NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तराखंड : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का इस्तीफ़ा, विधायक दल की बैठक के बाद नए नाम की होगी घोषणा
वही हुआ जिसकी चर्चा पिछले तीन दिन से चल रही थी। हालांकि दिल्ली तलब करने के बाद तक भी त्रिवेंद्र सिंह रावत और उनके समर्थक इससे इंकार करते रहे थे। अब बुधवार को नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Mar 2021
त्रिवेंद्र सिंह रावत
Image Courtesy : NDTV

उत्तराखंड की बीजेपी सरकार में बड़ा फेरबदल हुआ है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मंगलवार शाम क़रीब 4 बजे के बाद राजभवन जाकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंपा।

रावत को लेकर पार्टी के भीतर काफी समय सें विरोध बढ़ता जा रहा था और पिछले कुछ दिन दिनों से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज़ थीं। पिछले तीन दिन से ये तो लगभग तय हो गया था कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन होने जा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री रावत और उनके समर्थक अंत तक इससे इंकार करते रहे। तब भी जब उन्हें आनन-फानन में बजट सत्र खत्म कर दिल्ली के लिए तलब किया गया।

त्रिवेंद्र सिंह रावत को सोमवार को अचानक दिल्ली तलब कर लिया गया था। अब बुधवार सुबह बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी, जिसके बाद नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी। हालांकि नाम पहले ही तय कर लिया गया है, कल बुधवार को बैठक में उसपर औपचारिक मोहर लगेगी।

आपको बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार सहित कुछ बातों को लेकर प्रदेश भाजपा विधायकों में असंतोष की बातें गाहे बगाहे उठती रही हैं लेकिन प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों ने शनिवार शाम तब जोर पकड़ लिया जब भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और पार्टी मामलों के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार सिंह देहरादून पहुंचे और कोर ग्रुप की बैठक हुई।

राज्य पार्टी कोर ग्रुप की यह बैठक पहले से प्रस्तावित नहीं थी और यह ऐसे समय बुलाई गई जब प्रदेश की नई बनी ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में राज्य विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र चल रहा था।

बैठक की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री रावत को तुरंत गैरसैंण से वापस देहरादून आना पड़ा। आनन-फानन में बजट पारित करा कर सत्र भी अनिश्चितकाल के लिए समाप्त कर दिया गया और भाजपा विधायकों को भी तत्काल गैरसैंण से देहरादून बुला लिया गया।

दो घंटे से भी ज्यादा समय तक चली कोर ग्रुप की बैठक में राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, टिहरी से लोकसभा सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह,पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, नैनीताल से लोकसभा सांसद अजय भट्ट, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष बंशीधर भगत, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक सहित राज्य संगठन के भी कई नेता मौजूद रहे।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि रमन सिंह ने कोर ग्रुप की बैठक में मौजूद हर सदस्य से अलग—अलग बातचीत की। बाद में सिंह मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में भी गए जहां करीब 40 पार्टी विधायक मौजूद थे। कोर ग्रुप की बैठक के बाद सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय भी गए।

हालांकि इस संबंध में पूछे जाने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि 18 मार्च को प्रदेश सरकार के चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 70 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों के बारे में चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है और पार्टी विधायकों में कोई मनमुटाव नहीं है।

मगर आज नेतृत्व परिवर्तन की बात तय होते ही इस बात पर भी मोहर लग गई कि उत्तराखंड में पार्टी के भीतर काफी मनमुटाव और असंतोष है।

आपको बता दें कि उत्तराखंड राज्य में भी उत्तर प्रदेश के साथ अगले साल 2022 में चुनाव होने हैं। ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन काफी जोखिम भरा काम है। क्योंकि ज़रूरी नहीं कि चेहरा बदलने से राज्य में पार्टी की छवि भी बदल जाए।

विपक्षी दलों ख़ासकर कांग्रेस ने इसे भाजपा की नाकामी बताया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेरा ने ट्वीट किया कि “उत्तराखंड की तस्वीर उत्तर प्रदेश से जुदा नहीं है, त्रिवेंद्र के अहंकार की बुनियाद पर निशंक ने दिल्ली में अपने दांव चले और इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया। 105 भाजपा विधायकों का योगी के खिलाफ हस्ताक्षर वाले पत्र पर केशव मौर्य थोड़ी मेहनत कर देते तो यूपी का भी यही हाल हो सकता था।”

उत्तराखंड की तस्वीर उत्तरप्रदेश से जुदा नहीं है, त्रिवेंद्र के अहंकार की बुनियाद पर निशंक ने दिल्ली में अपने दांव चले और इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया।

105 भाजपा विधायकों का योगी के खिलाफ हस्ताक्षर वाले पत्र पर केशव मौर्य थोड़ी मेहनत कर देते तो यूपी का भी यही हाल हो सकता था। ?

— Pawan Khera (@Pawankhera) March 9, 2021

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी इसके लिए बीजेपी को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा- “उत्तराखंड में मुख्यमंत्री बदल कर बीजेपी ने 2022 से पहले ही हार मान ली है। 4 साल में बीजेपी एक भी ऐसा काम नहीं कर सकी जिसके दम पर दोबारा वोट माँगने जा सकें.  चेहरा बदल कर नकारेपन को छुपाया जा रहा है। बीजेपी को उत्तराखंड की जनता के 4 साल ख़राब करने के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए।”

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री बदल कर बीजेपी ने 2022 से पहले ही हार मान ली है।

4 साल में बीजेपी एक भी ऐसा काम नहीं कर सकी जिसके दम पर दोबारा वोट माँगने जा सकें. चेहरा बदल कर नकारेपन को छुपाया जा रहा है।

बीजेपी को उत्तराखंड की जनता के 4 साल ख़राब करने के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए।

— Manish Sisodia (@msisodia) March 9, 2021

 (समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Uttrakhand
Trivendra Singh Rawat
Resignation of CM Trivendra Singh Rawat
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • yogi
    एम.ओबैद
    सीएम योगी अपने कार्यकाल में हुई हिंसा की घटनाओं को भूल गए!
    05 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में एक बार फिर कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य में दंगा और पलायन कराया है। लेकिन वे अपने कार्यकाल में हुए हिंसा को भूल जाते हैं।
  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License