NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
भारत
राजनीति
जंगलराज कहां है? जंगलराज न कहो इस को
कटाक्ष: कहां तो यूपी में रामायण-महाभारत युग की वापसी हो रही है और कहां लोग पंचायत चुनावों में डेमोक्रेसी के लहू-लुहान होने से लेकर, मरने तक की अफवाहें फैला रहे हैं।
राजेंद्र शर्मा
10 Jul 2021
Bdc election

भारतीय परंपरा और संस्कृति को विपक्ष तो विपक्ष, मीडिया वालों ने भी भुला दिया लगता है। बताइए, यूपी के बीडीसी चुनाव में ‘चीरहरण’ के दृश्यों को टेलीविजन पर देखकर भी इनकी समझ में इतनी सी बात नहीं आयी कि प्राचीन भारतीय संस्कृति की वापसी हो रही है। चाहें तो असली वाले भारतीय इसे ‘घर वापसी’ भी कह सकते हैं।

पेट्रोल के दाम की तरह, मोदी जी के राज में ‘घर वापसी’ का भी जबर्दस्त विकास हो रहा है। सात साल पहले तक अव्वल तो घर वापसी ही नहीं होती थी और होती भी थी तो सिर्फ गैर-हिंदुओं की घर वापसी होती थी। बहुत हुआ तो आदिवासियों वगैरह की भी। पर अब ताबड़तोड़ विकास कर, देश सब भारतीयों की घर वापसी तक पहुंच गया है। चाहें तो इसे ‘घर वापसी’ का धर्मनिरपेक्षीकरण भी कह सकते हैं।

भागवत जी ने गलत थोड़े ही कहा था कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है। पर ऐसी गजब पॉजिटिविटी के बीच भी, भाई लोग नेगेटिविटी में ही मुंह मार रहे हैं; महाभारत युग की वापसी तो देख नहीं रहे हैं, उल्टे जंगल राज-जंगल राज का शोर मचा रहे हैं! जंगल राज कहकर महाभारत युग को जो करेंगे बदनाम, उन्हें माफ नहीं करेगा हिंदुस्तान। माफ करें, हिंदुस्तान नहीं, भारतवर्ष। वैसे आर्यावर्त ही क्यों नहीं!

लेकिन महाभारत युग की वापसी से ज्यादा कन्फ्यूज होने की जरूरत नहीं है। योगी जी पक्के रामभक्त हैं। यूपी में वे राम राज्य ही लाए हैं और राम मंदिर लाने की तैयारी है। राम राज्य आ जाने और राम मंदिर आने के बीच के इंटरवल में महाभारत के कुछ सीन आ जाने का मतलब यह हर्गिज नहीं है कि योगी जी का राम राज्य कोई कॉमेडी है--फिल्म जाने भी दो यारो की जैसी, जिसमें महाभारत के मंचन में रामायण घुस जाती है। नहीं, योगी जी के राज में ऐसी किसी मिलावट की कोई जगह नहीं है, महाभारत की मिलावट की भी नहीं। उनके यूपी में शुद्ध राम राज्य चल रहा है। बस बीच-बीच में सीन बदलने के बीच, एकाध प्रसंग महाभारत का आ जाता है, पब्लिक को बैठाए रखने के लिए। रामायण-महाभारत में इतना घालमेल तो चलता ही है। हम तो वैसे भी रामायण और महाभारत का नाम हमेशा साथ-साथ लेते हैं। फिर भी चूंकि राम राज्य है, सो युद्ध तो है, पर ‘दूसरों’ से;  महाभारत की तरह ‘अपनों’ से नहीं। हां! अपना होकर भी कोई दलित-वलित अपना जाति  धर्म भुलाकर किसी और का धर्म हड़पने की कोशिश करता है, तो जरूर राम राज्य में उससे भी युद्ध होता है। पर योगी जी वाले राम राज्य में सब काम शासन ही नहीं करता है। शम्बूक की गर्दन उड़ाकर स्वधर्म की रक्षा अब ब्राह्मण-ठाकुर खुद ही कर लेते हैं! राम राज्य हुआ तो क्या हुआ, मोदी जी-योगी जी का डबल इंजन राज, उसका भी विकास करके दिखा रहा है।

पर कहां तो यूपी में रामायण-महाभारत युग की वापसी हो रही है और कहां लोग पंचायत चुनावों में डेमोक्रेसी के लहू-लुहान होने से लेकर, मरने तक की अफवाहें फैला रहे हैं। यह सही बात नहीं है। सही-गलत क्या यह तो सीधे-सीधे एंटीनेशनल कृत्य है। योगी जी के राम राज्य में अगर ऐसी एंटीनेशनल हरकतें करने वालों को सीधे-सीधे ठोक नहीं दिया जाता है, तो एनएसए में जेल में जरूर डाल दिया जाता है। आखिरकार, ऐसी अफवाहें फैलाने वाले राम राज्य का अपमान कर रहे हैं। और योगी जी अपना अपमान तो फिर भी सहन कर लें, पर न प्रभु राम का अपमान कभी बर्दाश्त कर सकते हैं और न मोदी जी का। अब योगी जी के राम राज्य में डेमोक्रेसी का सवाल उठाना तो ऐसे ही है जैसे परीक्षा में आउट ऑफ कोर्स सवाल पूछ कर, बच्चे को फेल कर दिया जाए। डेमोक्रेसी के नाम पर ऐसी बेईमानी से योगी जी को कोई नहीं हरा सकता है। कद मोदी जी से जरा छोटा सही, पर छाती तो योगी जी की भी छप्पन इंच की ही है। पंचायत चुनावों में तो पब्लिक ने भी हराकर देख लिया, योगी जी का क्या उखाड़ लिया? जिला पंचायत, बीडीसी, सब में आया तो योगी ही। बस जरा चुनाव आयोग का साथ मिलता रहे, आगे भी आएगा योगी ही, लिखवा कर रख लीजिए!

उनकी नीयत में खोट है जो मोदी जी की यूपी में पंचायती राज में, चुने हुए प्रतिनिधियों और अध्यक्ष पदों की कथित लूट की तुलना, बंगाल में चुनाव में ऐसी ही लूट से करते हैं। कोई ऐसी तुलना कर ही कैसे सकता है? माना कि पर्चे भरने वालों के पिटने, पर्चे छिनने-फटने, पर्चे जबर्दस्ती खारिज करने से लेकर, प्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त से लेकर किडनैपिंग तक; खेला वहां भी है, यहां भी। लाठी, गोली, बम की मार, वहां भी है और यहां भी। और पुलिस का सत्तापक्ष का झंडा देखकर यह तय करना भी कि किसे सलाम किया जाएगा और कौन डंडा खाएगा। लेकिन, ये ऊपरी समानताएं, वहां की और यहां की कुर्सी की लूट की मौलिक भिन्नता को छुपा नहीं सकती हैं। यूपी में योगी जी-मोदी जी रामायण-महाभारत काल को वापस लाने में लगे हैं और राम मंदिर के निर्माण में भी; ममता दीदी के बंगाल में राष्ट्र निर्माण का ऐसा कोई बड़ा उद्यम हो रहा है क्या? जब योगी जी इतने बड़े काम में लगे हैं, चुनाव में निष्पक्षता और स्वतंत्रता की चादर जरा सी छोटी पड़ ही गयी, तो उसका इतना शोर क्यों मचाना! योगी जी ने चुनाव कराए तो हैं। बंदे नामजद करने का ही नाम बदलकर चुनाव कर देते तो!

सिर्फ चीर-हरण की इक्का-दुक्का घटनाओं से यह साबित नहीं होता है कि योगी जी यूपी में महाभारत युग ला रहे हैं। विरोधी, पब्लिक के बीच इसकी अफवाहें फैलाने की कोशिश नहीं करें कि महाभारत युग का अंत इस बार भी पहले वाला ही होगा। महाभारत का एकाध प्रसंग बीच-बीच में आ भले जाता है, पर योगी जी यूपी में ला राम राज्य ही रहे हैं। इसलिए, महाभारत वाले नतीजे का कोई चांस नहीं है। फिर, चुनाव रहे न रहे, चुनाव में जीत किसी की भी हो, पर आएगा तो योगी ही!        

(इस व्यंग्य आलेख के लेखक वरिष्ठ पत्रकार और लोकलहर के संपादक हैं।) 

UttarPradesh
yogi government
BDC election
Local Body Polls

Related Stories

कैसे भाजपा की डबल इंजन सरकार में बार-बार छले गए नौजवान!

सरकारी विज्ञापनों की बाढ़ में बहाए जा रहे बेहिसाब पैसों की लोकतांत्रिक लिहाज़ से जांच-पड़ताल

कोरोना में कावड़ यात्रा, दो-बच्चे कानून का प्रस्ताव और यूपी में एकदलीय व्यवस्था की आहट!

नज़रिया: उत्तर प्रदेश आज निरंकुशता और अराजकता का सर्वनाम, 2022 में योगीराज की विदाई तय!

हाथरस बनाम बलरामपुर, यूपी बनाम राजस्थान की बहस कौन खड़ी कर रहा है!

एक अन्याय से दूसरा अन्याय दूर नहीं किया जा सकता

क्या योगी राज में अब विरोध प्रदर्शन का अधिकार ख़त्म हो गया है?

#अलीगढ़ : आपको किस बात में दिलचस्पी है, इंसाफ़ में या हिन्दू-मुस्लिम में?

UP-PSC: योगी जी, आपकी चेतावनी बेमानी लगती है!

चुनाव 2019; यूपी : नयी राजनीतिक आहटें—क़रीब आती हुईं


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License