NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेश: 26 जनवरी को खुली घूम रही गायों को योगी आदित्यनाथ के निवास पर बांधेंगे ग्रामीण 
दिल्ली के बॉर्डर पर टिके किसानों के साथ अपनी एकजुटता दिखाने के लिए, उत्तर प्रदेश के ग्रामीण, खुले घूम रहे पशुओं को 26 जनवरी के अवसर पर मुख्य मंत्री आदित्यनाथ के निवास पर बांधेंगे। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Jan 2021
26 जनवरी को खुली घूम रही गायों को योगी आदित्यनाथ के निवास पर बांधेंगे ग्रामीण 
'प्रतीकात्मक तस्वीर' फोटो साभार: पत्रिका

सोशलिस्ट किसान सभा के आह्वान पर व किसान आंदोलन के समर्थन में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण खुले घूम रहे पशुओं को 26 जनवरी के अवसर पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के निवास पर बांधेंगे और उनसे अनुरोध करेंगे कि इनके खिलाने-पिलाने व रहने  की व्यवस्था की जाए। 

देश भर में चल रहे किसान आंदोलन के आह्वान पर तीन किसान विरोधी कानूनों को रद्द करवाने के लिए जब किसान दिल्ली में अपने ट्रैक्टरों के साथ प्रवेश करेंगे, तब उसी समय उत्तर प्रदेश के ग्रामीण दिल्ली के बॉर्डर पर टिके किसानों के साथ अपनी एकजुटता दिखाने के लिए 25 जनवरी को खुले घूम रहे पशुओं को लेकर उन्नाव जिले के फतेहपुर चैरासी विकास खण्ड से निकलेंगे और 26 जनवरी को मुख्य मंत्री आदित्यनाथ के निवास पहुंच कर अपना रोष प्रदर्शन करेंगे। 

सोशलिस्ट किसान सभा के उत्तर प्रदेश राज्य अध्यक्ष अनिल मिश्र का कहना है, “योगी आदित्यनाथ गांयों को गुड़ खिलाते हुए अपना विज्ञापन छपवाते हैं। उन्हें गाय से बहुत प्रेम है। दूसरी तरफ जब से उनकी सरकार आई है गांवों में लोग खुले घूम रहे पशुओं से परेशान हैं। ये पशु फसलों को चर जाते हैं। सरकार की तरफ से जो गौशालाएं खुलवाई गई हैं पर उनमें पशुओं को ठीक से रखने की व्यवस्था नहीं है। वहां से भी पशु छूट कर खुले घूमने लगते हैं। सरकार के पास गायों को गांवों से गौशाला तक ले जाने का भी कोई इंतजाम नहीं है। लेकिन अगर कोई गायों को गौशाला ले जाना चाहे तो हिन्दुत्ववादी गौ रक्षक तांडव करते हैं। भारतीय जनता पार्टी के राज में गौ रक्षक का मतलब है जो गाय पालते नहीं बल्कि गाय के नाम पर लोगों के साथ मार-पीट करते हैं।”

उत्तर प्रदेश में गौतस्करी के नाम पर हो रहे आतंक के डर से पशु पालकों ने अपने पशुओं को खुले आम छोड़ दिया है, जिस के कारण राज्य में किसान अपनी फसलों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि उनकी शिकायतों और परेशानियों को हर बार प्रशासन द्वारा अनसुना कर दिया जाता है. 

UttarPradesh
republic day
Yogi Adityanath
farmers protest
cows
stray cows
BJP

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License