NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
विहिप, बीजेपी नेताओं की उप-चुनावों के मद्देनजर एक और राम रथ यात्रा निकालने की घोषणा
कांग्रेस ने भाजपा पर आगामी उप-चुनावों में वोट बटोरने के लिए आम लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।
काशिफ़ काकवी
30 Sep 2020
राम रथ यात्रा

भोपाल: 3 नवंबर को मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए होने जा रहे महत्वपूर्ण उपचुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वैचारिक संरक्षक, संघ परिवार के एक अग्रणी सदस्य, विश्व हिंदू परिषद ने इस बीच ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के भिंड जिले में मंगलवार से राम मंदिर शिला पूजन रथ यात्रा का आयोजन आरंभ करने जा रही है। कुछ भाजपा नेता भी इस यात्रा में हिस्सा लेने वाले हैं।

हालाँकि विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि यह बीजेपी का हिन्दू मतों को अपने पक्ष में करने की हताशा भरी कोशिश मात्र है, वहीँ भगवा पार्टी का इस बारे में कहना है कि उसका इस यात्रा से आधिकारिक तौर पर कोई लेना-देना नहीं है।

इस दो दिवसीय धार्मिक यात्रा का शुभारंभ भिंड के दन्द्रोआ धाम मंदिर से शुरू होना है और समूचे जिले भर में इस यात्रा को गुजरना है। विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) नेता राम मिलन शर्मा और बीजेपी नेता रमेश दुबे ने 27 सितम्बर को एक प्रेस सम्मेलन में घोषणा की है कि यह रथ यात्रा जिले की गोहद और मेहगांव क्षेत्र के प्रत्येक पंचायत से होकर गुजरेगी। 

भिंड जिले की दो विधानसभा सीट- गोहद और मेहगांव भी बाकी के 26 सीटों के साथ 3 नवंबर के दिन उप-चुनावों में भाग ले रहे हैं। इन कुल 28 सीटों में से 16 विधानसभा सीटें ग्वालियर-चंबंल क्षेत्र में हैं।

रथ यात्रा का आयोजन कर रहे वीएचपी नेता राम मिलन शर्मा के अनुसार “इस रथ यात्रा का आयोजन हिन्दू भावनाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, यह प्रत्येक हिन्दू का सपना रहा है। आज जब यह सपना एक हकीकत का रूप ले रहा है तो हर कोई इसमें अपना योगदान करने को इच्छुक है।” वे आगे कहते हैं “इस यात्रा के साथ-साथ राम-सीता कथा एवं धार्मिक प्रवचन जैसे छोटे-मोटे कार्यक्रमों को भी आयोजित किये जाने की योजना है।” 

ram rath yatar.jpg

आयोजकों ने सूचित किया है कि वाहनों को रथ के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाएगा और चाँदी सहित कुल आठ धातुओं से बनी ईंटों को भिंड जिले में विभिन्न दिशाओं में भेजा जाएगा।

हालाँकि उन्होंने जोर देकर कहा कि इस रथ यात्रा का उप-चुनावों या किसी भी दल से कोई लेना-देना नहीं है, हालाँकि कुछ बीजेपी नेताओं ने इस आयोजन का हिस्सा बनने में अपनी रूचि दिखाई है।

इससे पूर्व बीजेपी नेता और मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सागर जिले में अपनी पार्टी के समर्थन हासिल करने के मकसद से सुर्खी विधानसभा सीट पर राम शिला रथ यात्रा का आयोजन किया था। इससे पहले भी बीजेपी ने अपने उम्मीदवार तुलसी सिलावट, जो कि शिवराज सिंह चौहान सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, के समर्थन में इंदौर की सांवेर विधानसभा सीट पर नर्मदा कलश यात्रा का एक और चार दिवसीय धार्मिक आयोजन किया था। इस कलश यात्रा के दौरान सामाजिक दूरी को बनाये रखने के मानदण्डों की कथित तौर पर धज्जियाँ उड़ाई गई थीं।
राजपूत और सिलावत ये दोनों ही नेता 20 अन्य विधायकों के साथ राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस से बीजेपी में आये थे, जिसके चलते राज्य में कमलनाथ सरकार गिर गई थी।

बीजेपी और कांग्रेस के बीच जारी जुबानी जंग 

रथयात्रा पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भिंड से कांग्रेस नेता जयश्री राम बघेल का कहना था “चूँकि बीजेपी के पास मतदाताओं को अपने पक्ष में पटाने के लिए कुछ भी नहीं है, इसलिए इन उपचुनावों को जीतने के लिए वह धार्मिक एवं साम्प्रदायिक भावनाओं का इस्तेमाल कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी मतदाताओं का ध्यान बेरोजगारी, विकास एवं भूख जैसे वास्तविक मुद्दों से भटकाने की कोशिश में लगी है। बघेल कहते हैं “बीजेपी के पास चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सिर्फ दो या तीन मुद्दे ही बचे हैं- पाकिस्तान, धर्म या राष्ट्रवाद। लेकिन मतदाता अब काफी जागरूक हो चुका है और आगामी उपचुनावों में वे उन्हें सबक सिखाकर रहेंगे।”

वहीँ कांग्रेस प्रवक्ता और ग्वालियर-चंबल प्रभाग के मीडिया प्रमुख केके मिश्रा का कहना है कि बीजेपी ने भगवान राम को चुनाव जिताऊ मशीन मान लिया है।

ram mp yatra.jpg

“बीजेपी नेताओं को मतदाताओं से भारी गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों में चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं ने उन्हें हल्ला-गुल्ला मचाकर वापस जाने को मजबूर कर दिया है। इसी को देखते हुए धार्मिक आयोजनों के झंडे तले वे मतदाताओं तक अपनी पैठ बनाने की जुगत में हैं, लेकिन उन्हें इस मामले में भी असफलता ही हाथ लगने वाली है” मिश्रा कहते हैं कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों के ग्वालियर एवं मुरैना में भी आयोजित किये जाने की संभावना है।

कांग्रेस पर अपने जवाबी हमले में बीजेपी प्रवक्ता रजनेश अग्रवाल पार्टी के इस रथ यात्रा में जुड़ाव के दावे को सिरे से ख़ारिज करते हैं। उनके अनुसार “रथ यात्रा से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है, यह विशुद्ध तौर पर एक धार्मिक आयोजन है।” 

राजनेता आमजन की जिंदगियों से खिलवाड़ कर रहे हैं 

वहीँ ग्वालियर स्थित वरिष्ठ पत्रकार रवि शेखर इस बात पर जोर देते हैं कि पिछले तीन हफ़्तों से इस क्षेत्र में कोरोनावायरस मामलों में बेतहाशा वृद्धि के बावजूद जिला प्रशासन ने जहाँ इस मुद्दे पर अपनी आँखें मूंद रखी हैं, वहीँ उसने राजनीतिक और धार्मिक समारोहों को अपनी अनुमति दे रखी है। हालाँकि महामारी काल में ऐसी सभाओं पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने पाबंदी लगाने के निर्देश दिए हैं। 

शेखर के अनुसार “जैसे ही बीजेपी ने 22 से 24 अगस्त के दौरान तीन दिवसीय सदस्यता अभियान को संचालित करने की मुहिम चलाई, जिसमें भिंड, मोरेना एवं ग्वालियर के हजारों लोगों ने भाग लिया, उसके बाद से ही इस क्षेत्र में रैली आयोजित किये जाने के एक हफ्ते के भीतर ही कोरोनावायरस मामलों में 35-40% बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है।” वे आगे कहते हैं कि पिछले छह दिनों में इस महामारी के चलते ग्वालियर में 30 लोगों की मौत हो चुकी है।

इसके अतिरिक्त पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने भी पिछले सप्ताह ग्वालियर में एक विशाल रैली का आयोजन किया था, जिसमें कोरोना सम्बंधी दिशानिर्देशों को ताक पर रख दिया गया था। शेखर कहते हैं “नेतागण आम लोगों की जिन्दगी को खतरे में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं और विडंबना यह है कि प्रशासन भी इस मामले में उनके साथ ही खड़ा नजर आ रहा है।”

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

VHP, BJP Leaders Announce Another Ram Rath Yatra in MP Ahead of Bypolls

Madhya Pradesh Bypolls
Madhya Pradesh BJP Congress
Ram Mandir
Ram Rath Yatra
gwalior

Related Stories

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

यूपी चुनाव, पांचवां चरण: अयोध्या से लेकर अमेठी तक, राम मंदिर पर हावी होगा बेरोज़गारी का मुद्दा?

यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी

पेपरबैक हिंदुत्व : मोदी की नकल करते अरविंद केजरीवाल

20 लाख की जमीन 2.5 करोड़ में बेची? राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों और बीजेपी MLA के खिलाफ शिकायत दर्ज

तिरंगा लगाते वक्त हुआ दर्दनाक हादसा, ग्वालियर नगर निगम के तीन कर्मचारियों की क्रेन से गिरकर मौत 

खेल रत्न से भारत रत्न तक 'खेल ही खेल' और अयोध्या मंदिर 2024 से पहले नहीं

दलित+ब्राह्मण: क्या 2007 दोहरा पाएगी बीएसपी?

अखिलेश यादव ने राम मंदिर की जगह बाबरी मस्जिद बनवाने का वादा किया? फ़र्ज़ी स्क्रीनशॉट वायरल


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    आप ने भगवंत मान को बनाया सीएम उम्मीदवार, चुनाव आयोग पर भेदभाव का आरोप और अन्य ख़बरें
    18 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी आम आदमी पार्टी का भगवंत मान को सीएम उम्मीदवार घोषित करने पर , चुनाव आयोग की कार्रवाइयों पर उठते सवाल और अन्य ख़बरों पर।
  • up elections
    अजय कुमार
    5 साल के कामकाज में महंगाई और मज़दूरी के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पूरी तरह से फेल!
    18 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश और पंजाब में 5 साल में रोजगार पहले से भी कम हुआ है। बेरोजगारी बढ़ी है। महंगाई बढ़ी है। कमाई कम हुई है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: क्या कोरोना के नए मामलों में आई है कमी? या जाँच में कमी का है असर? 
    18 Jan 2022
    दिल्ली में अचानक कोरोना मामलों में कमी आई है। आखिर केस कम होने के पीछे क्या कारण है? क्योंकि इस बीच कोरोना जाँच में भी भारी कमी हुई है। आँकड़े बताते हैं कि जाँच की संख्या घटाकर आधी कर दी गई है।
  • BJP
    रवि शंकर दुबे
    बीजेपी में चरम पर है वंशवाद!, विधायक, मंत्री, सांसद छोड़िए राज्यपाल तक को चाहिए परिवार के लिए टिकट
    18 Jan 2022
    यूपी विधानसभा चुनावों से पहले इन दिनों बीजेपी के भीतर जमकर बवाल चल रहा है। हर नेता अपने परिवार के सदस्यों के लिए टिकट मांग रहा है, ऐसे में बीजेपी ने कुछ की ख्वाहिशें तो पूरी कर दी हैं, लेकिन कुछ…
  • Asaduddin Owaisi
    अजय गुदावर्ती
    राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता के बारे में ओवैसी के विचार मुसलमानों के सशक्तिकरण के ख़िलाफ़ है
    18 Jan 2022
    मुसलमानों के सामाजिक बस्तीकरण के खिलाफ और उनकी आर्थिक गतिशीलता के लिए निरंतर अभियान, जो एआइएमआइएम और उसके नेताओं की राजनीति से परे है, के जरिए ही देश की अल्पसंख्यक राजनीति सही दिशा में आगे बढ़ेगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License