NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वाराणसी: सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में NSUI की बड़ी कामयाबी, ABVP को मिली शिकस्त
संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के अध्यक्ष पद पर शिवम शुक्ला, उपाध्यक्ष पर चन्दन कुमार मिश्र, महामंत्री पद पर अवनीश मिश्रा और पुस्तकालय मंत्री के पद पर रजनीकान्त दुबे ने जीत हासिल की है। ये चारों उम्मीदवार कांग्रेस के स्टूडेंट विंग एनएसयूआई के हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Jan 2020
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी स्थित सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। एनएसयूआई ने छात्रसंघ की सभी चारों सीटों पर कब्जा जमा लिया है। अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के शिवम शुक्ला ने एबीवीपी के हर्षित पांडेय को दोगुना से भी ज्यादा वोटों से शिकस्त दी है तो वहीं उपाध्यक्ष पद पर चंदन कुमार मिश्र, महामंत्री पद पर अवनीश कुमार मिश्र और पुस्तकालय-मंत्री पद पर रजनीकांत दूबे चुने गए हैं।

एनएसयूआई के स्टेट प्रेसिडेंट विकास सिंह ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा, ‘ये जीत लेकतंत्र की जीत है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्रों ने एबीवीपी की हिंसा का जवाब शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक मतदान से दिया है। एबीवीपी द्वारा जेएनयू में छात्र-छात्राओं व शिक्षकों पर हमला और अहमदाबाद में एनएसयूआई कार्यकर्ता के ऊपर हुए हमलों का बदला लोकतांत्रिक तरीके से बैलट पेपर के माध्यम से लिया है।

एनएसयूआई की इस जीत पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ट्वीट कर विजयी छात्रों को बधाई दी है। प्रियंका ने लिखा, 'संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में एनएसयूआई की जीत पर गर्व है। चार में से चार। बहुत खूब एनएसयूआई।'

बता दें कि बुधवार 8 जनवरी को खराब मौसम के बीच मतदान हुआ और शाम करीब 6 बजे चुनाव अधिकारी प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने नतीजों की घोषणा की। इसके बाद कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने नए पदाधिकारियों को संस्कृत में शपथ दिलाई। इसके साछ ही विजेता प्रत्याशियों को विवाद से बचने के लिए विश्वविद्यालय में किसी प्रकार का जुलूस न निकालने की हिदायत भी दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विजयी प्रत्याशियों को पुलिस के संरक्षण में उनके घर भी पहुंचाया।

अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने वाले शिवम शुक्ला ने बताया, ‘पिछले साल हुए छात्र संघ के चुनाव में विश्वविद्यालय की चारों सीटों पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जीत हासिल की थी जबकि उसके पिछले साल एबीबीपी और एनएसयूआई का दो दो सीटों पर कब्जा था। ये जीत इस बात सबूत है कि अब छात्र बीजेपी को नकार चुके हैं, हम इस जीत से बहुत खुश हैं।'

वाराणसी यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ कुँवर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के छात्र संगठन एबीवीपी की हार और एनएसयूआई की जीत यह दर्शाती है कि जनता अब कांग्रेस के साथ है। देश और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के लोगों द्वारा जिस प्रकार दमनकारी नीति अपनाकर माहौल खराब किया जा रहा है और छात्रों के ऊपर हमला करवाया जा रहा है आज उसी के जवाब स्वरूप प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी की छात्र संगठन एबीवीपी की करारी हार हुई है और कांग्रेस ने अपना परचम लहराया है।

गौरतलब है कि बीते दिनों एबीवीपी के छात्रों ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म संकाय में मुस्लिम प्रोफेसर फिरोज़ खान की नियुक्ति पर जोरदार बवाल किया था। जिसके बाद फिरोज खान ने अपना संकाय बदल लिया और कला संकाय में पढ़ाने लगे। ऐसे में एक संस्कृत विद्यालय में एबीवीपी की हार कई अहम सवाल खड़े कर रही है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

UttarPradesh
varanasi
Sampurnanand Sanskrit University
NSUI
ABVP
Narendra modi
Congress

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा


बाकी खबरें

  • Privatisation
    अजय कुमार
    महाशय आप गलत हैं! सुधार का मतलब केवल प्राइवेटाइजेशन नहीं होता!
    12 Dec 2021
    भारत के नीतिगत संसार में सुधार का नाम आने पर प्राइवेटाइजेशन को खड़ा कर दिया जाता है। इसका नतीजा यह हुआ है कि भारत की बीहड़ परेशानियां प्राइवेटाइजेशन की वजह से खड़ी हुई गरीबी की वजह से जस की तस बनी…
  • god and man
    शंभूनाथ शुक्ल
    ईश्वर और इंसान: एक नाना और नाती की बातचीत
    12 Dec 2021
    मैंने अगला प्रश्न किया, कि क्या तुम मानते हो कि दुनिया में कोई ईश्वर है? अब वह थोड़ा झिझका और बोला, ‘कोई है तो जो हम सब को बनाता है’। मैंने एक जिज्ञासा उठाई, कि मनुष्य का पैदा होना एक बायोलॉजिकल…
  • unemployment
    रूबी सरकार
    ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ के नारों के साथ शिक्षित युवा रोज़गार गारंटी बिल की उठाई मांग
    12 Dec 2021
    युवाओं का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के 3 माह के भीतर सरकार को नौकरी मुहैया कराना चाहिए अथवा जब तक शिक्षित को नौकरी न मिले, तब तक सरकार की ओर से स्किल्ड लेबर की न्यूनतम मजदूरी के बराबर करीब साढ़े नौ…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    खुशहाली की बजाय बेहाली,संविधान से उलट राजसत्ता और यूपी का रिकार्ड
    11 Dec 2021
    वैश्विक असमानता रिपोर्ट के नये तथ्य और आंकड़े भारत की सामाजिक आर्थिक स्थिति की भयावह तस्वीर पेश करते हैं. आखिर आजादी के इन चौहत्तर वर्षो में हमारे समाज में इस कदर असमानता और दुर्दशा क्यों बढ़ी है?…
  • kisan andolan
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: किसानो, कुछ तो रहम करो...लिहाज करो!
    11 Dec 2021
    मनाएं, किसान अपनी जीत का जश्न। बस, सरकार को हराने का शोर नहीं मचाएं। इस शोर से दुनिया भर में छप्पन इंच की छाती वालों की बदनामी होगी सो होगी, देश में मजदूरों-वजदूरों और न जाने किस-किस को कैसा गलत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License