NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
आख़िर लोग वाट्सऐप क्यों छोड़ रहे हैं?
वाट्सऐप ने नयी प्राइवेसी पॉलिसी जारी की है। जो 8 फरवरी 2021 से लागू हो जाएगी। आप इस पॉलिसी से सहमत हैं या नहीं ये बात कोई मायने नहीं रखती है।
राज कुमार
10 Jan 2021
वाट्सऐप

इन दिनों आप सुन रहे होंगे कि बहुत से लोग “वाट्सऐप” (WhatsApp) को छोड़ने की बात कर रहे हैं। जिसका कारण वाट्सऐप की नयी प्राइवेसी पॉलिसी है। सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में “वाट्सऐप" की नयी प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर चर्चा हो रही है। चिंता जताई जा रही है कि वाट्सऐप यूजर्स की जानकारियां फेसबुक और फेसबुक समूह की अन्य कंपनियों के साथ साझा की जाएंगी। क्या है वाट्सऐप की नयी प्राइवेसी पॉलिसी और आपकी कौनसी जानकारियां साझा की जाएंगी? आइये, समझते हैं।

वाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी 2021

वाट्सऐप ने नयी प्राइवेसी पॉलिसी जारी की है। जो 8 फरवरी 2021 से लागू हो जाएगी। आप इस पॉलिसी से सहमत हैं या नहीं ये बात कोई मायने नहीं रखती है। अगर आप वाट्सऐप का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आपको इसे स्वीकार करना ही होगा और सहमति देनी होगी। अगर आप नयी पॉलिसी को स्वीकार नहीं करते हैं तो आप वाट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

आप जानते होंगे कि वाट्सऐप अब फेसबुक का ही एक अंग है। फेसबुक अकेली कंपनी नहीं है बल्कि इसके अलावा पांच अन्य कंपनियां भी फेसबक समूह का हिस्सा है। नयी पॉलिसी के अनुसार ये सभी कंपनियां एक-दूसरे के डेटा को साझा कर सकती हैं। यही लोगों की चिंता का विषय है। तो आईये! समझते हैं कि आपका कौन-सा डेटा साझा किया जा सकता है और आपकी कौन-सी जानकारियां सर्वर पर स्टोर की जाती हैं।

क्या वाट्सऐप आपके मैसेज और फोटो/वीडियो आदि अपने सर्वर पर स्टोर करता है?

वाट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी का कहना है कि वो सिर्फ दो कारणों से ही आपके संदेश आदि को अपने सर्वर पर स्टोर करता है।

1.अगर किसी कारणवश आपका संदेश डिलीवर नहीं हो पाता है तो वाट्सऐप उसे एक महीने तक अपने सर्वर पर रखता है और इस दौरान इसे भेजने की कोशिश करता रहता है।

2. अगर आप किसी संदेश के साथ फोटो/वीडियो भी फारवर्ड करते हैं तो कुछ समय के लिये वाट्सऐप इन फोटो/वीडियो को अपने सर्वर पर स्टोर करता है।

आपकी कौन-सी जानकारियां संग्रहित की जाती हैं?

1.आपकी सर्विस सेटिंग, आप किसको कॉल या मैसेज करते हैं, आपकी वाट्सऐप पर सारी गतिविधि, आप और किन सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, वाट्सऐप पर बाकी लोगों से संवाद करने का आपका पैटर्न क्या है (इसमें औद्योगिक और वित्तीय जानकारियां भी शामिल हैं), आप कब वाट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं, कितना इस्तेमाल करते हैं, वाट्सऐप पर आपका स्टेटस, आपकी कॉल रिपोर्ट।

इसके अलावा आपके वाट्सऐप ग्रुप का नाम, प्रोफाइल फोटो, ग्रुप डिस्क्रिप्शन आदि। अगर आप वाट्सऐप बिज़नेस का इस्तेमाल करते हैं तो आपकी लेन-देन संबंधी जानकारी, प्रोफाइल फोटो, आपका डिस्क्रिप्शन, आप पिछली बार किस समय वाट्सऐप का इस्तेमाल किया था और आपने अपना डिस्क्रिप्शन आखिरी बार कब अपडेट किया था आदि जानकारियां वाट्सऐप ऑटोमेटिकली संग्रहित करता रहता है।

2.इसके अलावा आपकी अनुमति से आपकी लोकेशन संबंधित जानकारी भी संग्रहित की जा सकती है। जब आप सेटिंग में जाकर वाट्सऐप को लोकेशन फीचर इस्तेमाल करने की अनुमति देते हैं। लेकिन कुछ जानकारियां लोकेशन फीचर की अनुमति के बिना भी संग्रहित की जाती हैं। जैसे- आपके डिवाइस का आइपी एड्रेस, आपके फोन नंबर का एरिया कोड जिससे आपकी अनुमानित लोकेशन का अंदाज़ा लगाया जा सके। यानी वाट्सऐप आपकी लोकेशन का इस्तेमाल कर सकता है।

3.वाट्सऐप ये जानकारियां भी संग्रहित करता है कि आपने वाट्सऐप कब इंस्टाल किया, आपके फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम कौन सा है, आपका बैटरी लेवल क्या है, आपके फोन में सिग्नल कितना है, आपका फोन नंबर क्या है और आप किस कंपनी का सिम इस्तेमाल करते हैं। वाट्सऐप ये सब जानकारियां फेसबुक और फेसबुक समूह की अन्य कंपनियों के साथ साझा कर सकता है। फिलहाल वाट्सऐप मात्र सॉफ्टवेयर ही नहीं बल्कि हार्डवेयर संबंधि जानकारियां भी संग्रहित कर रहा है।

4.वाट्सऐप के अलावा अन्य इंटरनेट सेवाओं पर आपकी गतिविधियों को भी संग्रहित किया जाता है। ऐसा इसलिये किया जाता है ताकि आपकी पिछली गतिविधियों के हिसाब से आपको संबंधित सेवाएं और सुझाव दिये जा सके। आप कुकीज़ की सेटिंग में जाकर इसमें फेर-बदल कर सकते हैं।

5.अगर आप वाट्सऐप पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लेन-देन संबंधी जानकारियां भी संग्रहित की जाएंगी। जैसे- आपके अकाउंट संबंधी जानकारी, शिपिंग डिटेल, पेमेंट का तरीक और कितने रुपये का लेन-देन हुआ आदि।

फेसबुक के साथ डेटा साझा क्यों किया जा रहा है?

वर्ष 2019 में ही मार्क ज़ुकरबर्ग कह चुके हैं कि वो फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाट्सऐप तीनों का एकीकरण करना चाहते हैं। यह धीरे-धीरे शुरू भी हो चुका है। अगर आप इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते हैं तो आपको जानकारी होगी कि इंस्टाग्राम और फेसबुक मैसेंजर का एकीकरण हो चुका है। तो क्या अब वाट्सऐप पर भी आपके डेटा और इंटरनेट पर आपकी एक्टिविटी के हिसाब से आपको विज्ञापन दिखाये जाएंगे? अब तक ऐसा नहीं है। असल में वाट्सऐप पर आपकी एक्टिविटी के हिसाब से फेसबुक पर आपको विज्ञापन परोसे जाएंगे।

फिलहाल पूरी दुनिया में वाट्सऐप की इस नयी पॉलिसी को लेकर यूजर्स चिंता जाहिर कर रहे हैं और वाट्सऐप छोड़ रहे हैं। लोग वाट्सऐप के अलावा दूसरे विकल्पों को ढूंढ रहे हैं। आप सोच रहे होंगे कि क्या वाट्सऐप का इस्तेमाल करना ख़तरनाक है? क्या आपका फोन हैक किया जा सकता है और फोन का डेटा चुराया जा सकता है? तो आपको बता दें कि दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी और अमेज़न कंपनी की संस्थापक जेफ बेजोस का फोन हैक हो सकता है तो आपका क्यों नहीं। इस क़िस्से पर बात फिर कभी।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते रहते हैं।)

WhatsApp
Whatsapp Privacy
WhatsApp's new privacy policy
Whatsapp privacy policy 2021
Facebook
Whatsapp Data
Will Cathcart
Mark Zuckerberg
instagram
Social Media

Related Stories

बीजेपी के चुनावी अभियान में नियमों को अनदेखा कर जमकर हुआ फेसबुक का इस्तेमाल

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं

मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!

हेट स्पीच और भ्रामक सूचनाओं पर फेसबुक कार्रवाई क्यों नहीं करता?

छत्तीसगढ़ की वीडियो की सच्चाई और पितृसत्ता की अश्लील हंसी

उच्च न्यायालय ने फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से किया इंकार

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने

कैसे बना सोशल मीडिया राजनीति का अभिन्न अंग?

नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?


बाकी खबरें

  • भाजपा
    सुहित के सेन
    क्या भाजपा बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में भी लड़खड़ाएगी
    15 Jun 2021
    आक्रोशित किसान और महामारी से निबटने के खराब प्रबंधन का मतलब तो यही है कि विपक्ष अगले कुछ महीने बाद उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव पर अपना क़ब्ज़ा जमा सकता है। 
  • महंगाई की मार सरकारी नीतियों के कोड़े से निकलती है
    अजय कुमार
    महंगाई की मार सरकारी नीतियों के कोड़े से निकलती है
    15 Jun 2021
    भारत सरकार अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रीडमैन की उसी उक्ति पर चल रही है कि महंगाई एक ऐसा टैक्स है जिसे सरकार बिना किसी कानून के जरिए लगाती है।
  • सेंट्रल विस्टा की राह में आने वाले कानूनों को सरकार कर रही है नज़रअंदाज़
    टिकेंदर सिंह पंवार
    सेंट्रल विस्टा की राह में आने वाले कानूनों को सरकार कर रही है नज़रअंदाज़
    15 Jun 2021
    सरकार को कथित रूप से ‘वास्तु’ से जुड़े वास्तुकारों द्वारा इस बात को समझा दिया गया है कि जब तक यह खुद को गोलाकार संसद भवन से स्थानांतरित नहीं करती, सत्तारूढ़ भाजपा 2024 के आम चुनावों में अपनी सत्ता को…
  • योगी
    लाल बहादुर सिंह
    नज़रिया: उत्तर प्रदेश आज निरंकुशता और अराजकता का सर्वनाम, 2022 में योगीराज की विदाई तय!
    15 Jun 2021
    संघ-भाजपा के लिए भी यह जीवन-मरण का प्रश्न है, 2024 में पुनर्वापसी की उम्मीद को ज़िंदा रखना है,  तो 2022 में उत्तर प्रदेश उन्हें हर हाल में जीतना होगा। पश्चिम बंगाल में दुर्गति के बाद उनका desperation…
  • कराची में प्रस्तावित विध्वंस का विरोध, हज़ारों बच्चे हो सकते हैं बेघर
    पीपल्स डिस्पैच
    कराची में प्रस्तावित विध्वंस का विरोध, हज़ारों बच्चे हो सकते हैं बेघर
    15 Jun 2021
    कराची मेट्रोपॉलिटन कॉरपोरेशन द्वारा गुर्जर नाले के पास पट्टे पर दिए गए ज़मीन पर बने मकानों को गिराने से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी भी तरह अतिक्रमण हटाना होगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License