी आलोचना की और कहा कि आधिकारिक कार्यक्रम "एक पारिवारिक पार्टी या एक निजी कार्यक्रम नहीं है।"

सैन्य तानाशाही के दौरान हिरासत में लिए गए और गायब हुए लोगों के रिश्तेदार भी सच्चाई और न्याय की मांग के लिए इस डर से मौजूद थे कि नई सरकार की अवधि में जांच में बाधा होगी।

24 नवंबर को देश में हुए राष्ट्रपति चुनावों के दूसरे दौर में लकेले पोउ ने जीत हासिल की थी। फ्रेंटे एम्पलियो (ब्रॉड फ्रंट) की तत्कालीन सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार के डैनियल मार्टिनेज के खिलाफ 1.26% के मामूली अंतर के साथ जीत दर्ज किया था। एक रूढ़िवादी सरकार के गठन के बाद 15 साल तक सत्ता में रही वामपंथी फ्रेंटे एम्प्लियो गठबंधन की सरकार समाप्त हो गई है जिसके कार्यकाल के दौरान उरुग्वे को बड़ा सामाजिक और आर्थिक लाभ हुआ है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

South America
Uruguay
Social Movement
Right wing national party
Luis Alberto Lacalle Pou
Tabaré Vázquez

Related Stories

क्यूबाई गुटनिरपेक्षता: शांति और समाजवाद की विदेश नीति

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

दुनिया भर की: दक्षिण अमेरिका में वाम के भविष्य की दिशा भी तय करेंगे बोरिक

उरुग्वे के विपक्ष और ट्रेड यूनियनों ने सरकार के 'अकाउंटेबिलिटी एंड बजट बिल' को ख़ारिज किया

महामारी के दौरान समाज को एकजुट रखतीं प्रवासी महिलाएं

कोलम्बियावासी जीवन और शांति के लिए इकट्ठा हुए

बोलीविया में आम चुनाव स्थगित करने के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय हड़ताल जारी

उरुग्वे : नवउदारवादी क़ानूनों के ख़िलाफ़ मज़दूरों ने की हड़ताल

मानवतावाद की ख़ातिर सैन्यवाद के ख़ात्मे और जंग को रोके जाने को लेकर एक विश्वव्यापी अपील

उरुग्वे में दक्षिणपंथी राष्ट्रपति के साथ नवउदारवाद की वापसी


बाकी खबरें

  • हिमाचल : सीटू ने सरकार से टैक्सी व अन्य निजी परिवहन सेवाओं में कार्यरत लोगों की आर्थिक मदद की मांग की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल : सीटू ने सरकार से टैक्सी व अन्य निजी परिवहन सेवाओं में कार्यरत लोगों की आर्थिक मदद की मांग की
    02 Jun 2021
    सीटू राज्य कमेटी ने कोरोना के कारण मासिक किस्त न चुका पाने वाले संचालकों की गाड़ियों को सरकारी, निजी बैंकों व फाइनेंस कम्पनियों द्वारा जब्त करने के घटनाक्रम की कड़ी निंदा की है व इसे अमानवीय करार दिया…
  • rbi
    अजय कुमार
    आरबीआई तो सरकार को बचा रहा है लेकिन क्या सरकार भी आरबीआई को बचा रही है?
    02 Jun 2021
    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 99,122 करोड़ रुपये भारत सरकार को अपने सरप्लस से देने का एलान किया है। ...जिस तरह से नोटबंदी के लिए आरबीआई को पूरी तरह से अनसुना कर फैसला लिया गया, उसी तरह का संबंध सरकार और…
  • बिहार : पंचयती चुनाव टले लेकिन पंचायतों की ज़िम्मेदारी अधिकारियो को सौंप जाने को लेकर विपक्ष का विरोध
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : पंचयती चुनाव टले लेकिन पंचायतों की ज़िम्मेदारी अधिकारियों को सौंप जाने को लेकर विपक्ष का विरोध
    02 Jun 2021
    बिहार में कोरोना संक्रमण को देखते हुए पंचायत चुनाव को टाल दिया गया है। लेकिन बिहार सरकार के इस निर्णय को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। विपक्ष का आरोप है सरकार आपद में अवसर देखकर सारी शक्ति अपने पास ले…
  • सोनिया यादव
    यूपी: कस्तूरबा विद्यालयों में 9 करोड़ का कथित घोटाला, बेसिक शिक्षा मंत्री की बर्ख़ास्तगी की मांग
    02 Jun 2021
    कोरोना संकट के दौरान राज्य में जब ये स्कूल बंद थे, तब भी सरकारी अधिकारी खर्च दिखाकर पैसे निकालते रहे। कुल 18 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के खातों से साल 2020-21 के सत्र के लिए तकरीबन 9 करोड़…
  • अवनि बंसल
    काफ़ी नहीं है रामदेव की माफ़ी, दंडनीय अपराध है उनका एलोपैथी पर दिया बयान
    02 Jun 2021
    अवनि बंसल लिखती हैं योग गुरू और व्यापारी बाबा रामदेव ने हाल में एलोपैथी को खारिज़ करते हुए विवादास्पद बयान दिया था। लेकिन अपने बयान से वापस जाते हुए सिर्फ़ माफ़ी मांगना ही काफ़ी नहीं है। अवनि बंसल उन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License