NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पश्चिम बंगाल : पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के ख़िलाफ़ रैलियां, पेट्रोल पंप पर क्रिकेट मैच आयोजित
उत्तर 24 परगना के बशीरहाट इलाके में बस मालिकों और कर्मचारियों ने अपनी बसों को रस्सियों से बांधकर खींचा और पेट्रोल की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी के खिलाफ एक विरोध मार्च का नेतृत्व किया। पेट्रोल की कीमतें राज्य के 12 जिलों में सैकड़े के निशान को पार कर चुकी हैं। 
संदीप चक्रवर्ती
09 Jul 2021
पश्चिम बंगाल : पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के ख़िलाफ़ रैलियां, पेट्रोल पंप पर क्रिकेट मैच आयोजित

कोलकाता: जैसे ही पेट्रोल की कीमतों ने पश्चिम बंगाल के 12 जिलों में सैकड़े की संख्या को पार किया, वाम दलों और युवा संगठनों के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने ईंधन की कीमतों में बेलगाम वृद्धि के खिलाफ राज्य भर में कई विरोध प्रदर्शन आयोजित किये।  

कोलकाता में इंडियन आयल के डिविजनल मुख्यालय के समक्ष किये गए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की केन्द्रीय कमेटी के सदस्य डॉ. सुजान चक्रवर्ती, राज्य सचिवालय सदस्य शमिक लाहिड़ी और जिला सचिव कल्लोल मजूमदार ने किया। प्रदर्शनकारियों द्वारा भले ही इस बात पर ज़ोर दिया जाता रहा कि वे विरोध प्रदर्शन के दौरान सभी कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कर रहे थे, फिर भी उन्हें गिरफ्तारियां देनी पड़ीं और महामारी प्रबंधन अधिनियम के उल्लंघन के तहत उन्हें आरोपी बनाया गया। 

पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ पूर्वी मेदिनीपुर जिले के एगरा शहर में माकपा के पोलितब्यूरो सदस्य एमडी सलीम, जिला सचिव निरंजन सिही और परितोष पटनायक के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई, और शहर के एक बड़े हिस्से को कवर किया गया। हल्दिया औद्योगिक टाउनशिप में भी एक रैली का आयोजन किया गया था।

6 जुलाई को उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर और कछारपाड़ा में दो रैलियां निकाली गईं, जिसमें पेट्रो उत्पादों पर टैक्स हटाने की मांग की गई। उत्तर परगना जिले के हसनाबाद में पेट्रो उत्पादों के दामों को कम करने की मांग को लेकर रैलियां निकाली गईं। वाम-नेतृत्त्व वाले जन संगठनों ने हसनाबाद पुलिस थाने को एक आठ सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा। इसी जिले के बशीरहाट इलाके में बस मालिकों और कर्मचारियों ने अपनी बसों को रस्सियों से बांधकर खींचा और एक विरोध मार्च का नेतृत्व किया।

बाँकुड़ा जिले के बारजोरा और मचंतोला बाजार इलाके में विरोध प्रदर्शन के हिस्से के तौर पर दो सभाओं का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला वाम मोर्चे के संयोजक अजित पति ने की। पुरुलिया जिले के संतुरी ब्लॉक में भी कार्यक्रम आयोजित किये गए। 

बहरामपुर में, जो कि उन 12 जिलों में से एक है, जहाँ पेट्रोल की कीमत सैकड़े के निशान को पार कर गई है, में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (डीवाईऍफ़आई) के सदस्यों ने शहर के रानीबागान इलाके में पड़ने वाले जिला प्रशासनिक मुख्यालय की विपरीत दिशा में स्थित एक प्रमुख पेट्रोल पंप के सामने एक क्रिकेट मैच का आयोजन किया। 

पूरे मुर्शिदाबाद जिले में पेट्रोल एवं आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोत्तरी के विरोध में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने 6 जुलाई को बहरामपुर शहर के भीतर एक रैली निकाली, जिसमें सीटू के नेता तुषार डे और जमीर मोल्लाह ने भाग लिया था। 

उत्तर दिनाजपुर के कालियागंज कस्बे में सीपीआई(एम) एरिया कमेटी के द्वारा आयोजित विरोध कार्यक्रम में कई राहगीरों ने हिस्सा लिया। विरोध प्रदर्शन को शहर के एक प्रमुख पेट्रोल पंप के सामने आयोजित किया गया था जिसे स्थानीय सीपीआई(एम) नेताओं ने संबोधित किया था।

पश्चिम मेदिनीपुर के दासपुर, गरबेटा, हमगढ़ और सोनाखाली इलाकों में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित किये गए, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा और वाम जन संगठनों के सदस्यों ने भारी संख्या में हिस्सा लिया। 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें।

West Bengal: Cricket Match at Petrol Pump, Rallies Held in Protest Against Petrol Price Hike

West Bengal Petrol Price
petrol price hike
PRICE RISE
Protest Against Fuel Prices
DYFI Protest
CPIM Protest
Petrol Crosses Century Mark
West Bengal government

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

कमरतोड़ महंगाई को नियंत्रित करने में नाकाम मोदी सरकार 

‘जनता की भलाई’ के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाते मोदीजी!

गहराते आर्थिक संकट के बीच बढ़ती नफ़रत और हिंसा  

महंगाई पर देखिये: कैसे "सीएम मोदी" ने "पीएम मोदी" की पोल खोली !

महंगाई के कुचक्र में पिसती आम जनता

ग्राउंड रिपोर्टः डीज़ल-पेट्रोल की महंगी डोज से मुश्किल में पूर्वांचल के किसानों की ज़िंदगी

महंगाई के आक्रोश को मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत बढ़ाकर ढकने की कोशिश, आख़िर किसका नुक़सान? 

कच्चे तेल की तलाश की संभावनाओं पर सरकार ने उचित ख़र्च किया है?


बाकी खबरें

  • delhi high court
    भाषा
    समलैंगिक विवाहों को मान्यता देने की याचिकाओं पर 30 नवंबर को अंतिम सुनवाई
    26 Oct 2021
    पहली याचिका में, अभिजीत अय्यर मित्रा और तीन अन्य ने तर्क दिया है कि उच्चतम न्यायालय के दो वयस्कों के बीच सहमति से अप्राकृतिक संबंध को अपराध की श्रेणी से बाहर किये जाने के बावजूद समलैंगिक विवाह संभव…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 12,428 नए मामले, 356 मरीज़ों की मौत
    26 Oct 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 42 लाख 2 हज़ार 202 हो गयी है।
  • Modi
    बी. सिवरामन
    मोदी के डिजिटल स्वास्थ्य मिशन से जनता को क्या मिलेगा? 
    26 Oct 2021
    मोदी के स्वास्थ्य मिशन का सम्पूर्ण विश्लेषण करने पर यही निष्कर्ष निकलता है कि मोदी का डिजिटल इंडिया जनता के हित के लिए नहीं, बल्कि कारपोरेट घरानों के हित में काम करेगा।
  • indo afghan
    अमिताभ रॉय चौधरी
    भारत को अफ़ग़ानिस्तान पर प्रभाव डालने के लिए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की ज़रूरत है
    26 Oct 2021
    मास्को में तालिबान के साथ ट्रोइका-प्लस की पहल पर हुई बैठक में नई दिल्ली की भागीदारी वांछित परिणाम हासिल करने में विफल रही है।
  • nilgai
    एम.ओबैद
    नीलगायों के आतंक से किसान परेशान, नुक़सान का नहीं मिलता मुआवज़ा
    25 Oct 2021
    "इस पर सरकार की तरफ़ से कोई पहल नहीं की गई। हमारे सारण ज़िले का क़रीब दो-तिहाई हिस्सा नीलगाय से प्रभावित है। ये किसी भी तरह की फ़सल को नहीं छोड़ती है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License