NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ग़रीब देशों को कोविड-19 वैक्सीन की अधिक आपूर्ति के लिए अमीर देशों से बूस्टर खुराक रोकने को डब्ल्यूएचओ ने कहा
कुछ देशों ने अपनी आधी से अधिक आबादी को पहले ही टीका लगा लिया है जबकि कई देशों में टीकाकरण अभी शुरू ही हुआ है।
पीपल्स डिस्पैच
05 Aug 2021
ग़रीब देशों को कोविड-19 वैक्सीन की अधिक आपूर्ति के लिए अमीर देशों से बूस्टर खुराक रोकने को डब्ल्यूएचओ ने कहा

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देशों से कहा है कि वे दुनिया की कम से कम 10% आबादी का टीकाकरण करने के लिए अपने देश के लोगों को कम से कम सितंबर तक COVID-19 वैक्सीन की अतिरिक्त तीसरी खुराक देने की अपनी योजना को रोकें। बुधवार 4 अगस्त को अपनी नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम ने कहा कि, हम "सभी सरकारों की अपने लोगों को डेल्टा वैरिएंट से बचाने की चिंता को समझ सकते हैं। लेकिन हम उन देशों को स्वीकार नहीं कर सकते हैं जो पहले से ही वैक्सीन की वैश्विक आपूर्ति का अधिक उपयोग कर चुके हैं, जबकि दुनिया के सबसे कमजोर लोग असुरक्षित रहते हैं।”

एडनॉम ने कहा कि, “अभी तक वैश्विक स्तर पर 4 बिलियन से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। 80% से अधिक उच्च और उच्च मध्यम आय वाले देशों में गए हैं, भले ही उनकी दुनिया की आधी से भी कम आबादी है।

इज़रायल, जर्मनी, यूके सहित कई देशों द्वारा वायरस के नए वैरिएंट से बचाने के लिए अपने सभी असुरक्षित लोगों को "बूस्टर खुराक" के रूप में वैक्सीन की एक अतिरिक्त खुराक देने के फैसले के बाद मोरेटोरियम का आह्वान किया गया था। इनमें से अधिकांश देशों ने पहले ही अपने ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण कर लिया है जबकि अधिकांश अफ्रीकी देशों में टीकाकरण का स्तर नगण्य है।

यूके ने अपनी कुल आबादी के कम से कम 67% को पहले ही पूरी तरह से टीका लगाया है और यूरोपीय देशों और अमेरिका का औसत डेटा लगभग 50% है जबकि अफ्रीका की कुल आबादी का केवल 1.8% पूरी तरह से टीका लगाया गया है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, उच्च आय वाले देशों में प्रति 100 लोगों के लिए 101 वैक्सीन खुराक दी गई है, वहीं 29 सबसे कम आय वाले देशों में इसका डेटा प्रति 100 लोगों पर 1.7 खुराक है।

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि कोई भी तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक कि हर कोई सुरक्षित न हो क्योंकि कम टीकाकरण वाले समाजों में नए वैरिएंड पूरी तरह से टीकाकरण वाले देशों में नई लहरें पैदा कर सकते हैं और इसलिए "कम से कम सितंबर के अंत तक बूस्टरों को लेकर मोरेटोरियम लिए कहा जाता है, ताकि हर देश की आबादी का कम से कम 10 % लोगों का टीकाकरण किया जा सके।”

Coronavirus
COVID-19
corona vaccine
WHO

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • सत्यम कुमार
    उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 
    28 Apr 2022
    उत्तराखंड राज्य में विद्यालयों की स्थिति के आंकड़े दिखाते हैं कि सरकारी स्कूलों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते विद्यार्थियों का नामांकन कम हो रहा है, और अंत में कम नामांकन के चलते स्कूल बंद…
  • प्रेम कुमार
    ‘जनता की भलाई’ के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाते मोदीजी!
    28 Apr 2022
    अगर पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में लाए जाते हैं तो कीमत में 30 से 40 रुपये प्रति लीटर तक की कमी हो जाएगी। जनता केंद्र और राज्यों के दोहरे कराधान से भी बच जाएगी। जनता की भलाई के लिए बीजेपी की सरकार…
  • वी. श्रीधर
    एलआईसी की आईपीओ: बड़े पैमाने का घोटाला
    28 Apr 2022
    एलआईसी को लिस्टेड करने की इस बेबुनियाद हड़बड़ी में दिग्गज "निवेशकों" के पैसे बनाने की सनक को बढ़ावा देते हुए लोगों के हितों की भयानक अनदेखी नज़र आती है। आईपीओ की क़ीमत से यह संकेत मिलता है कि यह शायद…
  • सुभाष गाताडे
    दलित जननेता जिग्नेश को क्यों प्रताड़ित कर रही है भाजपा? 
    28 Apr 2022
    ‘क्या अपने राजनीतिक आकाओं के फायदे के लिए एक जननेता को प्रताड़ित और आतंकित किया जा रहा है’?
  • अनीस ज़रगर
    कश्मीर में एक आर्मी-संचालित स्कूल की ओर से कर्मचारियों को हिजाब न पहनने के निर्देश
    28 Apr 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ़्ती ने भाजपा पर महिलाओं की आजादी पर अंकुश लगाने का आरोप लगाया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License