NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
पश्चिम बंगाल: वेतन वृद्धि की मांग को लेकर पारा शिक्षक 70 दिनों से कर रहे हैं प्रदर्शन
राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यह एक बड़ा राजनीतिक मामला बन गया है। राज्य में विपक्षी वाम मोर्चा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर पारा शिक्षकों की मांग को अनसुना करने का आरोप लगाया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Feb 2021
पश्चिम बंगाल: वेतन वृद्धि की मांग को लेकर पारा शिक्षक 70 दिनों कर रहे हैं प्रदर्शन
Image courtesy: Social Media

पश्चिम बंगाल में पारा शिक्षकों के एक समूह ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने का एक नया तरीका अपनाया और वे मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के निकट स्थित नहर में खड़े हो गए। इस विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद यानि बुधवार से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में अनुबंध पर भर्ती शिक्षकों का एक समूह अपने हाथों में पोस्टर लेकर कालीघाट इलाके में बनर्जी के आवास के सामने स्थित नहर में खड़ा हो गया। यह बेहद कड़ी सुरक्षा वाला इलाका है।

ये शिक्षक पिछले 70 दिन से ज्यादा समय से वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शहर में धरना दे रहे हैं।

बनर्जी ने हाल में बजट में पारा शिक्षकों के वेतन में सालाना तीन फीसदी वेतन वृद्धि की घोषणा की थी, लेकिन प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि यह काफी नहीं है।

राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यह एक बड़ा राजनीतिक मामला बन गया है। राज्य में विपक्षी भाजपा और वाम मोर्चा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर पारा शिक्षकों की मांग को अनसुना करने का आरोप लगाया है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अलीपुर सुधार गृह के पास नहर के दूसरे किनारे पर सात पुलिस पिकेट स्थापित किए गए हैं।

बनर्जी के आवास के पास नहर में गश्त करने के लिए कोलकाता पुलिस आपदा प्रबंधन की दो नौकाएं भी तैनात की गई हैं।

अधिकारी ने कहा कि कालीघाट में बनर्जी के आवास के बाहर अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के आसपास नियमित रूप से तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।

अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मंगलवार को सुरक्षा में चूक हुई। वह घटना नहीं होनी चाहिए थी। हमने मुख्यमंत्री के घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। हम कोई चूक नहीं कर सकते।”

कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने बताया कि इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

सात लोगों को गिरफ्तार किया गया लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया।

निम्न-प्राथमिक कक्षाओं और उच्च-प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने वाले पैरा शिक्षकों को क्रमशः 10,000 रुपये और 13,000 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं।
आपको बता दें कि पिछले कई सालों से ये शिक्षक वेतन वृद्धि को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है वेतन इतना कम है कि इससे घर चलना तो दूर एक व्यक्ति का निजी खर्च भी नहीं चल सकता है।  

प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि “लोअर-प्राइमरी और अपर-प्राइमरी शिक्षकों को क्रमशः 25,000 रुपये और 33,000 रुपये प्रतिमाह मिलती हैं, लेकिन हमें वह राशि नहीं मिलती है। यही कारण है कि हम वेतन में बढ़ोतरी की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम वेतन में एक तार्किकता की मांग कर रहे हैं।”

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

West Bengal
teachers protest
Salary Delay
mamta banerjee

Related Stories

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

दिल्ली : पांच महीने से वेतन न मिलने से नाराज़ EDMC के शिक्षकों का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे

बंगाल हिंसा मामला : न्याय की मांग करते हुए वाम मोर्चा ने निकाली रैली

बंगाल: बीरभूम के किसानों की ज़मीन हड़पने के ख़िलाफ़ साथ आया SKM, कहा- आजीविका छोड़ने के लिए मजबूर न किया जाए

कोलकाता: बाबरी मस्जिद विध्वंस की 29वीं बरसी पर वाम का प्रदर्शन

बिहार : शिक्षा मंत्री के कोरे आश्वासनों से उकताए चयनित शिक्षक अभ्यर्थी फिर उतरे राजधानी की सड़कों पर  

पश्चिम बंगाल: वामपंथी पार्टियों ने मनाया नवंबर क्रांति दिवस

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License