NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी ने महामारी के बाद का रिकवरी-प्लान तैयार किया, ट्रॉन्ग का फिर चयन
महामारी के बाद के काल में आर्थिक सुधार योजना के लिए सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ वियतनाम ने अगले पांच वर्षों के लिए विकास व आर्थिक विस्तार को बढ़ावा देने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Feb 2021
वियतनाम

नई सेंट्रल कमेटी प्लेनम द्वारा रविवार 31 जनवरी को न्गूयेन फू ट्रॉन्ग के पक्ष में सर्वसम्मति से मतदान करने के बाद वे कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ वियतनाम (सीपीवी) का नेतृत्व करना जारी रखेंगे। रविवार को हुई अपने पहले प्लेनम या बैठक में 13 वीं सीपीवी सेंट्रल कमेटी (सीपीवीसीसी) ने 18 सदस्यीय पोलितब्यूरो का चयन किया।

सीपीवी की राष्ट्रीय कांग्रेस 25 जनवरी को शुरू हुई और सोमवार 1 फरवरी को संपन्न हुई। COVID-19 महामारी के दौरान आयोजित इस कांग्रेस में देश भर से 1,587 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। ये ऐसे समय में हुआ जब समाजवादी सरकार वियतनाम महामारी के बाद रणनीति बनाने को तैयार है।

वर्तमान पोलित ब्यूरो और तीसरे कार्यकाल के लिए पार्टी महासचिव के रूप में ट्रॉन्ग का फिर से चुनाव वियतनाम में कई "विशेष मामलों" को शामिल करता है। मौजूदा पार्टी के नियम फिर से चुनाव के लिए 75 वर्ष की आयु सीमा से अधिक वालों को रोकते हैं। लेकिन अन्य लोगों के बीच 76 वर्षीय ट्रॉन्ग का चुनाव पार्टी के मौजूदा नेतृत्व में विश्वास को प्रदर्शित करता है जिसने दुनिया की सफल कहानियों में वर्तमान में COVID-19 महामारी को कुशलता से संभाला है।

ले डुआन के बाद से ट्रॉन्ग ऐसे महासचिव बन गए हैं जो तीन बार चुने गए हैं और ऐसे व्यक्ति बन गए हैं जिन्होंने राष्ट्रपति और पार्टी प्रमुख दोनों का पद हासिल किया है।

इस बीच, कांग्रेस ने सोमवार को महामारी के बाद रिकवरी के लिए सरकार के प्रयासों के लिए अपना खाका तैयार किया। सोमवार 1 फरवरी को पार्टी ने 2021-2025 की योजना अवधि के लिए अपने महामारी-पूर्व विकास के लक्ष्य 6% को 6.5% से 7% के बीच बढ़ाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी। रिकवरी प्लान के लिए प्रेरक शक्ति के रुप में पार्टी का तकनीकी विकास और उच्च तकनीक उद्योग में अधिक निवेश सुनिश्चित करने की योजना है।

पार्टी के संकल्प ने समाजवादी सरकार और बाजार के बीच जटिल संबंधों को भी उल्लिखित किया है, क्योंकि यह इस साल अधिक से अधिक विदेशी निवेश और एक दर्जन से अधिक मुक्त व्यापार समझौते के लिए तैयार है। पार्टी के दस्तावेजों में कहा गया है कि वियतनाम "एक समाजवादी उन्मुख बाजार अर्थव्यवस्था के तत्वों को मूलरुप से पूरा करने के उपायों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो राज्य और बाजार व समाज के बीच संबंधों को बेहतर ढंग से संभालेंगे।"

vietnam
Vietnam's Communist Party
COVID-19
economic crises

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • LAW AND LIFE
    सत्यम श्रीवास्तव
    मानवाधिकारों और न्याय-व्यवस्था का मखौल उड़ाता उत्तर प्रदेश : मानवाधिकार समूहों की संयुक्त रिपोर्ट
    30 Oct 2021
    29 अक्तूबर को जारी हुई एक रिपोर्ट ‘कानून और ज़िंदगियों की संस्थागत मौत: उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा हत्याएं और उन्हें छिपाने की साजिशें’ हमें उत्तर प्रदेश में मौजूदा कानून व्यवस्था के हालात को बेहद…
  • migrant
    सोनिया यादव
    महामारी का दर्द: साल 2020 में दिहाड़ी मज़दूरों ने  की सबसे ज़्यादा आत्महत्या
    30 Oct 2021
    एनसीआरबी के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल भारत में तकरीबन 1 लाख 53 हज़ार लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें से सबसे ज़्यादा तकरीबन 37 हज़ार दिहाड़ी मजदूर थे।
  • UP
    लाल बहादुर सिंह
    आंदोलन की ताकतें व वाम-लोकतांत्रिक शक्तियां ही भाजपा-विरोधी मोर्चेबन्दी को विश्वसनीय विकल्प बना सकती है, जाति-गठजोड़ नहीं
    30 Oct 2021
    पिछले 3 चुनावों का अनुभव गवाह है कि महज जातियों के जोड़ गणित से भाजपा का बाल भी बांका नहीं हुआ, इतिहास साक्षी है कि जोड़-तोड़ से सरकार बदल भी जाय तो जनता के जीवन में तो कोई बड़ी तब्दीली नहीं ही आती, संकट…
  • Children playing in front of the Dhepagudi UP school in their village in Muniguda
    राखी घोष
    ओडिशा: रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न-आय वाले परिवारों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट इस तथ्य का खुलासा करती है कि जब अगस्त 2021 में सर्वेक्षण किया गया था तो ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 28% बच्चे ही नियमित तौर पर पठन-पाठन कर रहे थे, जबकि 37% बच्चों ने अध्ययन बंद कर दिया था।…
  • climate change
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट : अमीर देशों ने नहीं की ग़रीब देशों की मदद, विस्थापन रोकने पर किये करोड़ों ख़र्च
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देश भारी हथियारों से लैस एजेंटों को तैनात करके, परिष्कृत और महंगी निगरानी प्रणाली, मानव रहित हवाई प्रणाली आदि विकसित करके पलायन को रोकने के लिए एक ''जलवायु दीवार'' का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License