NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
कोरोना वायरस पर हुए नए अध्ययन क्या बताते है? 
लैंसेट पत्रिका द्वारा जारी एक अध्ययन के मुताबिक़ बीमारी के उपचार संबंधी कदम इसलिए विफल हो रहे हैं क्योंकि वायरस मुख्यत: हवा से फैल रहा है। जबकि दिल्ली पुलिस द्वारा एक अध्ययन कराया गया, जिसके मुताबिक़ कोरोना वायरस की दूसरी लहर 100 दिनों तक रह सकती है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Apr 2021
कोरोना वायरस पर हुए नए अध्ययन क्या बताते है? 
'प्रतीकात्मक फ़ोटो' साभार: सोशल मीडिया

नयी दिल्ली : कोरोना महामारी को दुनिया में फैलने के एक साल से अधिक हो जाने के बाद भी अभीतक इस वायरस के चरित्र के बारे में संपूर्ण जानकारी नहीं  है। इसलिए अभी भी दुनिया में इसको लेकर नए नए अध्ययन और शोध जारी हैं।  जिसमें इस वायरस के व्यवहार और स्वरूप को लेकर रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे है। ऐसे ही दो नए अध्ययन सामने आए है। लैंसेट पत्रिका द्वारा शुक्रवार को जारी एक अध्ययन के मुताबिक़ बीमारी के उपचार संबंधी कदम इसलिए विफल हो रहे हैं क्योंकि वायरस मुख्यत: हवा से फैल रहा है। जबकि दिल्ली पुलिस द्वारा एक अध्ययन कराया गया, जिसके मुताबिक़ कोरोना वायरस की दूसरी लहर 100 दिनों तक रह सकती है। दोनों रिपोर्ट में क्या है संक्षिप्त में समझने का प्रयास करते है -

कोरोना वायरस के मुख्यत: हवा के माध्यम से फैलने के मजबूत साक्ष्य : लैंसेट अध्ययन

लैंसेट पत्रिका में शुक्रवार को प्रसारित एक नयी अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया कि इस बात को साबित करने के मजबूत साक्ष्य हैं कि कोविड-19 महामारी के लिए जिम्मेदार सार्स-कोव-2 वायरस मुख्यत: हवा के माध्यम से फैलता है।

ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा से ताल्लुक रखने वाले छह विशेषज्ञों के इस आकलन में कहा गया है कि बीमारी के उपचार संबंधी कदम इसलिए विफल हो रहे हैं क्योंकि वायरस मुख्यत: हवा से फैल रहा है।

अमेरिका स्थित कोलराडो बाउल्डेर विश्वविद्यालय के जोस लुई जिमेनजे ने कहा, ‘‘वायरस के हवा के माध्यम से फैलने के मजबूत साक्ष्य हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों के लिए यह आवश्यक है कि वे वायरस के प्रसार के वैज्ञानिक साक्ष्य को स्वीकार करें जिससे कि विषाणु के वायुजनित प्रसार को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।’’

हालांकि यह बात पिछले साल ही सामने आ गई थी कि छींकने या खांसने से जो ड्रॉपलेट निकलती हैं, उनके संपर्क में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आने से कोरोना का संक्रमण फैलता है। यानी हवा के माध्यम से वह सामने के व्यक्ति तक पहुंचती हैं या फिर किसी सतह पर गिरती हैं, जिसे छूने से भी संक्रमण हो जाता है। इसलिए मास्क लगाने और बार-बार हाथ धोने की सलाह दी गई।

कोरोना वायरस की दूसरी लहर 100 दिनों तक रह सकती है: विशेषज्ञ का परामर्श

दक्षिण पूर्व दिल्ली पुलिस के लिए एक विशेषज्ञ द्वारा तैयार किये गये एक परामर्श के अनुसार, कोरोना वायरस की दूसरी लहर 100 दिनों तक रह सकती है और इस तरह की लहरें 70 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण होने और हर्ड इम्युनिटी हासिल करने तक आती रहेंगी।

हर्ड इम्युनिटी, संक्रामक बीमारियों के खिलाफ अप्रत्यक्ष रूप से बचाव होता है। यह तब होता है जब आबादी या लोगों का समूह या तो टीका लगने पर या फिर संक्रमण से उबरने के बाद उसके खिलाफ इम्युनिटी विकसित कर लेता है। समूह की इस सामूहिक इम्युनिटी को ही ‘हर्ड इम्युनिटी’ कहते हैं।

पुलिसकर्मियों के बीच जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से, डॉ. नीरज कौशिक के परामर्श में कहा गया है कि नये म्यूटेंट वायरस में प्रतिरक्षा और यहां तक कि टीके का असर छोड़ने की भी क्षमता है। ‘‘ऐसे लोग जिनका टीकाकरण हो चुका है, उनमें पुन: संक्रमण और मामलों का यही कारण है।’’

डॉ. कौशिक के दस्तावेज में कहा गया है कि यह उत्परिवर्तित वायरस (म्यूटेटेड वायरस) इतना संक्रामक है कि यदि एक सदस्य प्रभावित होता है, तो पूरा परिवार संक्रमित हो जाता है। यह बच्चों पर भी हावी है।

उन्होंने कहा कि नियमित आरटी-पीसीआर जांच म्यूटेटेड वायरस का पता नहीं लगा सकती हैं। हालांकि, गंध महसूस नहीं होना एक बड़ा संकेत है कि व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है।

परामर्श में कहा गया है, ‘‘कोरोना वायरस की दूसरी लहर 100 दिनों तक रह सकती है। ऐसी लहरें तब तक आती रहेंगी जब तक कि हम 70 प्रतिशत टीकाकरण और हर्ड इम्युनिटी को प्राप्त नहीं कर लेते। इसलिए अपने सुरक्षा उपायों विशेषकर मास्क लगाना नहीं छोड़ें।’’

यह परामर्श या अध्ययन भले ही सौ दिन की बात करता हो, लेकिन अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारे में कुछ भी दावे से नहीं कहा जा सकता कि भारत में कोविड की कितनी वेव आएंगी या यह कब तक रहने वाला है।

 (समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

COVID-19
Coronavirus
SARS-CoV-2 virus
Lancet study
WHO

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License