NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
"अनेकता में एकता" वाले देश भारत में अल्पसंख्यकों की हैसियत क्या है?
मुनव्वर फ़ारूक़ी, चर्च की घटना या नमाज़ में ख़लल डालने की ख़बरें सिर्फ़ 3 घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि यह उन सैकड़ों हज़ारों घटनाओं की झलक भर हैं जो देश के हर कोने में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ घटित हो रही हैं।
सत्यम् तिवारी
29 Nov 2021
Munawar Faruqui

एक मुसलमान स्टैंडअप कोमेडियन के काम पर हमला, सैकड़ों मुसलमानों की नमाज़ में ख़लल डालना और एक देश की राजधानी में एक चर्च पर हमला कर देना, यह हालत है इस अनेकता में एकता वाले देश के अल्पसंख्यकों की।

"आप आसान समझते हैं मुनव्वर होना..."

"एक चुटकुला जो मैंने सुनाया नहीं, उसके लिए मुझे जेल में डालने से लेकर मेरे शोज़ कैन्सल करने तक जिसमें कुछ भी ग़लत नहीं था... यह अन्याय है।"

यह लिखा है स्टैंडअप कमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी ने, तब जबकि उनके पिछले दो महीनों में 12 शोज़ कैन्सल हो गए हैं हिन्दुत्ववादी संगठनों से मिली धमकियों के दबाव में। मुनव्वर ने लिखा है कि "नफ़रत जीत गई, आर्टिस्ट हार गया।"

मुनव्वर फ़ारूक़ी का 28 नवंबर को बंगलुरु में शो होने वाला था, मगर बंगलुरु पुलिस ने आयोजकों को लिखा है कि यह शो कैन्सल कर दिया जाए। यह तब हुआ जब एक हिन्दुत्ववादी संगठन ने पुलिस को एक ज्ञापन दिया था जिसमें शो कैन्सल करने की बात कही गई थी। 

 
 
 
 

View this post on Instagram
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Munawar Faruqui (@munawar.faruqui)

मुनव्वर का शो "डोंगरी टु नोवेयर" अशोकनगर के गुड शेफर्ड औडिटोरियम में होने वाला था। अशोकनगर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर ने कर्टेन कॉल एवेंट्स के विशेष धुरिया को पत्र में लिखा, 

"हमें पता चला है कि मुनव्वर फ़ारूक़ी एक विवादित हस्ती हैं जिन्होंने दूसरे धर्मों के देवी देवताओं के बारे में विवादित टिप्पणियाँ की हैं। कई राज्यों में उनके कॉमेडी शो कैन्सल किए गए हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर में उनके ख़िलाफ़ मुकदमा भी दर्ज किया गया है।"

पुलिस ने इंदौर के जिस मुकदमे का ज़िक्र किया है, आपको बता दें कि 1 जनवरी 2021 को इंदौर के एक हॉल में मुनव्वर को अपना शो शुरू करने से पहले ही गिरफ़्तार कर लिया गया था। मुनव्वर को 1 महीने 7 दिन तक जेल में रखने के बाद रिहा किया गया। कोर्ट ने कहा था कि मुनव्वर के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं हैं। सबूत नहीं थे, क्योंकि उन्होंने कोई चुटकुला सुनाया ही नहीं था, जिससे हिन्दू देवी देवताओं की भावना आहत हो।

इंदौर में मुनव्वर को बीजेपी सांसद के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ की शिकायत पर गिरफ़्तार किया गया था। बंगलुरु में हिन्दुत्ववादी संगठन हिन्दू जनजागृति समिति ने मुनव्वर के ख़िलाफ़ शिकायत की थी।

इंदौर से लेकर बंगलुरु तक मुंबई, गोवा जैसी जगहों समेत मुनव्वर फ़ारूक़ी के 2 महीनों में कुल 12 शोज़ कैन्सल हो चुके हैं।

मुनव्वर ने पिछले महीने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके शोज़ कैन्सल होने की वजह से उन्हें किस दर्जे की शारीरिक और मानसिक तकलीफ़ होती है।

मुनव्वर हमेशा कहते रहे हैं कि शो का कैन्सल कर दिया जाना हिंदुस्तान के दर्शकों पर हमला है, उन्हें उस चीज़ को देखने से रोका जा रहा है जो वह देखना चाहते हैं।

मुनव्वर फ़ारूक़ी ने 28 नवंबर के इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है कि "यह मेरा अंत है, नफ़रत जीत गई आर्टिस्ट हार गया।" उन्होंने बताया है कि इस शो के कुल 600 से ज़्यादा टिकट बिक गए थे। इसका मतलब है कि 600 लोगों की अभव्यक्ति और इच्छा के ऊपर पुलिस ने एक धार्मिक संगठन की शिकायत को रखा।

देश में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हमले नए क़तई नहीं हैं, मगर यह हमले अपना रूप ज़रूर बदल रहे हैं।

मुनव्वर के काम पर हमले के अलावा देश के अलग-अलग हिन्दुत्ववादी संगठन और बीजेपी के सांसद-विधायक लगातार हिंदुओं की संस्कृति की आड़ में अल्पसंख्यकों पर हमले कर रहे हैं। 28 नवंबर रविवार को दिल्ली के द्वारका के एक चर्च पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया।

देश की राजधानी के द्वारका इलाके में एक नया चर्च बना, मटियाला में खुले इस चर्च पर रविवार की prayer के दौरान कुछ लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि ये लोग बजरंग दल से जुड़े हैं, जिनका कहना था कि यहाँ जबरन धर्मांतरण किया जा रहा है। पुलिस ने हमला करने वालों के खिलाफ धारा 268, यानी सार्वजनिक स्थल पर हंगामा करने के तहत मामला दर्ज किया है, और साथ ही चर्च के लोगों पर धारा 188 के तहत DDMA की कोवि़ड guidelines न मानने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। आपको यह भी बता दें कि DDMA ने पहले ही अनुमति दी हुई थी, मगर पुलिस ने कहा है कि जिस जगह पर prayer हो रही थी वहाँ की अनुमति नहीं थी।

सिर्फ़ 2021 में ही भारत में ईसाइयों के ख़िलाफ़ हमले की 300 घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। कर्नाटक के बेलगावी में पुलिस ने ईसाई समुदाय के लोगों को चर्च में जाने से मना कर दिया है क्योंकि उन्हें डर है हिन्दुत्ववादी संगठन के लोग हमला कर सकते हैं। बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद और अन्य हिन्दुत्ववादी संगठनों ने पिछले कुछ महीनों में ही ईसाइयों और चर्च पर लगातार हमले किए हैं। कहीं-कहीं तो वह चर्च के अंदर जा के हवन करने, भजन गाने की भी हरकतें करते हैं।

इसी बीच पिछले 3 महीनों से दिल्ली से सटे गुरुग्राम में सैकड़ों मुसलमानों की नमाज़ में ख़लल डालने की ख़बरें हर शुक्रवार को आ रही हैं। बीते शुक्रवार को नमाज़ पढ़ते मुसलमानों के सामने हिंदुओं ने "जय श्री राम" के नारे लगाते हुए एक और शर्मनाक हरकत की। इस बीच हमने गुरुद्वारों, हिन्दू नागरिकों की तरफ़ से एक सकारात्मक पहल भी देखी जब उन्होंने नमाज़ के लिए अपनी जगह देने की पेशकश की थी। मगर लॉ एंड ऑर्डर को ताक पर रखते हुए बीते 3 महीनों से जो हिन्दुत्ववादी संगठन हंगामा कर रहे हैं, उनपर कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। मुसलमान की ग़लती से कोरोना फैल जाए तो वो "कोरोना जिहाद" हो जाता है, हिन्दुत्ववादी संगठन जानबूझ कर हंगामा कर रहे हैं मगर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मुनव्वर फ़ारूक़ी, चर्च की घटना या नमाज़ में ख़लल डालने की ख़बरें सिर्फ़ 3 घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि यह उन सैकड़ों हज़ारों घटनाओं की झलक भर हैं जो देश के हर कोने में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ घटित हो रही हैं।

Munawar Faruqui
freedom of expression
minorities
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • डॉ. राजू पाण्डेय
    बढ़ती लैंगिक असमानता के बीच एक और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
    08 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1975 में मान्यता दिए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर नियमित रूप से आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की 2022 की थीम 'जेंडर इक्वालिटी टुडे फॉर ए सस्टेनेबल टुमारो' चुनी गई है…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश का चुनाव कौन जीत रहा है? एक अहम पड़ताल!
    07 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में अभिसार शर्मा उत्तर प्रदेश में आखिरी चरण के मतदान पर बात कर रहे हैं। साथ ही चर्चा कर रहे हैं एक वायरल वीडियो पर जिसके बाद सभी दल द्वारा निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाये जा रहे…
  • varanasi
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः सत्ता की आखिरी जंग में बीजेपी पर भारी पड़ी समाजवादी पार्टी
    07 Mar 2022
    बनारस में इस बार पीएम मोदी ने दो बार रोड शो किया और लगातार तीन दिनों तक कैंप किया, फिर भी जिले की आठ में से चार सीटें भाजपा जीत ले तो यह वोटरों की बक्शीश मानी जाएगी। यह स्थिति भाजपा के लिए बुरी तो है…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी का रण: आख़िरी चरण में भी नहीं दिखा उत्साह, मोदी का बनारस और अखिलेश का आज़मगढ़ रहे काफ़ी सुस्त
    07 Mar 2022
    इस चरण में शाम पांच बजे तक कुल औसतन 54.18 फ़ीसदी मतदान हुआ। बनारस में कुल 52.95 फ़ीसदी वोट हुआ। आज़मगढ़ में इससे भी कम मतदान हुआ। जबकि चंदौली में 60 फ़ीसदी के आसपास वोट हुआ है। अंतिम आंकड़ों का…
  • ukraine russia war
    नाज़मा ख़ान
    यूक्रेन से सरज़मीं लौटे ख़ौफ़ज़दा छात्रों की आपबीती
    07 Mar 2022
    कोई बीमारी की हालत में ख़ुद को शॉल में लपेटे था, तो कोई लगातार खांस रहा था। कोई फ़ोन पर परिवार वालों को सुरक्षित वापस लौट आने की ख़ुशख़बरी दे रहा था। तो कुछ के उड़े चेहरों पर जंग के मैदान से बच कर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License