NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कोरोना के कठिन समय में क्या म्यूज़ियम शिलान्यास समारोह ज़रूरी था?
शुक्रवार को मुख्यमंत्री म्यूजियम के शिलान्यास के जिस कार्यक्रम में शामिल हुए, वो सिर्फ़ कोरोना के लिहाज से ख़तरनाक नहीं था, बल्कि कई वर्षों से यहां के कई गांवों के सड़क और पुल की मूलभूत ज़रूरत पर भी भारी था।
वर्षा सिंह
21 Mar 2020
उत्तराखंड

उत्तराखंड में स्कूल-मॉल्स के साथ ही मंदिर-मेले-दरगाह सब बंद कर दिए गए हैं। देसी-विदेशी हर तरह के पर्यटकों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। सुरक्षा और सख्ती लगातार बढ़ायी जा रही है। राज्य में कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया गया है। एक जगह 50 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने की मनाही है। ऐसे में खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत टिहरी के एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने लाव-लश्कर के साथ पहुंच गए। दिल्ली समेत अन्य जगहों से आए लोगों के बीच एक म्यूज़ियम का शिलान्यास किया। इस दौरान तीन-चार सौ लोगों की मौजूदगी का अनुमान जताया जा रहा है। जिसमें बड़ी संख्या में पुलिसवाले भी हैं। जब जनता मिलन जैसे कार्यक्रम स्थगित हैं। सरकारी कर्मचारी भी अपने घरों से काम कर रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का ये लापरवाह रवैया सवाल खड़े करता है।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री जिस कार्यक्रम में शामिल हुए, वो सिर्फ़ कोरोना के लिहाज से खतरनाक नहीं था, बल्कि कई वर्षों से यहां के कई गांवों के सड़क और पुल की मूलभूत ज़रूरत पर भी भारी था। ऐसे कौन से लोग थे, जिनके लिए मुख्यमंत्री ने लोगों की सेहत की परवाह नहीं की, न ही उनकी मूलभूत ज़रूरत की।

म्यूज़ियम के शिलान्यास का निमंत्रण पत्र.jpeg

14 वर्षों से जहां पुल का इंतज़ार था, वहां म्यूज़ियम का शिलान्यास

कई गांवों के सपनों पर पानी फेरते हुए टिहरी में सिंगटाली क्षेत्र के पास मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने म्यूज़ियम का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में दिल्ली के अलावा देशभर से कई लोग शामिल हुए। ये म्यूज़ियम दिल्ली के व्यवसायी राजीव सावरा का है। यूकेडी के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता यहां विरोध करने पहुंचे तो उन्हें गिरफ़्तार कर बाद में छोड़ दिया गया। राजीव सावरा ने इसी क्षेत्र में रिसॉर्ट भी बनाया है।

पूर्व गढ़वाल कमिश्नर और यूकेडी के सदस्य एसएस पांगती भी यहां विरोध के लिए पहुंचे थे। वह बताते हैं कि आर्ट गैलरी के लिए सिविल फॉरेस्ट (सिविल सोयम) की ज़मीन पर कब्जा किया गया और उसे गांववालों से खरीदा दर्शाया गया। जबकि सिविल सोयम की ज़मीन पर किसी का व्यक्तिगत अधिकार नहीं होता। उन्होंने ज़मीन खरीद में भी फर्ज़ीवाड़े का आरोप लगाया। पांगती कहते हैं कि नेशनल हाईवे से लगी ज़मीन, जहां से यात्री सीधे बद्रीनाथ जाते हैं, वहां आर्ट गैलरी बनाने का क्या मतलब है।

पूर्व गढ़वाल कमिश्नर ये भी पूछते हैं कि जब कोरोना को लेकर राज्यभर में पाबंदियां लागू की गई हैं। उत्तराखण्ड एपिडेमिक डिजीज कोविड-19 रेग्यूलेशन एक्ट-2020 लागू है। ऐसे में खुद मुख्यमंत्री इस तरह के आयोजन में कैसे शामिल हो सकते हैं।

एक पुल के लिए कई गांवों का संघर्ष

सिंगटाली क्षेत्र में पुल बनाने की मांग को लेकर आसपास के कई गांव लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

वर्ष 2006 में पौड़ी के कौड़ियाला-व्यासघाट मोटर मार्ग निर्माण की मंजूरी मिली थी, जिसकी लंबाई 21 किलोमीटर तय थी। यहीं पर 1579.80 लाख रुपये की लागत से पुल बनाने की भी मंजूरी दी गई थी। विश्व बैंक इस पुल को बनाने में मदद कर रहा है। इसके लिए पहाड़ की कटाई का कार्य भी पूरा हो गया था। 2006 से जिस सड़क और पुल की कवायद चल रही थी, वर्ष 2020 मार्च में जिस पर कार्य शुरू होना था। 15 जनवरी को एक शासनादेश आता है कि पुल की जगह बदल कर तीन किलोमीटर ऊपर कर दी जाएगी। पुल की जगह बदलने का आसपास के गांव के लोग विरोध कर रहे हैं।

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय प्रवक्ता पीसी थपलियाल कहते हैं कि इस क्षेत्र के विकास के लिए सिंगटाली-सतपुली पुल बहुत ज़रूरी है। उनका आरोप है कि माफिया के इशारे पर यह प्रोजेक्ट रोका गया है। पुल बनने से गढ़वाल और कुमाऊं की दूरी कम की जा सकती थी।  

वह बताते हैं कि गंगा और नयार नदी के संगम पर स्थित व्यास-घाट को टिहरी के सिंगटाली से 21 किमी. मोटर मार्ग से जोड़ने की योजना को स्वीकृति दी गई थी। इस परियोजना में सिंगटाली गांव के नीचे गंगा नदी पर पुल का निर्माण होना था। उन्होंने कहा कि यदि पुल बन जाता है तो गढ़वाल की नयार घाटी और कुमाऊं के सल्ट क्षेत्र से देहरादून की दूरी 150-200 किमी तक घट जायेगी। इसके साथ ही गंगा और नयार के संगम पर स्थित व्यास ऋषि के आश्रम को राज्य के तीर्थ के रूप में विकसित कर रोजगार के साधन बढ़ाए जा सकते थे। पीसी थपलियाल दावा करते हैं कि भूवैज्ञानिकों के मुताबिक पुल के लिए जो नई जगह तय की गई है, वहां फ्रैक्चर्ड चट्टाने हैं। जहां सड़क तो बन सकती है लेकिन मोटर पुल बनाने के लिए वो जगह मुफीद नहीं है।

फिर 2006 में स्वीकृत पुल को बनाने के लिए 2020 तक का इंतज़ार करना पड़ा। जगह बदलने से ये साल और लंबे खिंच जाएंगे।

कोरोना के समय में शिलान्यास कैसे?

सवाल ये भी हैं कि एक म्यूज़ियम के शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री इतने सारे पुलिसकर्मियों और देसी-विदेशी मेहमानों के बीच क्यों पहुंचे। इस कार्यक्रम को स्थगित क्यों नहीं किया गया। जबकि राज्य में पर्यटकों के रुकने-ठहरने पर रोक लगा दी गई है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली के उद्मियों से लेकर हरिद्वार के संत तक पहुंचे थे। कार्यक्रम के समय वहां मौजूद रहे पीसी थपलियाल अंदाजा लगाते हैं कि यहां पुलिस वालों की लंबी फौज़ थी। मेहमानों की संख्या भी करीब सौ-डेढ़ सौ से अधिक थी। तो क्या ये लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं है?

Corona Virus
COVID-19
Uttrakhand
Trivendra Singh Rawat
BJP
म्यूज़ियम शिलान्यास समारोह

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • corona
    भाषा
    कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियां 31 मार्च से हटाई जाएंगी, मास्क लगाना रहेगा अनिवार्य
    23 Mar 2022
    गृह मंत्रालय ने करीब दो साल बाद, 31 मार्च से कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियों को हटाने का फैसला किया है। हालांकि, मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम लागू रहेंगे।
  • birbhum violence
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बंगाल हिंसा मामला : न्याय की मांग करते हुए वाम मोर्चा ने निकाली रैली
    23 Mar 2022
    मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम के साथ रैली का नेतृत्व करने वाले वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि राज्य में ‘सामूहिक हत्या’ की घटना को छिपाने के किसी भी…
  • NHRC
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे पर हरकत में आया मानवाधिकार आयोग, केंद्र को फिर भेजा रिमाइंडर
    23 Mar 2022
    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मुद्दे को मानवाधिकारों का हनन मानते हुए केंद्र के खिलाफ पिटीशन फाइल की थी। दो माह से ज्यादा बीतने के बाद भी केंद्र सरकार द्वारा इस मसले पर कोई पहल नहीं की गई, तो आयोग…
  • dyfi-citu
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नोएडा : प्राइवेट कोचिंग सेंटर पर ठगी का आरोप, सीटू-डीवाईएफ़आई ने किया प्रदर्शन
    23 Mar 2022
    सीटू व डीवाईएफ़आई के लोगो ने संयुक्त रूप से अमेरिका स्थित हेनरी हैवलिन की नोएडा शाखा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद प्रबंधकों ने अनियमितताओं को दूर करने का आश्वासन दिया और कथित ठगी के शिकार…
  • bhagat singh
    दिनीत डेंटा
    भगत सिंह: देशप्रेमी या राष्ट्रवादी
    23 Mar 2022
    राष्ट्रवाद और देशप्रेम दो अलग विचार हैं, एक दूसरे के पर्यायवाची नहीं हैं। वर्तमान दौर में भगत सिंह के नाम का उपयोग शासक वर्ग व आरएसएस, भाजपा, आम आदमी पार्टी जैसे अन्य राजनीतिक दल अपनी सुविधा अनुसार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License