NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चीन के ख़िलाफ़ टैरिफ़ लगाकर अमेरिका ने व्यापार नियमों का उल्लंघन किया : डब्ल्यूटीओ
व्यापार संस्था ने पाया कि हाल के टैरिफ़ को सही ठहराने के लिए अमेरिका चीन की कथित अनुचित व्यापार कार्यप्रणालियों और प्रौद्योगिकियों की चोरी के पर्याप्त सबूत नहीं दे पाया।
पीपल्स डिस्पैच
17 Sep 2020
(फोटो: निकोलस असफोरी / एएफपी)

डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन की चीन विरोधी विदेश नीति को एक बड़ा झटका देते हुए विश्व व्यापार संगठन ने फैसला सुनाया कि व्यापार युद्ध शुरू करने वाले ये टैरिफ वास्तव में अवैध हैं। डब्ल्यूटीओ के एक पैनल ने मंगलवार 15 सितंबर को ये फैसला सुनाया कि अमेरिका ने 2018 में लगाए गए इस टैरिफ को उचित ठहराने के लिए चीन द्वारा कथित तौर पर अनुचित व्यापार व्यवहार या तकनीकी चोरी का एक ठोस मामला पेश नहीं कर सका है।

चीन की एक अपील के बाद ये फैसला आया है। चीन ने डब्ल्यूटीओ से 2018 और 2019 के बीच यूएस-चीन व्यापार विवाद के बढ़ने के बाद मध्यस्थता करने को कहा था। डब्ल्यूटीओ ने कहा कि अमेरिका में व्यापारिक संस्थानों और व्यक्तियों पर हाल के टैरिफ को 1994 में मारकेश समझौता और अन्य समझौते के तहत जिन्हें विश्व व्यापार संगठन ने गठन किया था उसे व्यापार विवादों से निपटने की अनुमति नहीं दी जाती है।

चीन सरकार ने इस फैसले को स्वीकार किया है क्योंकि इसने अपना रुख स्पष्ट कर दिया था कि इसने मौजूदा व्यापार मानदंडों और कार्यप्रणालियों के उल्लंघन नहीं किया। हालांकि ट्रम्प प्रशासन ने इस व्यापार संगठन के ख़िलाफ़ कड़ी निंदा की। पैनल के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर ने कहा कि "डब्ल्यूटीओ चीन की हानिकारक कार्यप्रणालियों को रोकने के लिए पूरी तरह से अयोग्य है।"

साल 2018 में जनवरी और मार्च महीनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीनी सरकार द्वारा अनुचित व्यापार का आरोप लगाते हुए चीनी वस्तुओं पर विभिन्न सीमा शुल्क की घोषणा की। इसके चलते अप्रैल 2018 में चीन द्वारा अमेरिकी वस्तुओं पर भी टैरिफ लगा दी गई जिसके परिणामस्वरुप सैकड़ों अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं पर दोनों ओर से भारी टैरिफ लगी दी गई।

मीडिया में प्रचलित इस व्यापार युद्ध ने साल 2019 और 2020 के बीच अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों को हिला कर रख दिया और अमेरिकी सहयोगियों द्वारा चीन-विरोधी अभियान में बदल दिया गया। लेकिन मौजूदा पैनल के फैसले में यूरोपीय संघ और ऑस्ट्रेलिया जैसे पारंपरिक सहयोगियों ने भी इस टैरिफ और बाधाओं के अमेरिकी तर्क का विरोध किया।

world trade organistaion
Donald Trump
america china tensions
WTO
WTO

Related Stories

साम्राज्यवाद अब भी ज़िंदा है

यूरोपीय संघ दुनियाभर के लोगों के स्वास्थ्य से बढ़कर कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता देता है 

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

एक साल पहले हुए कैपिटॉल दंगे ने अमेरिका को किस तरह बदला या बदलने में नाकाम रहा

2021 : चीन के ख़िलाफ़ अमेरिका की युद्ध की धमकियों का साल

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को डब्ल्यूटीओ के एजेंडे की परवाह क्यों करनी चाहिए?

कोविड-19 चिकित्सा उत्पादों पर ट्रिप्स छूट की मांग को लेकर जन आंदोलनों, ट्रेड यूनियनों और वाम दलों ने हाथ मिलाया

एमएसपी भविष्य की अराजकता के ख़िलाफ़ बीमा है : अर्थशास्त्री सुखपाल सिंह

दुनिया क्यूबा के साथ खड़ी है

रिपोर्ट के मुताबिक सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की जलवायु योजनायें पेरिस समझौते के लक्ष्य को पूरा कर पाने में विफल रही हैं 


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License