NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
लैटिन अमेरिका
राजनीतिक कारणों से लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्र में वैक्सीन की असमानता बढ़ रही
वैश्विक के मामले में वैक्सीन असमानता के बीच ये क्षेत्र कई अन्य कारणों जैसे अमेरिकी प्रतिबंधों, राजनीतिक अस्थिरता आदि के चलते और अधिक असमानता का सामना कर रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
24 Aug 2021
covid

वैश्विक स्तर पर COVID-19 वैक्सीन की असमानता काफी अधिक है और यह बढ़ रही है। उच्च आय वाले देशों की तुलना में निम्न आय और निम्न मध्यम आय वाले देश अपनी आबादी को टीका लगाने में बहुत पीछे हैं। अफ्रीका के बाद, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन वह क्षेत्र है जहां दुनिया भर में सबसे कम टीकाकरण हुआ है। 33 देशों और इनके 660 मिलियन से अधिक आबादी वाले इस क्षेत्र में 23 अगस्त को कोरोनावायरस के 42,835,000 से अधिक मामले सामने आए हैं और इस बीमारी से 14, 24, 000 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, अब तक इस क्षेत्र के केवल 20 % आबादी का ही पूरी तरह टीकाकरण हो पाया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूनाटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) जैसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों की कई रिपोर्टों में टीकों के उत्पादन और आपूर्ति को बढ़ावा देने और सभी देशों के लिए समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपाय करने की आवश्यकता पर बल दिया है। इन रिपोर्टों ने संकेत दिया है कि वैक्सीन असमानता न केवल निम्न-आय वाले देशों की सामाजिक-आर्थिक सुधार को प्रभावित करेगी बल्कि वैश्विक आर्थिक सुधार को भी प्रभावित करेगी।

इन रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्रीय औसत 20% के मुकाबले कई देश गरीबी, अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों और राजनीतिक अस्थिरता के कारण अब तक अपनी कुल आबादी का 5% से भी कम टीकाकरण करने में सक्षम हैं।

आवर वर्ल्ड इन डेटा द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों से टीकाकरण की दर में असमानता स्पष्ट है। उरुग्वे और चिली जैसे देश जो अपेक्षाकृत समृद्ध हैं उन्होंने अपनी आबादी का लगभग 70% पूरी तरह से टीकाकरण किया है और लगभग 75% आबादी का आंशिक रूप से टीकाकरण किया है। दूसरी ओर, इस क्षेत्र का सबसे गरीब देश हैती अपनी आबादी का पूरी तरह केवल 0.02% और आंशिक रूप से 0.2% टीका लगाने में सक्षम हुआ है। इस तरह की अत्यधिक असमानता के बीच उरुग्वे और चिली ने तीसरी बूस्टर खुराक भी लगाना शुरू कर दिया है।

लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में COVID-19 टीकों की क्षेत्रीय असमानता में योगदान देने वाली आर्थिक असमानता के अलावा वेनेजुएला, क्यूबा जैसे देशों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों ने इन देशों को पर्याप्त खुराक आयात करने से रोक दिया है। कई देशों में धीमी टीकाकरण हैती जैसे देश में राजनीतिक अस्थिरता के कारण है।

COVID-19
Coronavirus
Covid Vaccine
Vaccination
Latin America
Caribbean region

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    उत्तर प्रदेश: पेपर लीक की रिपोर्ट करने वाले पत्रकार गिरफ्तार
    02 Apr 2022
    अमर उजाला के बलिया संस्करण ने जिस दिन दोपहर 2 बजे से परीक्षा होनी थी उस दिन सुबह लीक पेपर प्रकाशित किया था।
  • इलियट नेगिन
    समय है कि चार्ल्स कोच अपने जलवायु दुष्प्रचार अभियान के बारे में साक्ष्य प्रस्तुत करें
    02 Apr 2022
    दो दशकों से भी अधिक समय से कोच नियंत्रित फ़ाउंडेशनों ने जलवायु परिवर्तन पर सरकारी कार्यवाई को विफल बनाने के लिए 16 करोड़ डॉलर से भी अधिक की रकम ख़र्च की है।
  • DU
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूजीसी का फ़रमान, हमें मंज़ूर नहीं, बोले DU के छात्र, शिक्षक
    01 Apr 2022
    नई शिक्षा नीति के तहत UGC ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों को कई कदम लागू करने के लिए कहा है. इनमें चार साल का स्नातक कोर्स, एक प्रवेश परीक्षा और संस्थान चलाने के लिए क़र्ज़ लेना शामिल है. इन नीतियों का…
  • रवि शंकर दुबे
    इस साल यूपी को ज़्यादा बिजली की ज़रूरत
    01 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश की गर्मी ने जहां बिजली की खपत में इज़ाफ़ा कर दिया है तो दूसरी ओर बिजली कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ आंदोलन छेड़े हुए हैं। देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी के बीच कैसे समन्वय होता है।
  • सोनिया यादव
    राजस्थान: महिला डॉक्टर की आत्महत्या के पीछे पुलिस-प्रशासन और बीजेपी नेताओं की मिलीभगत!
    01 Apr 2022
    डॉक्टर अर्चना शर्मा आत्महत्या मामले में उनके पति डॉक्टर सुनीत उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि कुछ बीजेपी नेताओं के दबाव में पुलिस ने उनकी पत्नी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, जिसके चलते उनकी पत्नी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License