NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
वाराणसी: स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों के सामूहिक इस्तीफे से हड़कंप, विपक्ष ने सरकार को घेरा
चिकित्सा अधिकारियों ने सीएमओ को दिए अपने इस्तीफे में जिला प्रशासन पर उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इसके साथ ही मेडिकल अफसरों ने डिप्टी सीएमओ जंगबहादुर की मौत के लि‍ये भी प्रशासन को जि‍म्‍मेदार ठहराया।
सोनिया यादव
13 Aug 2020
वाराणसी

“यूपी में समुचित सुविधा के अभाव में जान जोखिम में डालकर कोरोना पीड़ितों की सेवा में लगे डाक्टरों पर सरकारी दबाव और धमकी से स्थिति बिगड़ रही है, जिस कारण ही वाराणसी में 32 स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों का इस्तीफा। सरकार बिना भेदभाव व पूरी सुविधा देकर उनसे सेवा ले तो बेहतर होगा।”

ये ट्वीट बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायवाती ने वाराणसी में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों के सामूहिक इस्तीफे के संबंध में किया।

मायावती ने अपने एक और ट्वीट में कहा कि कोरोना केन्द्रों व निजी अस्पतालों में भी कोरोना स्वास्थ्यकर्मियों की स्थिति काफी खराब है, जिस कारण उन्हें आत्महत्या का प्रयास करने तक को मजबूर होना पड़ रहा है, जो अति दुःखद है। उन्होंने पार्टी की ओर से मांग की कि सरकार व्यावहारिक नीति बनाकर और समुचित संसाधन देकर सही से उसपर अमल करे।

बता दें कि बुधवार, 12 अगस्त को वाराणसी के चिकित्साकर्मियों के एक साथ इतनी बड़ी संख्या में इस्तीफे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एक ओर प्रशासन द्वारा मेडिकल अफसरों को मनाने की कवायद तेज़ हो गई तो वहीं, दूसरी ओर विपक्ष ने सरकार को स्वास्थ्य सुविधाओं और कोरोना के मामले पर घेरना भी शुरू कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक वाराणसी जिले में कुल 32 प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी और सीएचसी) हैं। जिसमें 24 स्वास्थ्य केंद्र शहरी क्षेत्र में और आठ ग्रामीण इलाके में स्थित हैं। इन सभी केंद्रों के प्रभारियों ने आरोप लगाया कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में सामंजस्य नहीं है।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक चिकित्साधिकारियों ने डिप्टी कलेक्टर पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है। प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने कहा है कि डिप्टी कलेक्टर अनावश्यक दबाव बनाकर कार्य करवा रहे हैं।

इस संबंध में बुधवार, 12 अगस्त को सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. वीबी सिंह से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज करवाई और उन्हें अपना सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। चिकित्सा अधिकारियों ने सीएमओ को दिए अपने इस्तीफे में जिला प्रशासन पर उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इसके साथ ही मेडिकल अफसरों ने डिप्टी सीएमओ जंगबहादुर की मौत के लि‍ये भी प्रशासन को जि‍म्‍मेदार ठहराया।

उनका आरोप है कि प्रशासन की ओर से डिप्टी सीएमओ को बर्खास्‍त करने की धमकी दी गयी थी। शायद इसी के सदमे से डिप्टी सीएमओ की मौत हुई है। चि‍कि‍त्‍साधि‍कारि‍यों ने सवाल उठाया कि‍ इस मौत की ज़िम्मेदारी आखिर कौन लेगा।

बता दें कि बुधवार सुबह ही वाराणसी के डिप्टी सीएमओ डॉक्टर जंग बहादुर की कोरोना संक्रमण के उपचार के दौरान बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल में मौत हो गई थी। उन्हें कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद उपचार के लिए आईसीयू में भर्ती कराया गया था।

चिकित्सा अधिकारियों ने सीएमओ को दिए अपने सामूहिक इस्तीफे में लिखा है, “अवगत करना है कि 9 अगस्त को सहायक नोडल ऑफिसर एवं डिप्टी कलेक्टर द्वारा जारी समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्गत पत्र, जिसमे कोविड 19 के दौरान किये गए कार्यों को अपर्याप्त बताते हुए समस्त प्रभारियों को दोषी ठहराया गया है और उनके द्वारा टारगेट पूरा न होने पर आपराधिक कृत करार देना और मुकदमा दायर करने की धमकी की गई है। इससे हम सभी प्रभारी मानसिक दबाव में है और इस स्थिति में कार्य करने में असमर्थ हैं।”

सीएमओ ने क्या कहा?

वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वी बी सिंह ने मीडिया को बताया कि इस मुद्दे पर हम लगतार चिकित्सा अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं।

डॉक्टर वीबी सिंह का कहना है कि प्रभारियों की समस्याएं सुनी गई। इस्तीफा उन्होंने दिया है लेकिन उन्हें समझा दिया गया है। सभी लोग अपने काम पर लग गए हैं। सभी लोग शाम की रिपोर्ट भी प्रॉपर तरीके से भेज रहे हैं।

गौरतलब है कि वाराणसी देश की सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर अपनी एक अलग पहचान रखती है तो वहीं ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है। जिसे लेकर बीजेपी द्वारा विकास के तमाम दावे किये जाते हैं। बावजूद इसके कोरोना संकट के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कोरोना वायरस का कहर यहां लगातार जारी है। अब तक जिले में कुल पांच हजार से अधिक कोविड-19 संक्रमण के मामले सामने आए हैं। तो वहीं करीब 90 अधिक लोग इस बीमारी से अपनी जान गवां चुके हैं। जबकि तीन हजार के करीब मरीज ठीक होकर अपने घरों को भी जा चुके हैं।

UttarPradesh
Yogi Adityanath
yogi sarkar
UP Doctrs
Health Center
Health workers
Corona warriors
Fight Against CoronaVirus
BJP
Officer Resign

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

यूपी: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच करोड़ों की दवाएं बेकार, कौन है ज़िम्मेदार?

ग्राउंड रिपोर्ट: स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रचार में मस्त यूपी सरकार, वेंटिलेटर पर लेटे सरकारी अस्पताल

कोरोना अपडेट: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में 1 मई से 31 मई तक धारा 144 लागू

यूपी: बीएचयू अस्पताल में फिर महंगा हुआ इलाज, स्वास्थ्य सुविधाओं से और दूर हुए ग्रामीण मरीज़

आशा कार्यकर्ताओं की मानसिक सेहत का सीधा असर देश की सेहत पर!

यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला

यूपी चुनाव: बीमार पड़ा है जालौन ज़िले का स्वास्थ्य विभाग

उत्तराखंड चुनाव 2022 : बदहाल अस्पताल, इलाज के लिए भटकते मरीज़!

यूपीः एनिमिया से ग्रसित बच्चों की संख्या में वृद्धि, बाल मृत्यु दर चिंताजनक


बाकी खबरें

  • इज़रायल ने एक बार फिर गाज़ा पर बमबारी की
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल ने एक बार फिर गाज़ा पर बमबारी की
    24 Aug 2021
    क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्र पर सोमवार को इज़रायल द्वारा की गई बमबारी एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी घटना थी।
  • नौ महीने से चल रहे किसान आंदोलन की वे पांच विशेषताएं, जिनसे सरकार डरी हुई है!
    बादल सरोज
    नौ महीने से चल रहे किसान आंदोलन की वे पांच विशेषताएं, जिनसे सरकार डरी हुई है!
    24 Aug 2021
    इस किसान आंदोलन की विशेषता है कि ये अपने असली गुनहगारों को भलीभांति पहचानता है इसलिए इनके निशानों  में सिर्फ नेता ही नहीं हैं, अडानी के शोरूम और अम्बानी के पेट्रोल पम्प और संस्थान भी हैं। उन्हें पता…
  • covid
    पीपल्स डिस्पैच
    राजनीतिक कारणों से लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्र में वैक्सीन की असमानता बढ़ रही
    24 Aug 2021
    वैश्विक के मामले में वैक्सीन असमानता के बीच ये क्षेत्र कई अन्य कारणों जैसे अमेरिकी प्रतिबंधों, राजनीतिक अस्थिरता आदि के चलते और अधिक असमानता का सामना कर रहा है।
  • पंजाब के किसानो का गन्ने के मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी, दी पंजाब बंद की चेतावनी
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पंजाब के किसानो का गन्ने के मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी, दी पंजाब बंद की चेतावनी
    24 Aug 2021
    पंजाब के किसान, गन्ना के राज्य परामर्श मूल्य में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। वे पहले ही पंजाब सरकार द्वारा घोषित प्रति क्विंटल पर 15 रूपये की वृद्धि ठुकरा चुके हैं।
  • निज़ार बनात के लिए न्याय की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों पर पीए की कार्रवाई
    पीपल्स डिस्पैच
    निज़ार बनात के लिए न्याय की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों पर पीए की कार्रवाई
    24 Aug 2021
    सुरक्षा बलों ने कई प्रसिद्ध फ़िलीस्तीनी पॉलिटिकल एक्टिविस्ट और नागरिक समाज के लोगों को गिरफ़्तार किया जिनमें पूर्व राजनीतिक क़ैदी शामिल हैं जिन्हें पहले इज़रायल ने गिरफ़्तार कर रखा था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License