NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
झारखंड में ‘ऑपरेशन कमल’ के ख़िलाफ़ उठी आवाज़ें
भाजपा पर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को अपदस्त करने की साज़िश का आरोप लगा है। राज्य सरकार ने इस मामले में एसआईटी जांच बैठा दी है।
अनिल अंशुमन
30 Jul 2021
हेमंत सोरेन

“कोरोना आपदा को अवसर में बदलने का राजनितिक काम एकमात्र भाजपा ने किया है। पिछले साल के महामारी काल में जब लोग संक्रमण से जूझ रहे थे तो उस समय मोदी सरकार व्यस्त थी मध्य प्रदेश की गैर भाजपा सरकार को पलटने में। उसी समय से झारखंड में हम लोग भी आशंकित होने लगे कि यहाँ की सरकार को कब तक टिकने दिया जाएगा। देखिये उसकी प्रैक्टिस शुरू हो गयी”।

जंगल बचाओ अभियान से जुड़े युवा आदिवासी एक्टिविस्ट जेवियर कुजूर ने झारखंड प्रदेश में हेमंत सोरेन सरकार के विधायकों की खरीद फरोख्त प्रकरण से उठे सियासी बवंडर पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बातें कहीं।

सनद हो कि मानसूनकाल में भी झारखंड प्रदेश का सियासी पारा इन दिनों किस क़दर गर्म हो चला है, सत्ता और विपक्ष के नेताओं के तीखे आरोप प्रत्यारोपों के बयानों में यह देखा जा सकता है। हेमंत सोरेन सरकार ने भाजपा पर सीधा आरोप लगाया है कि वह मध्य प्रदेश की तर्ज़ पर ‘ ऑपरेशन कमल’  चलाकर झारखंड की गैर भाजपा सरकार को विधायकों की खरीद फरोख्त का कुचक्र कर अपदस्त करने की साजिश कर रही है।

प्रदेश भाजपा ने भी पूरे मामले की एसआईटी जाँच की मांग कर आरोप को सिरे से खारिज किया है। साथ ही राज्य सरकार पर ही आरोप लागाया है कि वह विकास के मोर्चे पर अपनी नाकामी छुपाने के लिए यह सब नाटक कर रही है।

वैसे अब तक का पूरा घटनाक्रम किसी सिनेमाई अंदाज़ से कम नहीं प्रतीत होता है। 24 जुलाई को मीडिया की खबर से प्रदेश के लोगों को ये ज्ञात होता है कि राजधानी रांची के एक रसूखदार होटल में पुलिस ने छापा मारकर हवाला कारोबार से जुड़े कुछ लोगों को भारी रक़म के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ के दौरान जब बात और अधिक खुलती है तो वह एक सियासी बवंडर का ही रूप ले लेती है। क्योंकि पुलिस को दिए बयान में वे बताते हैं कि महाराष्ट्र के एक भाजपा विधायक द्वारा भेजे गए चार लोगों के साथ वे यहाँ होटल में ठहरे हुए थे और बरामद हुई रकम हेमंत सोरेन सरकार से जुड़े विधायकों को भाजपा के पाले में मैनेज करने के लिए लाई गई थे।

वे यह भी बताते हैं कि झारखंड सरकार के तीन विधायकों (दो कांग्रेसी व एक निर्दलीय) को दिल्ली में भाजपा के बड़े नेताओं से मिलवाया भी जा चुका है। डील के तहत ही बाकी विधायकों को मैनेज करने के लिए वे यहाँ ठहरे हुए थे। पुलिस ने उन सभी लोगों को प्रदेश की सरकार गिराने का षडयंत्र रचने के आरोप में जेल भेज दिया है।

मामले का अनुसंधान कर रही पुलिस ने यह भी कहा है कि गिरफ्तार संदिग्ध लोगों के साथ वहाँ ठहरे हुए महाराष्ट्र भाजपा विधायक के चारों लोग छापेमारी के दौरान ही पुलिस को चकमा देकर अपना सारा सामान होटल में ही छोड़ फरार हो गए।

पुलिस ने अपने बयान में दावा किया है कि गिरफ्तार लोगों ने खुद यह स्वीकारा है कि वे महाराष्ट्र भाजपा के विधायक और उनके साथी हवाला कारोबारी के कहने पर ही यहाँ आकर ठहरे हुए थे। दिल्ली में बनी योजना के तहत कांग्रेस के दो विधायकों व एक निर्दलीय की मदद से अन्य 8 विधायकों को मैनेज कर सरकार गिराने की डील होनी थी। इस प्रकरण में एक मीडिया घराने व दो पत्रकारों के भी शामिल होने की बात कही जा रही है।

हैरान करने वाला पहलू यह है कि राज्य की मीडिया ने पूरे प्रकरण को पारदर्शी ढंग से प्रस्तुत करने की बजाय आनन फानन रिपोर्ट छापकर यह दावा कर दिया कि सभी गिरफ्तार सामान्य लोग हैं, उन्हें नाहक फंसाया गया है। सुर्ख़ियों के साथ उनकी तस्वीरें छाप कर साबित किया गया कि किस तरह से वे एक सामान्य फल विक्रेता और दिहाड़ी मजदूर हैं। जिस पर यह भी प्रतिक्रिया आ रही है कि जब वे इतने गरीब और सामान्य लोग हैं तो इतने रसूखदार और महंगे होटल में वे कैसे ठहरे हुए थे।

प्रदेश भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रेसवार्ता कर हेमंत सोरेन सरकार गिराने की साजिश से सीधे इनकार करते हुए मामले की एसआईटी जांच की मांग की है। पुलिस को झामुमो का राजनितिक टूल नहीं बनाने की चेतावनी देते हुए कहा है कि यह सरकार तो हमेशा नहीं रहने वाली है। अपना अनुसंधान बंद करे नहीं तो रिटायरमेंट के बाद भी उनपर कार्रवाई हो सकती है। सरकार गिरफ्तार तीनों लोगों को बिना शर्त रिहा करे।

जवाब में झामुमो प्रवक्ता ने भी कहा है कि भाजपा नेता द्वारा पुलिस को धमकाया जाना आपत्तिजनक है। खुद एसआईटी जांच की मांग भी कर रहें हैं और दूसरी ओर, बिना किसी जांच के ही गिरफ्तार लोगों को बेकसूर घोषित कर रिहाई की मांग करना साफ़ दर्शाता है कि मामला गड़बड़ है। प्रवक्ता ने यह भी कहा है कि भाजपा झारखंड को मध्यप्रदेश या कर्नाटक नहीं समझे, यहाँ की जनता काफी जागरूक है और सरकार गिराने की किसी भी साजिश का ज़ोरदार प्रतिकार होगा।

उधर झारखंड कांग्रेस के कोलेबिरा विधायक ने भी मीडिया का माध्यम से कहा है कि उन्हें भी सरकार गिराने के लिए बड़ा ऑफर दिया गया है। इस प्रकरण के बाद से कांग्रेस पार्टी में भी अंदरूनी सरगर्मी तेज़ हो गयी है। प्रदेश पार्टी प्रवक्ता ने अपने विधायकों का बचाव करते हुए सफाई दी है कि उनके विधायकों को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। हमारे सारे विधायक महागठबंधन के साथ पूरी तरह से एकजुट हैं। दिल्ली जाने का मामला महज एक संयोग जैसा ही था और उसका सरकार गिराने के भाजपा प्लाट से कोई लेना देना नहीं है। कांग्रेस के ही एक विधायक ने सरकार गिराने की साजिश किये जाने के खिलाफ राज्य में ‘ हार्स ट्रेडिंग’  को लेकर एफआईआर दर्ज कराई है।

ये सही है कि पूरे प्रकरण में सरकार गिराने की साज़िश किये जाने सम्बन्धी सारी जानकारियाँ पुलिस द्वारा जारी बयानों से ही आ रहीं हैं। झारखंड सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। लेकिन व्यापक चर्चाओं में यही कहा जा रहा है कि पिछले विधानसभा चुनाव की पराजय को भाजपा बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। राज्य की जनता के जनादेश की भी उसे कत्तई परवाह नहीं है। इसीलिए हर छोटे मुद्दे पर उसके नेता हेमंत सोरेन सरकार को उखाड़ फेंकने का ही आह्वान करते हैं।

राज्य के वरिष्ठ अर्थशास्त्री और विनोवा भावे विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश शरण ने वर्तमान प्रकरण पर अपनी टिप्पणी में कहा है कि ये इस प्रदेश का दुर्भाग्य ही है कि राज्य गठन के बाद से यहाँ सरकार बनाने और बिगाड़ने के जितने भी खेल हुए हैं सबके केंद्र में भाजपा ही रही है। राज्य बनने के दो साल के अन्दर ही जब इनके वर्तमान विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी तत्कालीन मुख्यमंत्री हुआ करते थे और ‘ डोमिसाइल विवाद‘ के कारण जब उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था तो नयी सरकार गठन की स्थिति बनी थी। उस समय भी भाजपा ने चार निर्दलीय विधायकों को एक निजी कंपनी के विमान से जयपुर ले जाकर रखा था उन्हें वहीं मैनेज कर दोबारा सरकार बनायी।

29 जुलाई को रांची में प्रेस वार्ता के माध्यम से भाकपा माले ने हेमंत सोरेन सरकार को अस्थिर करने की कुचेष्टाओं का कड़ा विरोध करते हुए मोदी सरकार पर गैर भाजपा सरकारों को गिराने और जनादेश से विश्वासघात करने का आरोप लगाया है।

राज्य सीपीएम ने भी कहा है कि हेमंत सोरेन सरकार को गिराने का जनता कड़ा विरोध करेगी।

फिलहाल झारखंड सरकार द्वारा गठित एसआईटी जांच से कुछ असली सच सामने आने का सभी को इंतज़ार है।   

Jharkhand
Hemant Soren
Soren Government
JMM
BJP
Operation Kamal
COVID-19

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    रसोई गैस की सब्सिडी में 92% कमी, सिलेंडर की क़ीमतों में वृद्धि डबल! 
    09 Sep 2021
    कंट्रोलर जनरल अकाउंट का कहना है कि वित्त वर्ष 2022-23 के शुरुआती 4 महीनों(अप्रैल से जुलाई) में केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस की सब्सिडी पर महज 1,233 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। जबकि साल 2019-20 के…
  • अध्ययन : श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी पर उनकी विभिन्न सामाजिक पहचानों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है
    दित्सा भट्टाचार्य
    अध्ययन : श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी पर उनकी विभिन्न सामाजिक पहचानों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है
    09 Sep 2021
    इस बारे में प्रकाशित पेपर कहता है कि जाति और जनजाति जैसे लिंग और सामाजिक पहचान के बीच का अंतर यह दर्शाता है कि जाति, ग़रीबी और पितृसत्ता के कारण वंचित दलित महिलाएं भौतिक संकेतकों के साथ-साथ स्वायत्तता…
  • आख़िरकार तालिबान को सत्ता मिल ही गयी!
    एम. के. भद्रकुमार
    आख़िरकार तालिबान को सत्ता मिल ही गयी!
    09 Sep 2021
    तालिबान की ओर से 7 सितंबर को घोषित की गयी कथित अंतरिम सरकार को लेकर ऐसी कई बातें हैं,जिन पर ग़ौर करने की ज़रूरत है।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 43,263 नए मामले, 338 मरीज़ों की मौत
    09 Sep 2021
    देश में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 31 लाख 39 हज़ार 981 हो गयी है।
  • करनाल: जारी रहेगा आंदोलन
    न्यूज़क्लिक टीम
    करनाल: जारी रहेगा आंदोलन
    08 Sep 2021
    करनाल में किसानों का मिनी सचिवालय के बाहर धरना दूसरे दिन भी जारी रहा. किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से दूसरे दौर की तीन घंटे बातचीत के बावजूद कोई हल नहीं निकला. इसी बीच किसानों ने साफ़ कहा कि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License