NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
कितनी निर्भया, कब तक निर्भया : ख़ूब लड़ी लेकिन अंत में ज़िंदगी की जंग हार गई हाथरस की बेटी
यूपी के हाथरस में हैवानियत का शिकार हुई दलित लड़की की दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में मौत हो गई है। इस घटना के सामने आने के बाद यूपी की कानून व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Sep 2020
हाथरस में हैवानियत

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 14 सितंबर को गैंगरेप का शिकार बनी 19 वर्षीय एक दलित लड़की ने आज, मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि हैवानों ने गैंगरेप के बाद उसकी जीभ भी काट दी थी। इसके अलावा उसकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई थी।

पुलिस का यह भी कहना था कि आरोपियों द्वारा जान से मारने की नीयत से पीड़िता का गला भी दबाया गया था। पीड़िता को शुरुआत में हाथरस जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उसे अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए दिल्ली लाया गया था।

क्या है मामला?

हाथरस के पुलिस अधीक्षक विक्रांतवीर के मुताबिक यह घटना 14 सितंबर को चंदपा पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। उन्होंने बताया कि पीड़िता ने मजिस्ट्रेट को दिये अपने बयान में कहा था कि चार युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और विरोध करने पर उसका गला घोंटने की कोशिश की, जिसमें उसकी (पीड़िता की) जीभ कट गई।

उन्होंने बताया कि पीड़िता ने चारों आरोपियों की पहचान संदीप, रामू, लवकुश और रवि के रूप में की थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संदीप को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में, रामू और लवकुश को गिरफ्तार किया गया और गत शनिवार को चौथे आरोपी रवि को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

उन्होंने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार, हत्या के प्रयास के अलावा अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (SC-ST) कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मुकदमा त्वरित अदालत में चलाया जाएगा।

हालांकि इस मामले में शुरुआत में पुलिस पर गंभीरता नहीं दिखाने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय अखबारों में आई खबरों के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने लापरवाही भरा रवैया अपनाया। शुरुआत में रेप की धाराओं में केस ना दर्ज करते हुए छेड़खानी के आरोप में एक युवक को हिरासत में लिया।

घटना के 9 दिन बीत जाने के बाद पीड़िता होश में आई तो अपने साथ हुई आपबीती अपने परिजनों को बताई। जब पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण हुआ तो इसमें गैंगरेप की पुष्टि होने के बाद हाथरस पुलिस ने तीन और युवकों को गिरफ्तार किया।

परिवार ने लगाया आरोप

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में पीड़िता की मां ने बताया, ‘चारा इकट्ठा करने के दौरान ही सुबह लगभग 9:45 बजे मेरी बेटी गायब थी। मैंने सोचा कि वह घर चली गई होगी, लेकिन मैंने वहां उसकी चप्पलें देखीं। हमने कुछ देर उसकी तलाश की और फिर हमें वह एक पेड़ के पास मिली।’

उनके अनुसार, उनकी बेटी पूरी तरह से खून में लथपथ थी। उसके मुंह, गर्दन और आंख से खून बह रहा था। परिवार का कहना है कि उसका दुपट्टा उसकी गर्दन के चारों ओर लिपटा था।

पीड़िता के परिवार वालों ने गांव के ही संदीप (20) और परिवार के अन्य लोगों पर बलात्कार का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है, ‘वे हमेशा इलाके में दलितों को प्रताड़ित करते रहे हैं। लगभग दो दशक पहले संदीप के दादा को मामूली बात पर कथित तौर पर पिटाई करने के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एक्ट के तहत तीन महीने के लिए जेल भेजा गया था।’

यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर यूपी में महिलाओं पर अत्याचार का मुद्दा उठाया है।

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कहा कि हाथरस में एक दलित बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म बेहद घृणित कृत्य है। अब पीड़िता की मौत के मामले में योगी आदित्यनाथ सरकार त्वरित न्याय करने के साथ ही पीड़ित परिवार की मदद करे।

मायावती ने इससे पहले रविवार को भी इस घटना को लेकर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, ' यूपी के जिला हाथरस में एक दलित लड़की को पहले बुरी तरह से पीटा गया, फिर उसके साथ गैंगरेप किया गया, जो अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय जबकि अन्य समाज की बहन-बेटियाँ भी अब यहाँ प्रदेश में सुरक्षित नहीं हैं। सरकार इस ओर जरूर ध्यान दे, बी.एस.पी. की यह माँग है।'

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हाथरस की सामूहिक दुष्कर्म एवं दरिंदगी की शिकार एक बेबस दलित बेटी ने आखिरकार दम तोड़ दिया। नम आंखों से पुष्पांजलि! आज की असंवेदनशील सत्ता से अब कोई उम्मीद नहीं बची।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मांग की है कि युवती के कातिलों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, 'हाथरस में हैवानियत झेलने वाली दलित बच्ची ने सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। दो हफ्ते तक वह अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझती रही। हाथरस, शाहजहांपुर और गोरखपुर में एक के बाद एक रेप की घटनाओं ने राज्य को हिला दिया है।'

उन्होंने आगे लिखा, 'यूपी में कानून व्यवस्था हद से ज्यादा बिगड़ चुकी है। महिलाओं की सुरक्षा का नाम-ओ-निशान नहीं है। अपराधी खुले आम अपराध कर रहे हैं। इस बच्ची के क़ातिलों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। @myogiadityanath उप्र की महिलाओं की सुरक्षा के प्रति आप जवाबदेह हैं।'

आपको बता दें कि गत रविवार को भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने पुलिस को चकमा देकर अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज पहुंच गए थे। जहां पर बलात्कार की शिकार हुई दलित लड़की भर्ती थी।

इस बीच शव के गांव पहुंचने पर बाल्मीकि समाज के आंदोलित होने की आशंका को देखते हुए पीएसी की तैनाती कर दी गई है।

समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ 

इसे भी पढ़ें : लखीमपुर खीरी में फिर दुष्कर्म के बाद हत्या, कितना सच है योगी सरकार का ‘न्यूनतम अपराध’ का दावा!

UttarPradesh
UP Hathras GangRape
Gang rape victim dies
Hathras Rape case
Dalit Women
crimes against women
violence against women
sexual crimes
women safety
Yogi Adityanath
UP police
BJP

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

सवर्णों के साथ मिलकर मलाई खाने की चाहत बहुजनों की राजनीति को खत्म कर देगी

जहांगीरपुरी— बुलडोज़र ने तो ज़िंदगी की पटरी ही ध्वस्त कर दी

अमित शाह का शाही दौरा और आदिवासी मुद्दे

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

ग्राउंड रिपोर्ट: ‘पापा टॉफी लेकर आएंगे......’ लखनऊ के सीवर लाइन में जान गँवाने वालों के परिवार की कहानी

न्याय के लिए दलित महिलाओं ने खटखटाया राजधानी का दरवाज़ा

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

यूपी चुनाव परिणाम: क्षेत्रीय OBC नेताओं पर भारी पड़ता केंद्रीय ओबीसी नेता? 

अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति और मकान किराए के 525 करोड़ रुपए दबाए बैठी है शिवराज सरकार: माकपा


बाकी खबरें

  • Uttarakhand
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड: NIOS से डीएलएड करने वाले छात्रों को प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए अनुमति नहीं
    23 Oct 2021
    उत्तराखंड सरकार द्वारा नवंबर 2020 में प्राथमिक शिक्षक के 2287 पदों पर भर्ती के लिए सूचना जारी की गई थी, इसमें राज्य सरकार द्वारा इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से होने वाले डीएलएड को मान्य किया गया…
  • Supreme Court
    न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    खोरी पुनर्वास संकट: कोर्ट ने कहा- प्रोविजनल एलॉटमेंट के समय कोई पैसा नहीं लिया जाएगा, फ़ाइनल एलॉटमेंट पर तय होगी किस्त 
    23 Oct 2021
    मजदूर आवास संघर्ष समिति ने कहा कि अस्वीकृत आवेदन की प्रकिया में अपारदर्शिता है एवं प्रार्थी को अपील का मौका न देना सरासर अत्याचार एवं धोखा है।
  • inflation
    अजय कुमार
    सरकारी आंकड़ों में महंगाई हो गई कम, ग़रीब जनता को एहसास भी नहीं हुआ! 
    23 Oct 2021
    आख़िर क्या वजह है कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों में कमी आने के बाद भी आम आदमी इस पर भरोसा नहीं कर पाता।
  • 100 crore vaccines
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेक: क्या भारत सचमुच 100 करोड़ टीके लगाने वाला दुनिया का पहला देश है?
    23 Oct 2021
    भारत न तो पहला देश है जिसने 100 करोड़ डोज़ लगाई है और न ही भारत का टीकाकरण विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान है।
  • shareel
    द लीफलेट
    सीएए विरोधी भाषण: भीड़ उकसाने के ख़िलाफ़ ‘अपर्याप्त और आधे-अधूरे सुबूत’, फिर भी शरजील इमाम को ज़मानत से इनकार
    23 Oct 2021
    दिल्ली की एक अदालत ने दिसंबर 2019 में राष्ट्रीय राजधानी में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA)-राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर अपने कथित भड़काऊ भाषण के सिलसिले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License