NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
सरकार पर सीएए वापस लेने के लिये दबाव बनायेंगे: येचुरी
वामदलों के संयुक्त विरोध प्रदर्शन के दौरान येचुरी सहित अन्य वाम नेताओं सहित लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें विभिन्न इलाकों में छोड़ दिया गया। मंडी हाउस पर विरोध प्रदर्शन करने नहीं देने पर प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पहुंच गये।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Dec 2019
left protest against CAA
Image Courtesy: Rediff

नई दिल्ली: माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के बाद पूरे देश में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को भी लागू करने की धमकी दे रही है, विपक्षी दल और राज्य सरकारें अब इसके विरोध में एकजुट होकर आंदोलन कर सरकार पर माकूल दबाव बनाकर सीएए और एनआरसी को वापस लेने पर मजबूर करेंगी।

येचुरी ने सीएए और एनआरसी के विरोध में आयोजित विरोध प्रदर्शन में कहा कि सरकार ने देश को धर्म के आधार पर बांटने के लिये ये कानून पारित किये हैं। उन्होंने कहा, ‘सरकार बताये कि हमारे संविधान में नागरिकता को धर्म से कहां जोड़ा गया है। अगर संविधान में कहीं भी नागरिकता को धर्म से नहीं जोड़ा गया है तो सरकार ये जो कुछ भी कर रही है वह संविधान के विरुद्ध है, जो हमें स्वीकार्य नहीं है।’
 
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने मंडी हाउस पर वामदलों के संयुक्त विरोध प्रदर्शन के दौरान येचुरी सहित अन्य वाम नेताओं सहित लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें विभिन्न इलाकों में छोड़ दिया गया। मंडी हाउस पर विरोध प्रदर्शन करने नहीं देने पर प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पहुंच गये।

येचुरी ने भी जंतर मंतर पहुंच कर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने आंदोलन की भविष्य की रूपरेखा के बारे में संवाददाताओं को बताया, ‘सीएए संसद से पारित हो गया, अब सरकार एनआरसी पूरे देश में लागू करने की धमकी दे रही है। हम एनआरसी लागू नहीं होने देंगे।’

 उन्होंने कहा, ‘जो राजनीतिक दल सीएए पर सरकार समर्थन कर रहे थे, वे राजनीतिक दल और तमाम राज्य सरकारें भी एनआरसी के विरोध में उतर आयी गयी हैं। इन प्रदर्शनों के चलते सरकार पर दबाव बढ़ेगा और हम इतना दबाव बढ़ायेंगे कि सरकार इसे वापस लेने पर मजबूर हो जाये।’

उल्लेखनीय है कि वाम दलों ने सीएए और एनआरसी के विरोध में बृहस्पतिवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। अन्य विपक्षी दल और संगठन भी दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

जंतर मंतर पहुंची भीड़

संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में गुरूवार को यहां जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए। इससे पहले उन्हें लाल किला और मंडी हाउस पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गयी जहां निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है।

इसके बाद प्रदर्शनकारी जंतर मंतर की ओर बढ़ने लगे और इसे देखते हुए प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों और अवरोधकों को लगाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने छात्रों और कार्यकर्ताओं से शांति बरतने की अपील की है। पुलिस ने किसी भी हालात से निपटने के लिए जंतर मंतर पर वाटर कैनन भी तैनात कर दिये हैं।
80996848_10213853427963782_2630456319617794048_n.jpg
दिल्ली में कम से कम 19 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिये गये हैं वहीं दक्षिण, पूर्वी और उत्तरी दिल्ली के बड़े हिस्से में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाये गये हैं। शहर में कई जगहों पर यातायात की भी समस्या आ रही है।

 लाल किले के आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बसों में बंद किया। इलाके को खाली करने के प्रयास के तहत यह किया गया जहां धारा 144 लागू है।

CAA
Protest against CAA
Left Parties Protest
Sitaram yechury
CPIM
CPI
NRC
Protest against NRC
DMRC

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

कोलकाता: बाबरी मस्जिद विध्वंस की 29वीं बरसी पर वाम का प्रदर्शन

अल्पसंख्यकों पर हमलों के ख़िलाफ़ 1 दिसंबर को माकपा का देशव्यापी प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल: वामपंथी पार्टियों ने मनाया नवंबर क्रांति दिवस

भारत बंद को सफल बनाने के लिए हर वर्ग से समर्थन मिल रहा हैः सीपीआई (एम)


बाकी खबरें

  • ram_navmi
    अफ़ज़ल इमाम
    बढ़ती हिंसा व घृणा के ख़िलाफ़ क्यों गायब है विपक्ष की आवाज़?
    13 Apr 2022
    हिंसा की इन घटनाओं ने संविधान, लोकतंत्र और बहुलतावाद में विश्वास रखने वाले शांतिप्रिय भारतवासियों की चिंता बढ़ा दी है। लोग अपने जान-माल और बच्चों के भविष्य को लेकर सहम गए हैं।
  • varvara rao
    भाषा
    अदालत ने वरवर राव की स्थायी जमानत दिए जाने संबंधी याचिका ख़ारिज की
    13 Apr 2022
    बंबई उच्च न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में कवि-कार्यकर्ता वरवर राव की वह याचिका बुधवार को खारिज कर दी जिसमें उन्होंने चिकित्सा आधार पर स्थायी जमानत दिए जाने का अनुरोध किया था।
  • CORONA
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,088 नए मामले, 26 मरीज़ों की मौत
    13 Apr 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 5 लाख 21 हज़ार 736 लोग अपनी जान गँवा चुके है।
  • CITU
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन
    13 Apr 2022
    ये सभी पिछले माह 39 दिन लंबे चली हड़ताल के दौरान की गई कार्रवाई और बड़ी संख्या आंगनवाड़ी कर्मियों को बर्खास्त किए जाने से नाराज़ थे। इसी के खिलाफ WCD के हेडक्वार्टस आई.एस.बी.टी कश्मीरी गेट पर प्रदर्शन…
  • jallianwala bagh
    अनिल सिन्हा
    जलियांवाला बाग: क्यों बदली जा रही है ‘शहीद-स्थल’ की पहचान
    13 Apr 2022
    जलियांवाला बाग के नवीकरण के आलोचकों ने सबसे महत्वपूर्ण बात को नज़रअंदाज कर दिया है कि नरसंहार की कहानी को संघ परिवार ने किस सफाई से हिंदुत्व का जामा पहनाया है। साथ ही, उन्होंने संबंधित इतिहास को अपनी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License