NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेश: पेपर लीक की रिपोर्ट करने वाले पत्रकार गिरफ्तार
अमर उजाला के बलिया संस्करण ने जिस दिन दोपहर 2 बजे से परीक्षा होनी थी उस दिन सुबह लीक पेपर प्रकाशित किया था।
सबरंग इंडिया
02 Apr 2022
journalist

अमर उजाला के साथ काम करने वाले वरिष्ठ पत्रकार दिग्विजय सिंह आज सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस पर आरोप लगाया है कि उन्होंने यूपी बोर्ड के 12 वीं कक्षा के अंग्रेजी प्रश्न पत्र के लीक होने के बारे में समाचार रिपोर्ट दर्ज करने के बाद उन्हें परेशान और प्रताड़ित किया। जब उन्हें ले जाया जा रहा था तब भी उन्होंने प्रशासन पर भ्रष्ट होने का आरोप लगाया है।
 
अमर उजाला के बलिया संस्करण ने जिस दिन दोपहर 2 बजे से परीक्षा होनी थी, उस दिन सुबह लीक हुए पेपर को प्रकाशित किया था। समाचार रिपोर्ट में कोडेड सीरियल नंबर 316 ईडी और 316 ईआई भी थे। एक दिन पहले 29 मार्च, 2022 को पेपर ने संस्कृत के एक प्रश्न पत्र की हल की हुई कॉपी भी प्रकाशित की थी। बताया गया कि आजमगढ़ संभाग के शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक ने जांच में संस्कृत का प्रश्नपत्र बाहर होने की बात स्वीकार की थी।

GOOSEBUMPS !
जेल जाने से पहले किसी पत्रकार की कभी इतनी रीढ़ और हिम्मत देखी है ?

ये “अमर उजाला” के बलिया पत्रकार दिग्विजय सिंह हैं

इनका गुनाह ये है कि इन्होंने #PaperLeak ख़बर का खुलासा अपने अख़बार में किया था।पुलिस इनके दो और साथी अजीत ओझा,मनोज गुप्ता को भी जेल भेज चुकी है 1/2 pic.twitter.com/OI13qMwHTR

— Vinod Kapri (@vinodkapri) March 31, 2022

सिंह के मुताबिक, यूपी पुलिस उससे पूछ रही है कि उसे जानकारी कहां से मिली। उन्होंने जवाब दिया, "मेरे स्रोतों से।" उन्होंने साथी पत्रकारों से बात करते हुए यह बात बताई जब उन्हें हिरासत में लिया जा रहा था।
 
उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रशासन, खासकर बलिया जिले के प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार रिपोर्ट में प्रकाशित पेपर लीक के आरोपों की जांच के बजाय अब यूपी पुलिस ने अमर उजाला के पत्रकार दिग्विजय सिंह और अजीत कुमार ओझा को बलिया से गिरफ्तार कर लिया है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मनोज गुप्ता के रूप में पहचाने जाने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी उठाया गया है। बताया गया है कि प्रशासन अब तक लीक मामले में दो पत्रकारों समेत 22 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है।

अमर उजाला के पत्रकार दिग्विजय सिंह ने बलिया ज़िला प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

मुख्यमंत्री @myogiadityanath से आग्रह है कि पत्रकारों का उत्पीड़न करने वाले बलिया पुलिस प्रशासन के खिलाफ निष्पक्ष जाँच करवाई जाए। 2/2 pic.twitter.com/CDzMavYZqf

— Vinod Kapri (@vinodkapri) March 31, 2022

अंग्रेजी का पेपर 30 मार्च को होना था, लेकिन लीक होने के बाद 24 जिलों में इसे रद्द कर दिया गया। सत्य हिंदी के अनुसार ये जिले हैं बलिया, एटा, बागपत, बदायूं, सीतापुर, कानपुर देहात, ललितपुर, चित्रकोट, प्रतापगढ़, गोंडा, आजमगढ़, आगरा, वाराणसी, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, शामली, शाहजहांपुर, उन्नाव, जालौन , महोबा, अंबेडकर नगर और गोरखपुर।
 
अब पत्रकारों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं और मीडिया बिरादरी ने बलिया कोतवाली पर धरना दिया। अजीत ओझा' का आरोप है कि पुलिस ने भी उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें बलिया कोतवाली ले आई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनसे 'लीक प्रश्न पत्र' भी मांगा और पुलिस उन्हें "अपराधी की तरह" पुलिस स्टेशन ले गई।
 
समाचार रिपोर्टों के अनुसार यह ध्यान हटाने और पत्रकारों पर दोष मढ़ने का प्रयास प्रतीत होता है। मामले की जांच स्पेशल टास्क फोर्स कर रही है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, बसपा प्रमुख मायावती और आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह सहित विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे को उठाया है, जिन्होंने इस तरह के भ्रष्टाचार के लिए सरकार पर आरोप लगाया है।

 

साभार : सबरंग 

Uttar pradesh
UP Paper leak
journalist
Press freedom

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारी बवाल


बाकी खबरें

  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • beedi worker
    सतीश भारतीय
    बीड़ी कारोबार शरीर को बर्बाद कर देता है, मगर सवाल यह है बीड़ी मजदूर जाएं तो जाएं कहां?
    05 Feb 2022
    मध्यप्रदेश का सागर जिला जिसे बीड़ी उद्योग का घर कहा जाता है, वहां बीड़ी कारोबार नशा से बढ़कर गरीब आवाम की रोजी-रोटी का सहारा है। उन्हें बीड़ी कारोबार से बाहर निकालकर गरिमा पूर्ण जीवन मुहैया करवाने के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License