NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
शिक्षा
भारत
राजनीति
उत्तराखंड: बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्र, कोरोना भी ले रहा इम्तिहान
राज्य के कई जिलों के स्कूलों में कोरोना संक्रमण की ख़बरें आ रही हैं। स्कूल खुलने के बाद से अब तक कुल कितने शिक्षक और कितने छात्र संक्रमित हुए इसका डाटा पब्लिक डोमेन में अलग से ज़ाहिर नहीं किया गया है। देहरादून कोविड कंट्रोल रूम से इस बारे में पूछा तो वहां से बताया गया “हम शिक्षक या छात्रों के लिहाज से डाटा अलग नहीं कर रहे हैं।”
वर्षा सिंह
21 Nov 2020
उत्तराखंड
फोटो : सूचना विभाग

उत्तराखंड के स्कूलों में कोविड संक्रमण के केस लगातार सामने आ रहे हैं। दसवीं-बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र कैंपस में हर रोज़ कोरोना का इम्तिहान भी दे रहे हैं। दिवाली के बाद कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने कॉलेज खोलने का फ़ैसला फिलहाल टाल दिया है। लेकिन दसवीं और बारहवीं की कक्षाएं अब भी लगातार चल रही हैं। 6 नवंबर को राज्य में स्कूल खोलने के बाद से अब तक शिक्षकों और छात्रों के कोविड पॉज़िटिव होने की ख़बरें भी लगातार बनी हुई हैं। पौड़ी में एक साथ 70 से अधिक शिक्षक कोविड पॉज़िटिव पाए गए थे। नैनीताल, देहरादून, ऋषिकेश, चमोली में शिक्षक और छात्र संक्रमित हो चुके हैं। हरियाणा के जिंद और रोहतक में भी शिक्षक और छात्र कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

देहरादून के नवोदय विद्यालय में आवासीय परिसर में रह रहे एक शिक्षक 11 नवंबर को कोरोना पॉज़िटिव पाए गए। इसके बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। 15 नवंबर को स्कूल ने सभी शिक्षकों और स्टाफ की कोरोना जांच करायी। 34 में से 28 शिक्षकों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग में जमा करायी गई और स्कूल दोबारा खोल दिया गया। 6 शिक्षकों की रिपोर्ट मिलने से पहले ही स्कूल खोलने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी ने नाराजगी जतायी।

क्या ये पर्याप्त है?

मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा रानी पैन्यूली ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में तीन स्कूलों के नाम गिनाए और कहा “जैसे-जैसे हमें पॉजिटिव केस का पता चल रहा है, विद्यालय तीन दिनों के लिए बंद कर सेनेटाइज़ कराया जा रहा है। एक-एक स्टुडेंट की थर्मल स्क्रीनिंग करायी जा रही। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के शिक्षक के पॉजिटिव आने पर हमने उसे तीन दिन के लिए आइसोलेशन में रखा। जो भी संक्रमित पाये जा रहे हैं, हम उसे आइसोलेशन में भेज देंगे”।

जिन तीन स्कूलों के बारे में मुख्य शिक्षा अधिकारी बात कर रही थीं उनमें से दो ऋषिकेश के सरकारी इंटर कॉलेज थे। यहां दो अलग-अलग इंटर कॉलेज के तीन शिक्षक कोरोना पॉज़िटिव पाए गए। नैनीताल के रामनगर में भी पांच स्कूलों के आठ छात्र कोरोना संक्रमित मिले। संक्रमण का पता चलते ही छात्रों को कोविड सेंटर भेजा गया।

जैसे कम्यूनिटी में संक्रमण, वैसे स्कूल में भी?

नैनीताल की सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी न्यूज़क्लिक को बताती हैं “हां कुछ बच्चे कोविड पॉज़िटिव आ रहे हैं। पांच-छह, पांच-छह मामले इस तरह के आ रहे हैं लेकिन बहुत ज्यादा पॉज़िटिव केस नहीं है। जैसे कम्यूनिटी में संक्रमण हो रहा है, वैसे ही स्कूलों की स्थिति है। अलग से ऐसा नहीं है कि स्कूल में बहुत से मामले एक साथ पॉज़िटिव आ गए। इतना संक्रमण तो बाहर भी है”।

फोटो साभार : हरिभूमि

स्कूलों में संक्रमण के केस लगातार

उत्तराखंड में स्कूल आठ महीने बंद रहने के बाद 2 नवंबर को खोले गए। पहले ही दिन अल्मोड़ा में एक छात्र कोरोना संक्रमित पाया गया। उसके बाद 5 नवंबर को पौड़ी में पांच ब्लॉक के 80 शिक्षक-शिक्षिकाएं एक साथ कोरोना संक्रमित मिले। जबकि स्कूल खुलने से पहले सभी शिक्षकों का कोरोना टेस्ट कराया गया था। इसके बावजूद इतने शिक्षक एक साथ कोरोना पॉजिटिव पाए गए और स्कूल दोबारा पांच दिनों के लिए बंद हुए। इस घटना से अभिवावक भी दहशत में आ गए।

देशभर के स्कूलों से इस तरह की ख़बरें आ रही हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक फरीदाबाद में सरकारी स्कूल के 14 टीचर कोरोना पॉज़िटिव मिले। रेवाड़ी में 13 स्कूलों के 103 बच्चे संक्रमित पाए गए। जींद में 11 स्कूली बच्चे और 8 शिक्षक संक्रमित मिले। सिरसा में 16 बच्चे कोरोना पीड़ित पाए गए। जिसके बाद हरियाणा सरकार ने 30 नवंबर तक स्कूल बंद रखने का निर्देश जारी कर दिया।

क्या है उत्तराखंड के स्कूलों में संक्रमण का डाटा?

राज्य के कई जिलों के स्कूलों में कोरोना संक्रमण की ख़बरें आ रही हैं। स्कूल खुलने के बाद से अब तक कुल कितने शिक्षक और कितने छात्र संक्रमित हुए इसका डाटा पब्लिक डोमेन में अलग से ज़ाहिर नहीं किया गया है। देहरादून कोविड कंट्रोल रूम से इस बारे में पूछा तो वहां से बताया गया “हम शिक्षक या छात्रों के लिहाज से डाटा अलग नहीं कर रहे हैं ”।

स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी से इस बारे में बात करने की कोशिश की। उन्होंने फ़ोन और मैसेज दोनों का ही कोई जवाब नहीं दिया। ये सूचना लोगों के लिए जरूरी है। बोर्ड परीक्षाओं की वजह से जो अभिवावक अपने बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं उनके लिए ये जानना जरूरी है। स्कूल खोले जाएं या नहीं, दूसरी कक्षाओं को भी शुरू किया जाए या नहीं, इस सब पर फ़ैसला लेने से पहले इस तरह के डाटा की जरूरत होगी।

स्कूल खोलने की इतनी जल्दी क्या है

नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टुडेंट्स राइट्स के अध्यक्ष आरिफ खान कहते हैं “स्कूलों में शिक्षक कोरोना पॉज़िटिव पाए गए, उससे पहले वे क्लास देते रहे। कई बच्चे और शिक्षक संक्रमित हो चुके हैं। वे स्कूल जा रहे हैं फिर अपने घरों में जा रहे हैं। हमने इस बारे में मानव अधिकार आयोग और बाल अधिकार आयोग से भी बात की। स्कूल खोलने की इतनी जल्दी क्या है”।

‘हमें कोई दिक्कत नहीं है’

देहरादून के एक स्कूल में बारहवीं की छात्रा सृष्टि लंबे समय बाद स्कूल खुलने से ख़ुश हैं। वह कहती है “स्कूल में सोशल डिस्टेन्सिंग का ख्याल रखा जा रहा है। बच्चों को एक साथ देखने पर डायरेक्टर कहते हैं कि साथ-साथ रहे तो टीसी काट देंगे। हमारी थर्मल जांच की जा रही है। सेनेटाइजेशन किया जा रहा है। दूर-दूर रह कर पढ़ाया जा रहा है। तीन घंटे के लिए स्कूल खुल रहा है। कई बार ऑडिटोरियम में पढ़ाया जाता है। हमें कोई दिक्कत नहीं है”।

गनीमत है कि सृष्टि के स्कूल में इतनी सुविधा और एहतियात है और कोरोना संक्रमण का कोई केस नहीं है। बच्चे स्कूल जाना भी चाहते हैं। लेकिन हर स्कूल में ऐसी सुविधा और एहतियात नहीं और अगर है भी तो सिर्फ़ बताने और दिखाने के लिए। वास्तव में स्कूलों में सोशल डिस्टेन्सिंग और अन्य कोरोना प्रोटोकॉल का कितना ख़्याल रखा जाना संभव है यह भी एक सवाल है। जिन स्कूलों में पॉजिटिव केस आए हैं, वहां अभिवावक डरे हुए हैं। कुछ अभिवावकों ने कहा कि यदि एक साल के लिए शून्य सत्र भी कर देते तो क्या हर्ज होता?

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की रफ़्तार थमने से लोग राहत की सांस ले रहे थे। हालांकि अब एक बार फिर मामले बढ़ रहे हैं। केंद्र की ओर से त्योहारों की भीड़भाड़ के बाद सर्दी के मौसम की शुरुआत को देखते हुए प्रदेश में सतर्कता बरतने की एडवायजरी भी जारी की गई है। इन हालात में सरकार को तय करना है कि बच्चे कोरोना का इम्तिहान दें या दसवीं-बारहवीं के बोर्ड की तैयारी करें।

(देहरादून स्थित वर्षा सिंह स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

Uttrakhand
COVID-19
Coronavirus
Reopening of School
BOARD EXAM

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License