NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों के लिए लड़ूंगा : ‘दिद्दा’ के लेखक ने कहा
‘दिद्दा: द वारियर क्वीन ऑफ कश्मीर’ के लेखक आशीष कौल ने रनौत पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया था जिसके बाद अदालत ने पुलिस को रनौत के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था।
भाषा
13 Mar 2021
दिद्दा
फोटो साभार : पंजाब केसरी

मुंबई:  मुंबई की एक अदालत ने जिस लेखक की शिकायत पर अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध मामला दर्ज करने का आदेश दिया था, उन्होंने कहा है कि वह अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों के हनन के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।

‘दिद्दा: द वारियर क्वीन ऑफ कश्मीर’ के लेखक आशीष कौल ने रनौत पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया था जिसके बाद अदालत ने पुलिस को रनौत के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था।

कौल ने कहा, “मैंने सफेदपोश अपराध और अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों के खुल्लम-खुल्ला तथा बेशर्मी से किए गए उल्लंघन के विरुद्ध नई यात्रा की शुरुआत की है।”

उन्होंने कहा, “विभिन्न पुलिस स्टेशनों का चक्कर काटने के बाद, मैं बांद्रा के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के पास गया और कंगना रनौत तथा अन्य द्वारा किए गए कॉपीराइट उल्लंघन के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए मुंबई पुलिस को निर्देश देने के वास्ते गुहार लगाई। यह आपराधिक धोखाधड़ी का मामला है।”

कौल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि वह एक पखवाड़े तक परेशान रहे जिसके बाद उन्होंने अदालत जाने का फैसला किया।

उन्होंने कहा कि पैसे वाले तथा ताकतवर लोग कानून तोड़कर ‘कंटेंट’ निर्माण करने वालों के अधिकारों का हनन करते हैं।

कौल ने कहा, “यह प्रत्येक कंटेंट क्रियेटर की लड़ाई है जो इस शहर में प्रतिभा, माथे पर पसीने और ‘आत्मनिर्भरता’ के विश्वास के साथ आता है। एक आम आदमी जो महंगे वकीलों का खर्च नहीं उठा सकता और पुलिस स्टेशन जाने से डरता है उसे सफेदपोश डकैतों के विरुद्ध न्याय मिलेगा या नहीं, यह इस लड़ाई के नतीजे से साबित होगा।”

कौल ने कहा कि उन्होंने रनौत को अपनी किताब की कहानी के बारे में एक ई-मेल भेजा था और उन्होंने अपनी फिल्म की घोषणा करते समय बिना अनुमति लिए कहानी के कुछ अंश का ट्वीट में इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा, “क्या यह विश्वास करने लायक है कि एक प्रसिद्ध अभिनेत्री से सामाजिक कार्यकर्ता बनी महिला एक कहानी और किताब की सामग्री को चुरा लेगी?”

Didda The Warrior Queen of Kashmir
Didda
Kangana Ranaut
Ashish Kaul

Related Stories

मीडिया का ग़लत गैरपक्षपातपूर्ण रवैया: रनौत और वीर दास को बताया जा रहा है एक जैसा

नया ज्ञान : 2014 में मिली असली आज़ादी!

नया इंडिया आला रे!

कार्टून क्लिक: भीख में कभी आज़ादी नहीं मिलती

भारत एक मौज: बंगाल चुनाव, फटी जींस और वायरल हो रहे नेताओं के तमाम बयान!

क्या अर्नब और कंगना को महत्वपूर्ण बना रही है महाराष्ट्र सरकार?

महामहिम कोश्यारी को संविधान से ऐसी चिढ़ क्यों?

जहालत का मुंबइया ड्रामा, कोरोना-समक्ष समर्पित सत्ता और टीवीपुरम्

सोशल मीडिया : “कोई अबला और विक्टिम नहीं, बस यह एक खेल है, देखते रहिए”

उद्धव सरकार और बॉलीवुड-विरोधी मोर्चा संभालेगी कंगना!


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License