NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोविड-19 टीके को जमा करने की प्रवृत्ति को लेकर डब्ल्यूएचओ ने अमीर देशों को चेतावनी दी
कुछ अमीर देशों ने पहले ही आवश्यकता से अधिक खुराक जमा कर ली है जबकि अधिकांश ग़रीब देशों को एक भी खुराक नहीं मिली है।
पीपल्स डिस्पैच
23 Feb 2021
कोविड-19 टीके को जमा करने की प्रवृत्ति को लेकर डब्ल्यूएचओ ने अमीर देशों को चेतावनी दी

दुनिया के अमीर देशों द्वारा अधिक से अधिक COVID टीकों को खरीदने और स्टोर करने की मची होड़ को उजागर करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस एडनम गेब्रिसस ने सोमवार 22 फरवरी को कहा कि इसने गरीब देशों और दुनिया के सबसे कमजोर लोगों तक टीके देने की प्रक्रिया में COVAX कार्यक्रम को नजरअंदाज किया है।

टेड्रोस ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में समृद्ध देश सीधे इन टीकों के उत्पादकों के पास पहुंच जाते हैं और अपने लिए अधिक से अधिक टीके की खुराक सुरक्षित कर लेते हैं। इनमें से कुछ देशों ने टीके को इकट्ठा कर लिया है जो दो बार तक उनके यहां के लोगों को टीका लगाने के लिए पर्याप्त हो सकते हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में गरीब देशों को अब तक एक भी खुराक नहीं मिले हैं और COVAX कार्यक्रम को नजरअंदाज किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्त पोषित गवी और डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में COVAX कार्यक्रम को पिछले साल उन सभी देशों को वैक्सीन डिलीवरी की सुविधा देने के लिए शुरू किया गया था जिन देशों की भले ही खरीदने की क्षमता पर्याप्त न हो। हालांकि, अभी तक ये कार्यक्रम उच्च कीमतों और टीकों की कमी के कारण गरीब देशों को किसी तरह की मदद पहुंचाने में विफल रहा है।

हालांकि जी-7 देशों ने इस कार्यक्रम के लिए 4.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर देने का वादा किया है लेकिन डब्ल्यूएचओ प्रमुख का कहना है कि ये पैसा पर्याप्त नहीं होगा क्योंकि टीके का कुल उत्पादन सीमित है और जो भी उत्पादन होता है उसे अमीर देशों द्वारा इकट्ठा कर लिया जाता है।

टेड्रोस बड़ी संख्या में उन वैश्विक राजनयिकों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने अमीर देशों के बीच वैक्सीन राष्ट्रवाद को लेकर चिंता व्यक्त की है। पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बोलते हुए महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने टीकों की जमाखोरी के लिए अमीर देशों की आलोचना की थी जिससे ऐसी स्थिति पैदा हो गई है जहां केवल 10 देशों ने अब तक कुल टीकाकरणों का 75% हासिल कर लिया है जबकि 130 देशों को इसकी एक भी खुराक नहीं मिली है।

पिछले हफ्ते वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के नवनिर्वाचित प्रमुख नोजोजी ओकोनजो- ल्विला ने रायटर से बात करते हुए अमीर देशों के बीच "वैक्सीन राष्ट्रवाद" को लेकर चेतावनी दी थी और कहा था कि "कोई भी तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक सभी सुरक्षित नहीं हैं" और "यदि अन्य देशों में टीकाकरण नहीं होता है तो यह विश्व के लिए झटका होगा।”

WHO
Coronavirus
COVID-19
corona vaccine

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • rakeh tikait
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार
    11 Feb 2022
    पहले चरण के मतदान की रपटों से साफ़ है कि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण वोटिंग पैटर्न का निर्धारक तत्व नहीं रहा, बल्कि किसान-आंदोलन और मोदी-योगी का दमन, कुशासन, बेरोजगारी, महंगाई ही गेम-चेंजर रहे।
  • BJP
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: भाजपा के घोषणा पत्र में लव-लैंड जिहाद का मुद्दा तो कांग्रेस में सत्ता से दूर रहने की टीस
    11 Feb 2022
    “बीजेपी के घोषणा पत्र का मुख्य आकर्षण कथित लव जिहाद और लैंड जिहाद है। इसी पर उन्हें वोटों का ध्रुवीकरण करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घोषणा पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया में लव-लैड जिहाद को…
  • LIC
    वी. श्रीधर
    LIC आईपीओ: सोने की मुर्गी कौड़ी के भाव लगाना
    11 Feb 2022
    जैसा कि मोदी सरकार एलआईसी के आईपीओ को लांच करने की तैयारी में लगी है, जो कि भारत में निजीकरण की अब तक की सबसे बड़ी कवायद है। ऐसे में आशंका है कि इस बेशक़ीमती संस्थान की कीमत को इसके वास्तविक मूल्य से…
  • china olampic
    चार्ल्स जू
    कैसे चीन पश्चिम के लिए ओलंपिक दैत्य बना
    11 Feb 2022
    ओलंपिक का इतिहास, चीन और वैश्विक दक्षिण के संघर्ष को बताता है। यह संघर्ष अमेरिका और दूसरे साम्राज्यवादी देशों द्वारा उन्हें और उनके तंत्र को वैक्लपिक तंत्र की मान्यता देने के बारे में था। 
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : जंगली जानवरों से मुश्किल में किसान, सरकार से भारी नाराज़गी
    11 Feb 2022
    पूरे राज्य के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी, बढ़ती खेती लागत के साथ ही पहाड़ों में जंगली जानवरों का प्रकोप और लगातार बंजर होती खेती की ज़मीन जैसे तमाम मुद्दे लिए अहम हैं, जिन्हें इस सरकार ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License