NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जुर्माना भरूंगा, पुनर्विचार याचिका दायर करने का अधिकार सुरक्षित: भूषण
भूषण ने प्रेस वार्ता में कहा, “ पुनर्विचार याचिका दायर करने का मेरा अधिकार सुरक्षित है, मैं अदालत द्वारा निर्देशित जुर्माने को अदा करने का प्रस्ताव देता हूं।” उन्होंने समर्थन के लिए सभी लोगों का आभार भी जताया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Aug 2020
प्रशांत भूषण
फोटो: प्रशांत भूषण के ट्विटर हैंडल से साभार

नयी दिल्ली: वरिष्ठ अधिवक्ता और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण ने कहा है कि वह अवमानना मामले में उच्चतम न्यायालय की तरफ से लगाया गया एक रुपये का सांकेतिक जुर्माना भरेंगे लेकिन यह भी कहा कि वह आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर कर सकते हैं।

भूषण पर अवमानना का मामला न्यायपालिका के खिलाफ उनके ट्वीट को लेकर चल रहा था।

अधिवक्ता-एक्टिविस्ट भूषण ने कहा कि वह न्यायपालिका का बहुत सम्मान करते हैं और उनके ट्वीट शीर्ष अदालत या न्यायपालिका का अपमान करने के लिए नहीं थे।

भूषण ने प्रेस वार्ता में कहा, “ पुनर्विचार याचिका दायर करने का मेरा अधिकार सुरक्षित है , मैं अदालत द्वारा निर्देशित जुर्माने को अदा करने का प्रस्ताव देता हूं।”

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने भूषण पर सोमवार को सज़ा के रूप में एक रुपये का सांकेतिक जुर्माना किया और अदा न करने की एवज़ में 3 महीने की जेल और 3 साल प्रैक्टिस पर रोक का फ़रमान सुनाया।

न्यायालय ने न्यायपालिका के खिलाफ दो ट्वीट के लिये दोषी ठहराये गये प्रशांत भूषण को 15 सितंबर तक शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में जुर्माने की राशि जमा कराने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमुर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने प्रशांत भूषण को सज़ा सुनाते हुये कहा कि जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर उन्हें तीन महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी और तीन साल तक उनके वकालत करने पर प्रतिबंध रहेगा।

पीठ ने कहा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी बाधित नहीं की जा सकती है लेकिन दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करना होगा।

शीर्ष अदालत ने 14 अगस्त को प्रशांत भूषण को न्यायपालिका के खिलाफ दो ट्वीट के लिये आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराया था और कहा था कि इन्हें जनहित में न्यापालिका के कामकाज की स्वस्थ आलोचना नहीं कहा जा सकता।

भूषण ने अपने बयान में इन ट्वीट के लिये न्यायालय से क्षमा याचना करने से इंकार करते हुये कहा था कि वह जिसमे विश्वास करते हैं वही, उन्होंने कहा था।

उन्होंने कहा था कि अपने विचारों को व्यक्त करने पर सशर्त अथवा बिना किसी शर्त माफ़ी मांगना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि निष्ठाहीन माफ़ी मांगना मेरे अन्तःकरण की और एक संस्था की अवमानना के समान होगा। भूषण के अपने रुख पर कायम रहने पर अदालत ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था।

इस फ़ैसले के बाद प्रशांत भूषण ने दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि एक संस्था के तौर पर वे सुप्रीम कोर्ट का बहुत ज्यादा सम्मान करते हैं। और इसे उम्मीद के आख़िरी स्तंभ के तौर पर देखते हैं, ख़ासकर ग़रीबों और वंचित तबकों के लिए जो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इसके दरवाज़े पर दस्तक देते हैं।

उन्होंने कहा कि यह केस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और न्यायिक जवाबदेही और उसमें सुधारों के प्रति शायद देश का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहा है।

उन्होंने कहा कि मैं अनगिनत लोगों द्वारा दिए गए समर्थन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करता हूं। ख़ासकर पूर्व जजों, वकीलों, कार्यकर्ताओं और हज़ारों हज़ार नागरिकों का, जिन्होंने उन्हें अपने विश्वास और अंतरात्मा में अडिग बने रहने का साहस प्रदान किया।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

इसे पढ़ें : प्रशांत भूषण पर एक रुपये का जुर्माना, न देने पर 3 महीने की जेल और 3 साल प्रैक्टिस पर रोक

 

prashant bhushan
Prashant Bhushan fined 1rs
Supreme Court
Prashant Bhushan's Tweet

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • malaria
    शंभूनाथ शुक्ल
    'स्वच्छ भारत' के ढोल के बीच मलेरिया से मरता भारत
    01 Sep 2021
    इस साल एक तरफ तो मानसून की बारिश अच्छी हुई, वहीं दूसरी तरफ पूरे उत्तर भारत में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया तथा वायरल बुखार ने मानसून की खुशी मायूसी में बदल दी है।
  • Visva-Bharati University
    संदीप चक्रवर्ती
    विश्वभारती विश्वविद्यालय के छात्रों ने साथियों के निष्कासन का किया विरोध, वीसी पर कैंपस के 'भगवाकरण' का आरोप
    01 Sep 2021
    वीबीयू अधिकारियों ने वामपंथी झुकाव वाले तीन मास्टर्स डिग्री छात्रों को बर्ख़ास्त करने का फ़ैसला किया है, जिससे परिसर में एक और विरोध शुरू हो गया है।
  • Dushyant Kumar
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    विशेष: ...मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए
    01 Sep 2021
    हिन्दी में ग़ज़ल को लोकप्रिय बनाने वाले जनता के कवि-शायर दुष्यंत कुमार का आज (1 सितंबर) जन्मदिन है। 30 दिसंबर को पुण्यतिथि के मौके पर 2019 में ये वीडियो पैकेज तैयार किया गया था। लेकिन ये आज भी उतना…
  • पीपल्स डिस्पैच
    अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी आक्रमण के बाद से क़रीब 33,000 बच्चे मारे गए या विकलांग हुए
    01 Sep 2021
    चूंकि दो दशक लंबा चला अमेरिका के नेतृत्व में अफगानिस्तान पर नाटो का
  • J&K
    अनीस ज़रगर
    अफ़ग़ान की नई स्थिति के बीच कई कश्मीरी दल चुनावों की तैयारियों में मशगूल
    01 Sep 2021
    फारूख अब्दुल्लाह का दावा है कि नेशनल कांफ्रेंस आगामी चुनावों में भारी जीत दर्ज करने जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें 2018 के पंचायत चुनावों में अपनी पार्टी के बहिष्कार करने के फैसले पर खेद है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License