NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
यूएस में वॉल्वो ट्रक प्लांट के कर्मचारियों ने समझौते को पुरज़ोर तरीक़े से ख़ारिज किया
वोल्वो ट्रक नॉर्थ अमेरिका के क़रीब 3,000 कर्मचारियों ने कंपनी और यूएडब्ल्यू वार्ताकारों द्वारा किए गए अस्थायी समझौते को 91% वोट से खारिज कर दिया जिससे हड़ताल फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
पीपल्स डिस्पैच
18 May 2021
यूएस में वॉल्वो ट्रक प्लांट के कर्मचारियों ने समझौते को पुरज़ोर तरीक़े से ख़ारिज किया

अमेरिका में दुनिया के सबसे बड़े वोल्वो ट्रक प्लांट में श्रमिक संघ द्वारा आयोजित कॉन्ट्रैक्ट वोट में कर्मचारियों ने एक अस्थायी समझौते के खिलाफ भारी मतदान किया। रविवार 16 मई को हुए मतदान के परिणामों में 2,900 से अधिक यूनियन सदस्यों में से 91% ने इस समझौते को खारिज कर दिया जिसे उनकी कीमत पर तैयार समझौते के रुप में देखा गया जो कंपनी को लाभ पहुंचाने वाला है।

मतगणना रविवार को देर रात तक जारी रहा। इसे गत मध्य रात में जारी किया गया। इसके अंतिम परिणाम से पता चलता है कि 91% सदस्यों ने काम के समय और इस समझौते के सामान्य विवरण से निपटने वाली सामान्य तथा प्रति घंटा विवरण के खिलाफ वोट दिया। 83% से अधिक सदस्यों ने वेतन विवरण के खिलाफ वोट किया, जिसमें वेतन और लाभ को लेकर प्रावधान शामिल हैं।

इस मतदान को वॉल्वो ट्रक्स नॉर्थ अमेरिका (वीटीएनए) और यूनाइटेड ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस एंड एग्रीकल्चर इम्प्लीमेंट वर्कर्स ऑफ अमेरिका (यूएडब्ल्यू) के स्थानीय संस्करण (लोकल 2069) के अधिकारियों के खिलाफ खासकर यूनियन वार्ताकारों की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

कंपनी के साथ नए अनुबंध के लिए महीनों की असफल बातचीत के बाद वीटीएनए कर्मचारी 17 अप्रैल को हड़ताल पर चले गए थे। हड़ताल के 13 दिन बाद यूनियन वार्ताकारों द्वारा 30 अप्रैल को यह घोषणा करने के बाद कि उन्होंने वीटीएनए के साथ पांच साल के अनुबंध के लिए एक अस्थायी समझौते कर लिया है इस हड़ताल को एकतरफा समाप्त कर दिया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, इस समझौते का विवरण प्रकाशित नहीं किया गया था और यूएवी द्वारा पूर्ण दस्तावेज जारी करने की स्थापित प्रथा के खिलाफ जाते हुए यूनियन के अधिकारियों द्वारा केवल संक्षिप्त पर्चे बांटे गए थे।

हड़ताल समाप्त होने के कुछ दिनों बाद ही मजदूर यूनियन हॉल से एक प्रति प्राप्त करने में सक्षम थे। इस समझौते के सबसे विवादास्पद हिस्सों में से एक दो-स्तरीय वेतन प्रणाली को पुनः लागू करना, स्वास्थ्य सेवा में अत्यधिक वृद्धि करना और तथ्य यह है कि वार्ताकार एक "अल्टर्नेटिव वर्क शेड्यूल" प्रोविजन पर सहमत हुए जो वीटीएनए को लंबे समय अवधि को लागू करने के लिए अधिक नियंत्रण दे सकता था।

America
US
Volvo truck plant
Volvo truck plant workers in

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License