NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बात बोलेगी: बंगाल में भाजपा की बढ़त के लिए ममता भी दोषी
बंगाल की इस गति के लिए अगर कोई ज़िम्मेदार है तो वह ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने अपने कारनामों से ही यह स्थिति पैदा की।
भाषा सिंह
28 Mar 2021

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चारों तरफ से घेरकर अपनी विधानसभा सीट को बचाने के लिए नंदीग्राम में ही कैंप करने के लिए मजबूर कर दिया है। इस पूरे इलाके में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण डराने वाला है। जिस तरह से नंदीग्राम के बाजार में हमें बांग्ला में जय श्रीराम के छोटे-छोटे झंडे दिखाई दिए, लोग हिंदू हैं तो हिंदू पार्टी को वोट देंगे कहते नज़र आए, उससे आभास हुआ कि तृणमूल कांग्रेस की जमीन खिसक गई है। इसी दरम्यान ममता बनर्जी और नंदीग्राम में भाजपा में शामिल हुए पुराने तृणमूल नेता का जो ऑडियो क्लिप वायरल किया गया है, उसने भी ममता के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उधर, आज फिर भाजपा नेता, देश के गृह मंत्री अमित शाह ने दोहराया कि उनकी पार्टी 200 सीटें बंगाल में जीत रही है।

एक और बात यहां स्पष्ट करनी ज़रूरी है कि बंगाल की इस गति के लिए अगर कोई जिम्मेदार है तो वह ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने अपने कारनामों से ही यह स्थिति पैदा की। भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी को सत्ता का जिस तरह से पश्चिम बंगाल में पर्याय बना दिया गया, उसी की वजह से ममता पर जब भाजपाई हमलावर होते हैं, तो ममता को वह समर्थन नहीं मिलता है, जो उन्हें पहले मिला करता था। जिस तरह से ममता बनर्जी के नेतृत्व में वाम दलों के कार्यकर्ताओं को निशाने पर लिया गया, उन पर बर्बर हिंसा की गई—उसने बहुत गहरे ज़ख्म दिये हैं, जिन्हें सिर्फ भाजपा विरोध के नाम पर ममता बनर्जी इन चुनावों में भर पाने में असमर्थ नजर आ रही हैं।

image

नंदीग्राम में बाजार में दुकानदार पार्थ घोष ने न्यूज़क्लिक को बताया, ममता ने हमारे लिए कुछ नहीं किया। हमारे नेता दादा हैं (शुवेंदु अधिकारी) दीदी नहीं। दीदी को अब याद आया कि जनता के द्वार पर सरकार को जाना चाहिए, पहले तो उनके भतीजे के पास ही थी सरकार। जनता को परिवर्तन चाहिए। नंदीग्राम से हम ममता को हरा कर दिखाएंगे। अब बड़ा दिलचस्प दृश्य यह है कि कल तक जो लोग तृणमूल के नेता और कार्यकर्ता थे, अब वे ही भाजपा का नारा लगाते हुए, भाजपा का झंडा लगा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह से तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को भाजपामय बनाया है, उससे बंगाल भाजपा तृणमूल नेताओं से अटी पड़ी है। नंदीग्राम में मोची की छोटी सी दुकान चलाने वाले प्रदीप मंडल ने कहा, सब पैसे औऱ ताकत का खेला है। खेला तो अभी हो रहा है। दीदी पर भरोसा है हमें। पर वह अकेले पड़ गई हैं। मुश्किल तो है। अगर वह हार गईं तो हम लोगों का जिंदा रहना मुश्किल होगा। बहुत डर है यहां।

इसे पढ़ें : बंगाल चुनावः तृणमूल नेताओं को भगवा पहनाकर चुनावी बिसात बैठा रही भाजपा!

उनकी बात में दम है। इस डर का आभास नंदीग्राम की सड़कों पर होता है। भीषण तनाव है यहां। भाजपा के पक्ष में जुटे लोगों के बीच किसी तृणमूल समर्थक की आवाज निकलनी मुश्किल है। बाहर अध्यापन कर रहे एक व्यक्ति ने, नाम न जाहिर करते हुए कहा, यह डर की राजनीति ममता की देन है। पहले इसी तरह से वह अपने विपक्षी (वाम दलों) के समर्थकों को निशाने पर लेती थी। हिंसा का खुला खेल होता था, जान जाती थी। आज विडंबना है, उनका ये खेला करने वाले लोग (शुवेंदु अधिकारी) उन्हीं से खेला कर रहे हैं।

अगर तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं का प्रोफइल देखा जाए तो वे सब बाहुबली, घोटालों से घिरे लोग हैं। इन सबके बारे में अनगिनत कहानियां हैं, जो स्थानीय लोग बताने का आतुर होते हैं, कि कैसे फलां नेता को ईडी का डर दिखा कर, किसी की सीडी को पब्लिक करने का खतरा दिखाकर पाला बदलवाया गया। ऐसी कहानियों के सिर-पैर तो होते नहीं, लेकिन जनता-जनार्दन को लगता है कि वह सब जानती है। एक बार और जो यह चुनाव स्थापित कर रहे हैं, वह यहां कि पैसे की महिमा अपरंपार है और इसमें भाजपा का कोई तोड़ नहीं है।   

(भाषा सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

इन्हें भी पढ़े :

बात बोलेगी: बांग्लादेश से जॉय बांग्ला, जय मतुआ समाज से मोदी बंगाल में कितने वोट खींचेंगे?

बात बोलेगी : प. बंगाल विजय के इरादे से मोदी की बांग्लादेश यात्रा!

 बंगाल चुनाव: भाजपा का बंगाली और प्रवासी के बीच ध्रुवीकरण का ख़तरनाक खेल

 बंगाल चुनावः तृणमूल नेताओं को भगवा पहनाकर चुनावी बिसात बैठा रही भाजपा!

 बंगाल चुनाव: महिला विरोधी, अभद्र भाषा पर टिका भाजपा का प्रचार

West Bengal Elections 2021
WB Elections Update
Nandigram
BJP
TMC
mamta banerjee

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • aicctu
    मधुलिका
    इंडियन टेलिफ़ोन इंडस्ट्री : सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के ख़राब नियोक्ताओं की चिर-परिचित कहानी
    22 Feb 2022
    महामारी ने इन कर्मचारियों की दिक़्क़तों को कई गुना तक बढ़ा दिया है।
  • hum bharat ke log
    डॉ. लेनिन रघुवंशी
    एक व्यापक बहुपक्षी और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता
    22 Feb 2022
    सभी 'टूटे हुए लोगों' और प्रगतिशील लोगों, की एकता दण्डहीनता की संस्कृति व वंचितिकरण के ख़िलाफ़ लड़ने का सबसे अच्छा तरीका है, क्योंकि यह परिवर्तन उन लोगों से ही नहीं आएगा, जो इस प्रणाली से लाभ उठाते…
  • MGNREGA
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    ग्रामीण संकट को देखते हुए भारतीय कॉरपोरेट का मनरेगा में भारी धन आवंटन का आह्वान 
    22 Feb 2022
    ऐसा करते हुए कॉरपोरेट क्षेत्र ने सरकार को औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से पटरी पर आने की उसकी उम्मीद के खिलाफ आगाह किया है क्योंकि खपत की मांग में कमी से उद्योग की क्षमता निष्क्रिय पड़ी हुई है। 
  • Ethiopia
    मारिया गर्थ
    इथियोपिया 30 साल में सबसे ख़राब सूखे से जूझ रहा है
    22 Feb 2022
    इथियोपिया के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 70 लाख लोगों को तत्काल मदद की ज़रूरत है क्योंकि लगातार तीसरी बार बरसात न होने की वजह से देहाती समुदाय तबाही झेल रहे हैं।
  • Pinarayi Vijayan
    भाषा
    किसी मुख्यमंत्री के लिए दो राज्यों की तुलना करना उचित नहीं है : विजयन
    22 Feb 2022
    विजयन ने राज्य विधानसभा में कहा, ‘‘केरल विभिन्न क्षेत्रों में कहीं आगे है और राज्य ने जो वृद्धि हासिल की है वह अद्वितीय है। उनकी टिप्पणियों को राजनीतिक हितों के साथ की गयी अनुचित टिप्पणियों के तौर पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License