NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
50 जीबी फ्री इंटरनेट डाटा का व्हाट्सऐप मैसेज़ झूठा है
आपको भी ये मैसेज ज़रूर मिला होगा। जिसमें दावा किया जा रहा है कि “स्वास्थ्य और परिवार मंत्रालय के तरफ से एक-दूसरे से जुड़े रहने के लिये दिया जा रहा है मुफ्त इंटरनेट डाटा।”
राज कुमार
30 Mar 2020
fact check

इस कठिन समय में भी बहुत लोग आपके साथ धोखा करने से बाज़ नहीं आ रहे हैं। जिस समय हमारे देश समेत पूरा विश्व कोरोना महामारी से लड़ाई लड़ रहा है, उस समय में भी फर्जी मैसेज और ख़बरें वायरल कर आपको गुमराह करने और ठगने की कोशिश की जा रही है। इसलिए हर सूचना, हर ख़बर को लेकर बहुत सतर्क रहने की ज़रूरत है।   

आपको भी ये मैसेज ज़रूर मिला होगा। जिसमें दावा किया जा रहा है कि “स्वास्थ्य और परिवार मंत्रालय के तरफ से एक-दूसरे से जुड़े रहने के लिये दिया जा रहा है मुफ्त इंटरनेट डाटा।”

1_22.JPG

संदेश में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का हवाला दिया जा रहा है। इसे प्रामाणिक बनाने के लिये नेशनल हेल्थ मिशन का लोगो लगाया गया है। लेकिन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की वेबसाइट पर ऐसी कोई अधिसूचना नहीं है। न ही प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो की वेबसाइट पर इस तरह की ब्रीफिंग है। ये सूचना फेक है।

जब आप लिंक पर क्लिक करते हैं तो स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय की वेबसाइट नहीं खुलती बल्कि एक आनलाइन स्कैम का पेज खुलता है। जिस पर प्रधानमंत्री की फोटो लगी है। जब आप 30 दिन 60 दिन में से किसी भी आइकन पर क्लिक करते हैं तो आपसे पूछा जाता है कि आप कितने जीबी इंटरनेट सेवा लेना चाहेंगे।

 50gb.JPG

आगे क्लिक करने पर पेज खुलता है, आपसे पूछा जाता है 3G या 4G? आगे क्लिक करने पर आपके सामने मैसेज आता है कि इसे एक्टिव करने के लिये 12 व्यक्तियों या ग्रुप में भेजो।

Screenshot_20200330_121834.jpg

Screenshot_20200330_121902.jpg

मतलब साफ है कि सूचना फर्जी है।

 इस लिंक पर क्लिक करने से क्या नुकसान हो सकते हैं?

इस तरह के लिंक पर क्लिक करने से आपके मोबाइल में अनचाहे और नुकसानदायक एप्स/साफ्टवेयर इंस्टाल हो सकते हैं। आपकी निजी जानकारियां भी चोरी हो सकती हैं। आमतौर पर इस तरह के स्कैम को “क्लिक फ्रोड स्कैम” कहा जाता है। जिसका मकसद ज्यादा से ज्यादा क्लिक हासिल करना होता है। आपको झांसा दिया जाता है कि फ्री इंटरनेट प्लान एक्टिव करने के लिए इसे 30 या 50 लोगों को या ग्रुप में भेजो। ज्यादा क्लिक हासिल करके ही इस तरह के स्कैमर विज्ञापनदाताओं से कमाई करते हैं।

लेकिन ख़तरा बस यहां तक नहीं है ये “फिशिंग आपरेशन” भी हो सकता है और आपके खाते से पैसे भी निकाले जा सकते हैं।

 बचाव के लिये क्या करें?

ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।

कई बार आपको ऐसे लिंक भी आते हैं जिनका यूआरएल कंपनी के नाम से ही होता है और आपको सच्चे लग सकते हैं। उदाहरण के तौर पर इस लिंक पर क्लिक करें और आल्ट न्यूज़ की ये पोस्ट देखें। इस लिंक पर क्लिक करें और देखें जिसमें व्हाट्सऐप के जरिये स्कैम किया गया और जिसके लिये व्हाट्सऐप को उपभोक्ताओं के लिये सूचना जारी करनी पड़ी थी।

(लेखक राज कुमार स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते रहते हैं।)

fact check
Free data
internet
WhatsApp
Fake message
Work From Home
Lockdown

Related Stories

उच्च न्यायालय ने फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से किया इंकार

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने

कैसे बना सोशल मीडिया राजनीति का अभिन्न अंग?

नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?

जिसे कांग्रेस की ‘COVID टूलकिट’ बताया जा रहा है, वो जाली लेटरहेड पर बनाया गया डॉक्युमेंट है

भारत में प्राइवेसी लॉ नहीं होने का फ़ायदा उठा रहा है WhatsApp

महामारी की दूसरी लहर राष्ट्रीय संकट, इंटरनेट पर मदद मांगने पर रोक न लगाई जाए : उच्चतम न्यायालय

कपूर, लौंग, अजवाइन और नीलगिरी तेल ऑक्सीजन लेवल नहीं बढ़ाते, केन्द्रीय मंत्री ने शेयर किया ग़लत दावा

यदि आप नई नीति स्वीकार नहीं करना चाहते, तो वाट्सऐप का इस्तेमाल नहीं करें: अदालत

आलोचनाओं के बीच वाट्सऐप ने नई नीति का क्रियान्वयन तीन महीने के लिए टाला


बाकी खबरें

  • Gogoi
    वी. वेंकटेशन
    क्या रंजन गोगोई ख़ुद को क्लीन चिट देने में कामयाब रहे ?
    11 Dec 2021
    भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और अब संसद सदस्य जस्टिस रंजन गोगोई की लिखी किताब, ‘जस्टिस फ़ॉर द जज: एन ऑटोबायोग्राफ़ी’ में सुप्रीम कोर्ट में उनके विवादास्पद कार्यकाल को लेकर कई ख़ुलासे हैं।
  • KANPUR DEHAT
    रवि शंकर दुबे
    यूपी की मित्र पुलिस!: ‘बच्चे को लग जाएगी सर...’, पिता चिल्लाता रहा, लेकिन उनकी लाठी न रुकी
    11 Dec 2021
    कानपुर देहात के अकबरपुर में गोद में बच्चा लिए शख़्स को पुलिस ने बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल होने पर जांच और कार्रवाई
  • mullaperiyar
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु और केरल के बीच मुल्लापेरियार बांध के संघर्ष का इतिहास
    11 Dec 2021
    पश्चिम की ओर बहने वाली पेरियार नदी को पश्चिमी घाट के पूर्व में अर्ध-शुष्क कृषि भूमि की ओर मोड़ने के लिए एक बांध बनाने का विचार बहुत पुराना है। एक स्थानीय प्रशासक प्रदानी मुथिरुलप्पा पिल्लई ने वर्ष…
  • biden
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन के व्हाइट हाउस ने क्रेमलिन को दिया चकमा
    11 Dec 2021
    इस बैठक का आयोजन पूर्व जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के कार्यालय में रहने के अंतिम दिन किया गया था। 
  • domestic violence
    राज कुमार
    घरेलू हिंसा के फ़र्ज़ी आंकड़े बन रहे संसदीय चर्चा और संसदीय रिपोर्टों का आधार!
    11 Dec 2021
    आख़िर क्या है इन आंकड़ों के पीछे की सरकारी सच्चाई? ये मामला सिर्फ़ आंकड़ों तक सीमित नही है बल्कि मामला इससे कहीं ज़्यादा गंभीर है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License