NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल
उत्तर बंगाल के ब्रू बेल्ट में लगभग 10,000 स्टाफ और सब-स्टाफ हैं। हड़ताल के निर्णय से बागान मालिकों में अफरा तफरी मच गयी है। मांग न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का संकेत दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 May 2022
tea garden
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

उत्तर बंगाल के चाय उद्योग में काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों ने न्यूनतम वेतन को तत्काल तय करने की मांग की है। उन्होंने 31 मई से तीन दिनों की हड़ताल करने का फैसला किया है और यह भी संकेत दिए है कि वे अन्य कर्मचारियों के साथ 7 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर सकते हैं।

स्टाफ एंड सब-स्टाफ ज्वाइंट कमेटी के ज्वाइंट कन्वेनर आशीष बसु ने दि टेलिग्राफ से कहा, “उत्तर बंगाल के चाय बागानों में कोई भी स्टाफ और सब-स्टाफ 31 मई से 2 जून तक काम नहीं करेंगे। हम चाहते हैं कि चाय बागान मालिक और राज्य सरकार हमारे लिए न्यूनतम मजदूरी और वेतन तय करें। अन्यथा, उन्हें तीन साल के वेतन समझौते पर हस्ताक्षर करने की पुरानी प्रणाली को फिर से लागू करना चाहिए।”

उनके अनुसार, वेतन में वार्षिक वृद्धि के विवरण वाले पिछले तीन साल के समझौते पर 2015 में हस्ताक्षर किए गए थे।

उन्होंने कहा, “तब से, वेतन में केवल अंतरिम बढ़ोतरी हुई है। वेतन में सामान्य संशोधन की तुलना में बढ़ोतरी बहुत कम थी जो हमें हर साल समझौतों के अनुसार मिलती थी। राज्य सरकार ने 2015 में कहा था कि जल्द ही न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। हमारे पास हड़ताल का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।"

उत्तर बंगाल के ब्रू बेल्ट में लगभग 10,000 स्टाफ और सब-स्टाफ हैं जो चाय बागानों में कार्यालयों, बंगलों और कारखानों में विभिन्न पदों पर काम करते हैं।

पिछले साल, उन्हें एक अंतरिम बढ़ोतरी दी गई थी और मौजूदा समय में एक सब-स्टाफ प्रति माह 7,000 रुपये से 9,000 रुपये के बीच कमाता है जबकि एक स्टाफ का वेतन 20,000 रुपये से 32,000 रुपये तक होता है।

तराई में चाय बागान के एक वरिष्ठ कर्मचारी कहते हैं, “पिछले कुछ वर्षों में हमारे वेतन में कोई नियमित वृद्धि नहीं हुई है। यही कारण है कि एक सब-स्टाफ को लगभग 6,000 रुपये प्रति माह का नुकसान हो रहा है जबकि एक स्टाफ को प्रति माह लगभग 8,000 रुपये का नुकसान हो रहा है। इसे बदलना चाहिए।”

जनवरी 2021 में चाय बगान के श्रमिकों के वेतन में भी 26 रुपये की अंतरिम वृद्धि के साथ संशोधित किया गया था। तब से, एक कर्मचारी प्रतिदिन 202 रुपये ही कमा रहा है।

स्टाफ और सब-स्टाफ अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर 7 जून से पूरी इंडस्ट्री में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की भी योजना बना रहे हैं।

स्टाफ एंड सब-स्टाफ समिति के एक प्रतिनिधि ने कहा, “हम यह भी चाहते हैं कि तीन लाख से अधिक कर्मचारी हमारे साथ जुड़ें क्योंकि पिछले साल से उनके वेतन में संशोधन नहीं किया गया है। ऐसा कोई संकेत नहीं है कि न्यूनतम वेतन जल्द ही तय किया जाएगा।”

20 से अधिक चाय ट्रेड यूनियनों के एक शीर्ष संगठन ज्वाइंट फॉरम ने हालांकि अगले सप्ताह तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है वहीं साथ ही इसने वेतन वृद्धि की मांग को भी तेज कर दिया है।

ज्वाइंट फॉरम के कन्वेनर जियाउल आलम ने कहा, "हम 6 जून को सिलीगुड़ी में एक बड़ी रैली का आयोजन करेंगे। हमने स्टाफ और सब-स्टाफ के फैसले के बारे में सुना है और चाहते हैं कि वे सशक्त तरीके से सामूहिक बातचीत के लिए एक साथ आएं।"

कर्मचारियों और कामगारों के इस तरह के निर्णय से चाय बागान मालिकों में अफरा तफरी मच गयी है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान हर चाय बागान में उत्पादन चरम पर पहुंच जाता है।

एक चाय बागान मालिक का कहना है कि, “यदि कर्मचारी और श्रमिक उस समय हड़ताल जैसा कोई कठोर कदम उठाते हैं तो इससे उत्पादन में बड़ा नुकसान होगा। उद्योग को एक दिन में लगभग दस लाख किलो चाय का नुकसान होगा जिसकी कीमत करीब 25 करोड़ रुपये के बराबर होगी।”

उधर श्रम मंत्री बेचाराम मन्ना का कहना है कि, राज्य सरकार कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए अंतरिम वृद्धि को लेकर इच्छुक है।

ज्ञात हो कि असम में एपीजे टी ग्रुप के स्वामित्व वाले चाय बागानों के श्रमिकों ने करीब दो सप्ताह पहले वेतन के भुगतान न होने समेत अन्य मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। डिब्रूगढ़ में असम चाह मजदूर संघ (एसीएमएस) के बैनर तले पानीटोला में खरजन चाय बागान के श्रमिकों ने प्रदर्शन किया था।

इस दौरान एपीजे के स्वामित्व वाले सभी चाय बागानों के श्रमिकों ने अपने-अपने बागानों में विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था। एपीजे समूह के पास असम में 17 चाय बागान हैं। मजदूर संघ का कहना था कि कंपनी पिछले कई महीनों से कर्मचारियों और श्रमिकों के वेतन का भुगतान करने में विफल रही है।

tea garden workers
Tea Garden Deaths
minimum wage
North Bengal
West Bengal
Economy
WB Tea Workers Protest

Related Stories

क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?

28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?

बंगाल हिंसा मामला : न्याय की मांग करते हुए वाम मोर्चा ने निकाली रैली

बंगाल: बीरभूम के किसानों की ज़मीन हड़पने के ख़िलाफ़ साथ आया SKM, कहा- आजीविका छोड़ने के लिए मजबूर न किया जाए

कोलकाता: बाबरी मस्जिद विध्वंस की 29वीं बरसी पर वाम का प्रदर्शन

दिल्ली में 25 नवंबर को श्रमिकों की हड़ताल, ट्रेड यूनियनों ने कहा - 6 लाख से अधिक श्रमिक होंगे हड़ताल में शामिल

पश्चिम बंगाल: वामपंथी पार्टियों ने मनाया नवंबर क्रांति दिवस

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक

वेनेज़ुएला के ख़िलाफ़ अमेरिकी प्रतिबंधों को एक कांग्रेस प्रतिनिधि ने आड़े हाथों लिया


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    3 प्रेस संगठनों ने पेगासस जासूसी की निंदा की, संसद का मानसून सत्र और अन्य ख़बरें
    20 Jul 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे 3 प्रेस संगठनों द्वारा पेगासस कांड की निंदा, संसद का मानसून सत्र और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कार्टून क्लिक: दिल्ली दिमाग़ में है, लेकिन यूपी हाथों से छूटा जाए...
    20 Jul 2021
    मोदी कैबिनेट की तर्ज पर योगी कैबिनेट के विस्तार की संभावना पर कहा जा सकता है कि उनके दिमाग़ में 2024 के बाद दिल्ली की गद्दी है। लेकिन यूपी की राजनीति के जानकार कहते हैं कि योगी के लिए इस बार यूपी…
  • पेगासस विवाद : कांग्रेस ने संयुक्त संसदीय समिति से जांच की मांग की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    पेगासस विवाद : कांग्रेस ने संयुक्त संसदीय समिति से जांच की मांग की
    20 Jul 2021
    कांग्रेस ने अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ संसद के दोनों सदनों में यह मुद्दा उठाते हुए कार्यवाही भी बाधित की। विपक्षी सदस्यों ने पत्रकारों, नेताओं, मंत्रियों, न्यायाधीशों और अन्य लोगों की जासूसी कराए…
  • पश्चिम बंगाल की मत्स्य-पालन सहकारी समितियां झेल रही हैं मौसम और ‘प्रभावशाली व्यक्तियों’ की दोहरी मार
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल की मत्स्य-पालन सहकारी समितियां झेल रही हैं मौसम और ‘प्रभावशाली व्यक्तियों’ की दोहरी मार
    20 Jul 2021
    यूनियन के नेताओं का कहना है कि 27 लाख से अधिक मछुआरों को, जिनमें से कई छोटे-मोटे काम-धंधे वाले हैं, गंभीर आजीविका के खतरे से जूझ रहे हैं क्योंकि पश्चिम बंगाल मत्स्य अधिनियम, 1984 का उल्लंघन कर सहकारी…
  • फ़िलीपींस ने प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीतिक शाखा को "आतंकवादी" घोषित किया
    पीपल्स डिस्पैच
    फ़िलीपींस ने प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीतिक शाखा को "आतंकवादी" घोषित किया
    20 Jul 2021
    नेशनल डेमोक्रेटिक फ़्रंट ऑफ़ द फ़िलीपीन्स (एनडीफ़) राजनीतिक शाखा रही है जो डुटर्टे सरकार के साथ शांति प्रक्रिया में शामिल थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License